: खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में हाथरस रखता है अलग पहचान, उद्योगपतियों को संगठित होकर करना होगा काम
Mon, Jan 20, 2025
फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री एसोसिएशन के हाथरस चैप्टर ने आयोजित किया भविष्य की संभावना एवं चुनाैतियों पर विचार विमर्श कार्यक्रम
जिले में फूड पार्क स्थापना की उठायी गयी मांग, हींग, मिष्ठान और मसालों की दुनिया दीवानी, अब विश्व मंच पर देनी है पहचान
जिले के विकास से रफ्तार मिलेगी खाद्य प्रसंस्करण के उद्योग को, टेस्टिंग लैब स्थापना की सरकार से उद्यमियों ने की मांग
हाथरस। खाद्य प्रसंस्करण उद्योग आर्थिक मजबूती का आधार बन रहा है, सरकार इस उद्योग की संभावनाओं को गंभीरता से ले रही है, इसी के चलते लगातार अनुदान की सौगातें मिल रही हैं। बस जरूरत है कि सरकार की नीतियों की सही जानकारी रखें और अपने उद्योग को नए आयाम दें। मुख्य वक्ता एवं संस्था के सरकारी नीतियों के आर्थिक विशेषज्ञ सीए आरके जैन ने खाद्य प्रसंस्करण नीति के बारे में यह जानकारी दी।
चैंबर आफ फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री एसोसिएशन द्वारा सोमवार को भविष्य की संभावनाओं और चुनौतियों के साथ सरकार की नीतियों पर गहनता से विचार विमर्श किया गया। रामोजी रिसॉर्ट में संस्था द्वारा विचार विमर्श कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ चैंबर आफ फूड प्राेसेसिंग इंडस्ट्री एसोएसिएशन आगरा चैप्टर के संरक्षक विष्णु कुमार गाेयल, अध्यक्ष राजकुमार भगत, महासचिव अनुज सिंघल, उपाध्यक्ष नितिन अग्रवाल (मुंशी पन्ना), सचिव विकास चतुर्वेदी, अवध अग्रवाल, हर्ष मित्तल, कीर्ति मेहरा, विशाल चाहर ने मां भारती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्जवलन कर किया।
कार्यक्रम संयोजक नितिन अग्रवाल (निदेशक सर्वेश्वर फूड) और नितिन वार्ष्णेय (निदेशक बीएमबी मसाले) ने अतिथियों का स्वागत किया।
कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए नितिन अग्रवाल ने कहा कि हाथरस बहुत तेजी से खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में कार्य कर रहा है। यदि सरकार यहां फूड पार्क एवं टेस्टिंग लैब की स्थापना कर दे तो उद्योग को पंख लग सकते हैं।
नितिन वार्ष्णेय ने कहा कि प्रदेश में व्यापक तरीके से खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में तेजी से कार्य करने वाला जिला हाथरस आज बन चुका है। आज भारत में ही नहीं बल्कि विश्व में हाथरस कन्फेंसरी, नमकीन, बेकरी, मसाले, घी, मिष्ठान और मेवे जैसे खाद्यों के प्रसंस्करण में बहुत तेजी से अपनी छाप बना रहा है।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता एवं संस्था के सरकारी नीतियों के आर्थिक विशेषज्ञ सीए आरके जैन ने कहा कि प्रधानमंत्री सूक्ष्म एवं खाद्य प्रसंस्करण योजना के अंतर्गत सरकार 35 प्रतिशत तक अनुदान दे रही है। बैंक भी 90 प्रतिशत ऋण दे रही हैं। बहुत सारे उत्पाद हैं जिनपर सरकार छह प्रतिशत तक ब्याज में छूट भी रही है। सोलर प्लांट और निर्यात पर भी 25 प्रतिशत तक सब्सिडी सरकार उपलब्ध करा रही है। विगत 10 अक्टूबर के बाद सरकार ने ग्रामीण गोदाम पर महिलाओं और दिव्यांगों को अधिक से अधिक एक करोड़ तक का अनुदान प्रदान करने की नीति जारी कर दी है। यदि वर्तमान में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग में निवेश किया जाए तो भविष्य सुनहरा हो सकता है।
संस्था के चीफ एडवाइजर मनीष अग्रवाल ने संगठन के विस्तार और उपयोगिता को लेकर उद्यमियों को जागरुक किया। कहा कि सरकार खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को महत्वपूर्ण दृष्टि से देखती है। इसकी असीम संभावनाओं को लेकर संगठित होकर आगे बढ़ना होगा। कार्यक्रम में संस्था से जुड़े नये सदस्यों का स्वागत किया गया।
इस अवसर पर धीरेंद्र कुमार वार्ष्णेय, अशाेक अग्रवाल, वैभव खंडेलवाल, राहुल शर्मा, सचिन अग्रवाल, सौरभ वार्ष्णेय, मुकेश बंसल, प्रमोद कुमार सालूजा आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम की व्यवस्थाएं एडमिनिस्ट्रेटर अपराक शर्मा और दिलीप कुमार ने संभालीं।
फूड फैक्ट 2025 की हुयी घाेषणा
कार्यक्रम में चैंबर आफ फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री एसोसिएशन के चीफ एडवाइजर मनीष अग्रवाल ने आगरा में 22, 23 और 24 मार्च को आयोजित होने जा रहे फूड फैक्ट 2025 (फूड, आर्ट, चैन एंड टैक्नोलोजी एक्जिबीशन एंड कॉन्फ्रेंस) की घाेषणा की। उन्होंने हाथरस के उद्यमियों को आयोजन के लिए आमंत्रित किया और इसकी उपयोगिता को बताया।
ये जुड़े नये सदस्य
नितिन अग्रवाल, सचिन अग्रवाल, वैभव खंडेलवाल, विशाल चाहर, सौरभ गुप्ता, तरुण अग्रवाल ने संस्था की सदस्यता ग्रहण की।
: खुद का आत्मविश्वास जगाएंगी तभी कहलाएंगी “शी विल इंस्पायर”
Mon, Jan 20, 2025
स्टार्ट अप करने वाली महिला उद्यमियों की संस्था शी विल इंस्पायर ने किया विंग्स आफ 2025 का आयोजन
महिला सुरक्षा और अधिकार पर इंटरनेशनल मोटिवेशनल स्पीकर और कराटे चैंपिययन अपर्णा राजावत ने दिए टिप्स
आगरा। तूफानों से आंख मिलाओ, सैलाबों पे वार करो, मल्लाहों का चक्कर छोड़ो, तैर के दरिया पार करो…जमीन तुम्हारी है, अब आसमान पूरा अपना करो…क्योंकि आप शी विल इंस्पायर हो। संस्थापक राशि गर्ग ने इन पंक्तियों के साथ शी विल इंस्पायर संस्था के नये सत्र विंग्स आफ 2025 का आगाज किया। सोमवार को होटल होलीडे इन में स्टार्ट अप कर स्वयं की पहचान बनाने वाली महिलाओं की संस्था शी विल इंस्पायर के कार्यक्रम विंग्स आफ 2025 का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ बबिता चौहान, डॉ रंजना बंसल, अपर्णा रजावत और मानसी चंद्रा ने दीप प्रज्जवलित कर किया। मुख्य अतिथि राज्य महिला आयोग डॉ बबिता चौहान ने कहा कि हर महिला स्वयं में सशक्त है, बस आत्मविश्वास जगाने भर की देर है। कुछ नया प्रयास करने वाली महिलाओं के लिए शी विल इंस्पायर संस्था प्रेरणा का कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि स्वयं आत्मनिर्भर बनकर निचले तबके की महिलाओं को स्वावलंबन की राह पर चलने का सहयोग करें। अपनी काबिलियत है कमजोर वर्ग काे काबिल करें।
डॉ रंजना बंसल ने कहा कि वो दौर अब बीत चुका है जब महिलाओं को सिर्फ शिक्षक या डॉक्टर के कार्यों तक ही सीमित रखा जाता था। काबिलियत महिला और पुरुष का भेद नहीं करती। आपमें यदि लगन है और काबिलियत है तो किसी भी क्षेत्र में सफल हो सकती हैं।
संस्थापक राशि गर्ग ने संस्था का परिचय देते हुए कहा कि कुछ नया और अपना काम करने वाली महिलाएं संस्था से जुड़ी हुयी हैं। जिन महिलाओं ने परंपरागत सोच से हटकर अपना स्टार्ट अप किया है उन महिलाओं को संस्था नेटवर्किंग के लिए प्लेटफार्म उपलब्ध कराती है। साथ ही समय− समय पर कौशल विकास के लिए कार्यशालाएं भी आयोजित की जाती हैं। युवा महिला उद्यमी संस्था से जुड़कर अपने उद्यम को विस्तारित और प्रचारित करती हैं।
संस्था का उद्देश्य है सशक्त नारी, सशक्त भारत और मिलकर चलेंगे विकास करेंगे। एकजुट होकर सभी इसी दिशा में अग्रसित हैं। सभी के सपने एक हैं। आत्मविश्वास के साथ स्वयं की पहचान बनाना, यही ध्येय है।
कार्यक्रम के दूसरे सत्र में पिंक बैल्ट मिशन की संस्थापक, वर्ल्ड रिकॉर्ड होल्डर, इंटरनेशनल मोटिवेशन स्पीकर एवं नेशनल कराटे चैंपियन अपर्णा राजावत ने नारी सशक्तिकरण, महिला सुरक्षा एवं अधिकार विषय पर कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने लाइव डेमो के माध्यम से आत्मरक्षा के टिप्स सदस्याओं को दिए।कहा कि आपकी थोड़ी सी सजगता आप पर होने वाले हमले को रोक सकती है। फाइट, फ्लेट और फ्लाइ के सूत्र को ध्यान में रखें। विपरीत परिस्थितियों में घिरने पर सर्व प्रथम फाइट करके हमलावर को परास्त कर वहां से तुरंत भाग जाएं। उन्होंने शरीर के नाजुक अंगों पर वार करने के टिप्स भी दिए। साथ ही बताया कि स्वयं के भीतर की उर्जा के रंग को पहचानें। कमजोर होना अलग बात है और कमजोर दिखना अलग। महत्व रखता है कि आप सदैव शेरनी की भांति ही दिखें ताकि किसी के लिए भी आप साफ्ट टारगेट न बन सकें।
कार्यक्रम का संचालन प्रिली जैन और डिंपल राज ने किया। दिव्या गुप्ता और कीर्ति खंडेलवाल ने वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की। नव्या खन्ना और नेहा विज ने अतिथियों का परिचय दिया। धन्यवाद सान्या डावर ने दिया। कृतिका खन्ना, दीक्षा असवानी, पूजा लूथरा, दिशा जैन, आकृति जैन, अंशिका सरकार, वृंदा, तनु जैन, नुपूर, मीनाक्षी, रुचि गुप्ता आदि ने व्यवस्थाएं संभाली।
: आगरा में हो रही सोलर एनर्जी से बिजली की खेती
Mon, Jan 20, 2025
आगरा। आगरा के 678 परिवार सोलर एनर्जी से घरों में बिजली के खेती कर रहे हैं। और अपने बिजली के बिल को बचाकर अपने बजट को बेहतर बना रहे हैं। होटल होली-डे-इन में आज प्रधानमंत्री सूर्य ग्रह योजना के प्रति आमजन को जागरूक करने व सोलर एनर्जी को बढ़ावा देकर प्रदूषण कम करने और पर्यावरण को स्वच्छ बनाए रखने के उद्देश्य से सोलर वन एनर्जी द्वारा गोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें लगभग 150 प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम का शुभारम्भ अदानी सोलर के नार्थ ईस्ट हेड अरविन्द सेमवाल ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। गणेश वंदना के साथ प्रारम्भ हुए कार्यक्रम में अरविन्द सेमवाल ने प्रधानमंत्री सूर्य ग्रह योजना के बारे में विस्तार से जानकारी दी। योजना का उद्देश्य बताते हुए कहा कि लक्ष्य है कि हर घर अपनी बिजली खुद बनाए। एक बार पैनल सिस्टम लगाकर व्यक्ति लगभग 25 वर्ष तक मुफ्त बिजली पा सकता है। तीन किलोवॉट के सोलर पैनल से प्रतिमाह लगभग 350-400 यूनिट बिजली बनाई जा सकती है, जो एक परिवार के लिए पर्याप्त है।
सोलर वन एनर्जी के संस्थापक व निदेशक कपिल विधानी ने कहा कि भारत में एक करोड़ लोगों को प्रधानमंत्री सूर्य ग्रह योजना का लाभ देने का लक्ष्य है। प्रधानमंत्री सूर्य ग्रह योजना का लाभ उठाने में उप्र भारत में चौथे नम्बर (50 हजार पैनल सिस्टम लग चुके हैं) पर है। सोलर वन एनर्जी के प्रशान्त जी ने बताया कि www.pmsuryaghar.gov.in पर या नेडा कार्यालय से लाभार्थी सभी जानकारी उपलब्ध कर सकते हैं।
इस अवसर पर मुख्य रूप से नेडा के यूपी जोनल हेड संतोष वर्मा, चंचल कुमार, तुषार मिश्री आदि उपस्थित थे।
खेत, स्कूल व हॉस्पीटल भी ले सकते हैं सोलर एनर्जी का लाभ
एलएमबी-1, एलएमबी-5, एलएमबी-4 ए, एलएमबी 4बी, एचबी-1 कनेक्शन कैटेगरी के तहत लाभार्थी सरकार नेट मीटरिंग का फायदा ले सकते हैं।। उप्र में घरेलू बिजली की कीमत रु. 7 प्रति यूनिट है तो उक्त कनेक्शन के तहत अतिरिक्त बिजली बनने पर सरकार खरीद लेगी। वहीं अन्य कमर्शियल कनेक्शन पर उपभोक्ता 3 रुपए 58 पैसे में सरकार को प्रति यूनिट बिजली बेच सकता है।
3-10 किलोवॉट पर मिलेगा 30 फीसदी तक अनुदान
तीन किलोवॉट के घरेलू सोलर प्लांट पर 78 हजार का अनुदान प्रधानमंत्री सूर्य ग्रह योजना के तहत दिया जाएगा। प्रदेश द्वारा 30 हजार के अनुदान सहित साभार्थी 30 प्रतिशत तक अनुदान प्राप्त कर सकते हैं। 3-10 किलोवॉट तक के घरेलू पैनल सिस्टम पर अनुदान दिया जाएगा।