: सती विरह और पार्वती तप की कथा से श्री महाकालेश्वर मंदिर में बहा भक्ति और करुणा का निर्झर,शिवमहापुराण कथा के तीसरे दिन भावविभोर हुए श्रद्धालु
Pragya News 24
Sun, Jul 13, 2025
- कथा व्यास आचार्य मृदुलकांत शास्त्री बोले, सती का प्रेम त्याग है, पार्वती का प्रेम तप है और शिव, दोनों का मौन उत्तर हैं
- आचार्य सुनील वशिष्ठ बोले , यह कथा केवल पौराणिक प्रसंग नहीं, हमारे भीतर के शिवत्व को जागृत करने की साधना है
- कल दयालबाग क्षेत्र में निकलेगी भव्य दिव्य शिव बारात, नासिक बैंड बनेगा आकर्षण , झांकियों को देखने उमड़ेगा भक्तों का सैलाब
आगरा, दयालबाग। श्री महाकालेश्वर मंदिर, दयालबाग पर सावन महोत्सव समिति द्वारा आयोजित श्री शिव महापुराण कथा एवं महा रुद्राभिषेक महोत्सव के तीसरे दिन भक्ति, करुणा और साधना का दुर्लभ समागम देखने को मिला। आयोजन की प्रत्येक कड़ी में शिव के प्रति गहन श्रद्धा और आंतरिक अनुभूति प्रवाहित होती रही।
प्रातः महा रुद्राभिषेक से दिन का शुभारंभ हुआ, जिसमें 153 श्रद्धालु जोड़ों ने 153 आचार्यों के सान्निध्य में भगवान शिव का पूजन किया। मंत्रोच्चार और जलाभिषेक के बीच पूरा वातावरण शिवमय हो गया। रुद्राभिषेक के उपरांत श्रद्धालुओं ने सवा लाख शिवलिंग निर्माण संकल्प के अंतर्गत पार्थिव शिवलिंग निर्माण किया, जिसमें मिट्टी से शिवलिंग बनाकर शिव नाम के जप के साथ अर्पण किया गया। पूजा में श्रद्धा, संयम और साधना का सुंदर समन्वय दिखाई दिया।
सायं कथा में सती के आत्मबलिदान, शिव के मौन और पार्वती के तप का गहन, भावपूर्ण वर्णन कथा व्यास आचार्य मृदुलकांत शास्त्री द्वारा किया गया। उन्होंने कहा कि सती ने जब अपमान सहा, तो देह छोड़ दी परंतु प्रेम नहीं। शिव ने जब वियोग सहा, तो संन्यास ओढ़ लिया परंतु करुणा नहीं छोड़ी। पार्वती का तप दर्शाता है कि सच्चा प्रेम बाह्य प्रदर्शन नहीं, भीतरी समर्पण है।
संयोजक आचार्य सुनील वशिष्ठ ने कहा कि यह शिवमहापुराण केवल एक कथा नहीं, यह प्रत्येक मनुष्य के भीतर उपस्थित शिवत्व को जागृत करने की प्रक्रिया है। सती और पार्वती, दोनों स्त्री रूपों में प्रेम, त्याग और तप की ऐसी प्रतिमाएं हैं, जो हर युग के लिए आदर्श हैं।
मंदिर परिसर में 11 फीट ऊँचे रुद्राक्ष शिवलिंग और मानसरोवर झील की झांकी भक्तों की भक्ति और आकर्षण का केंद्र बनी रही। दिनभर श्रद्धालु दर्शन हेतु कतारों में शिव नाम के जाप के साथ उपस्थित रहे।
आज निकलेगी भव्य दिव्य शिव बारात
संयोजक पवन शर्मा ने बताया कि सोमवार को सेसायं 5 बजे जतिन रिजॉर्ट से भव्य शिव बारात निकलेगी। शिव बारात में शिव तांडव, नृत्यमयी झांकियां, भजन मंडलियां और नासिक बैंड विशेष आकर्षण होंगे। पुष्पांजलि, अदन बाग से 100 फीट रोड होती हुई शिव बारात कथा स्थल पहुंचेगी।
ये रहे उपस्थित
प्रदीप द्विवेदी, अरविंद द्विवेदी, रामचरण शर्मा, पवन शर्मा, सुनील शर्मा, सुभाष गिरी, सरिता तिवारी, नीलू पांडे, युवराज द्विवेदी, विपिन पाराशर आदि उपस्थित रहे।
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