: ज़ब तक रहेगी हिंदी कमजोर, तब तक रहेगी पहचान अधूरी…. डॉ. जे. एन. टंडन
Mon, Apr 7, 2025
आगरा। आज़ादी के सिपाही, मार्क्सवादी विचारक, भारतीय संस्कृति के हामी, पीड़ित, शोषित, मजदूर, किसानो के हिमायती, सांप्रदायिक ताकतो के घोर विरोधी, हर दिल अज़ीज़ का. महादेव नारायण टंडन की 22 वीं पुण्यतिथि पर माथुर वैश्य सभागार, पचकुइयां पर परम्परागत रूप से आयोजित व्याख्यान क्रम मे इस बार ‘हमारी हिंदी के अवसर और संकट’ विषयक व्याख्यान की शुरुआत वरिष्ठ शिक्षाविद एवं कवियत्री कार्यक्रम अध्य्क्ष डॉ. कुसुम चतुर्वेदी, अतिथि वक्ता प्रो. अभेय कुमार दुबे, डॉ. देव स्वरुप, का. पूरन सिंह. भावना जितेंद्र रघुवंशी द्वारा कामरेड टंडन के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्प्पांजलि कर हुई।
जयपुर से पधारे बाबा आमटे दिव्यांग विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. देव स्वरुप ने कामरेड टंडन के अविस्मरणीय एवं अतुलनीय व्यक्तित्व एवं किरदार को याद करके भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उपस्थित जन के स्वागत सहित विषय प्रवतन् करते हुए का. डॉ. जे. एन. टंडन ने कहा, आज हिंदी का संकट यही है कि हिंदी भाषी नई रागात्मक निष्ठा के सांस्कृतिक स्तर पर भाषा से कटा हुआ है। हमे हिंदी को सिर्फ बोलने की नहीं अपनाने की ज़रूरत हैं। अगर हमे हिंदी पर गर्व नहीं, तो हमे अपनी जड़ों से जुड़ने का हक़ भी नहीं हैं। जब तक हिंदी कमजोर है, तब तक पहचान अधूरी है।
अतिथि वक्ता प्रख्यात मीडिया विश्लेषक प्रो. अभय कुमार दुबे ने अपने व्याख्यान में कहा शुरुआत से ही हिंदी का संघर्ष तितरफ़ा था। पहली समस्या यह थी कि उसे एक बेहद बहुभाषी देश में युरोपीय शैली की राष्ट्रभाषा को थोपे बिना भारतीय संघ की राजभाषा बनना था। दूसरी समस्या यह थी कि इस प्रक्रिया में महज़ सरकारी कामकाज के लिए इस्तेमाल की जाने वाली राजभाषा और सभी के लिए अनिवार्य राजभाषा के बीच घालमेल कैसे रोका जाए। तीसरी और सबसे बड़ी समस्या यह थी कि राजभाषा के रूप में हिदीं को अन्य भाषाओं पर आरोपित किये बिना राष्ट्रीय एकता के सर्वमान्य उपकरण में कैसे बदला जाए।
कुल मिला कर भारतीय संघ की राजभाषा को इस बहुभाषी देश की सर्वस्वीकृत सम्पर्क भाषा बनने-बनाने का संघर्ष ही हिंदी का सबसे बड़ा संघर्ष है। इस लक्ष्य की पूर्ति के लिए हिंदी के पास सभी गुण हैं, लेकिन इस सर्वलक्षणा हिंदी के रास्ते में अंग्रेज़ों द्वारा चलाई गई भाषाई राजनीति सबसे बड़ी रुकावट है।
आज के हिंदी-विरोधी आंदोलन उसी इतिहास से निकले हैं। हिंदी एक डबल-सेक्टर लेंग्वेज है। उसका एक सरकारी सेक्टर है और एक सामाजिक सेक्टर, लेकिन दोनों एक-दूसरे को बहुत कम मज़बूत करते हैं। सामाजिक क्षेत्र अवसरों को पैदा करता है और सरकारी क्षेत्र अवसरों को नष्ट करता है।
अतिथि वक्ता प्रो. अभेय कुमार दुबे को डॉ. स्मिता टंडन, द्वारा स्मृति भेट दी गई। आभार कामरेड पूरन सिंह ने दिया। संचालन हरीश चिमटी ने किया। पूर्व मंत्री चो. उदय भान सिंह, रामनाथ गौतम, ज्योत्सना रघुवंशी, दिलीप रघुवंशी, डॉ. वी आर सेंगर, डॉ. राकेश भाटिया, डॉ. अजय कालरा, डॉ. सुनील शर्मा, डॉ अनुपमा शर्मा, डॉ. अनुपम गुप्ता, शरीफ उस्मानी, शिवराज यादव, डॉ संजय कुलश्रेष्ठ, डॉ एस एस सूरी, डॉ अनूप दीक्षित, डॉ रजनीश त्यागी, डॉ जय बाबू, डॉ विजय कत्याल, डॉ मुकेश भारद्वाज, राम नाथ शर्मा, रमेश पंडित, डॉ. रजनीश गुप्ता, डॉ. मधुरिमा शर्मा, नीरज मिश्रा, डॉ. मुनिशवर गुप्ता आदि बड़ी संख्या मे विशिष्ट जन उपस्थित थे।
: ढोल नगाड़ों संग आकर्षक झांकियों के साथ निकली देवी शशिबाला की शोभायात्रा
Mon, Apr 7, 2025
पुष्प वर्षा व चुनरी पहनाकर जगह-जगह हुआ स्वागत
शोभायात्रा देखने को उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
दिन में भण्डारा और रात्रि में हुआ देवी जागरण
आगरा। ढोल-ताशों पर देवी मां के भक्तियम संगीत पर झूमते गाते श्रद्धालु और मन में श्रद्धा भाव को बढ़ाती देवी देवताओं की आकर्षक झांकियां। माता के दर्शन और आशीर्वाद को ललायित सैकड़ों भक्तजन। भक्तिमय उत्साह व उमंग के साथ श्री शक्ति भजन मण्डल द्वारा नवरात्रि के उपलक्ष्य में देवी शशिबाला जी की शोभायात्रा का शुभारम्भ भक्तजनों संग देवी मां की आरती कर किया।
संगीता सिनेमा चौराहे से प्रारम्भ शोभायात्रा में बैंड बाजों और ढोल नगाड़ों संग सर्वप्रथम विघ्नविनाशक गणपति की झांकी थी। रामलला, राम दरबार, कालिया नाग का मंथन करते श्रीकृष्ण, राधा-कृष्ण, शिव पार्वती, लक्ष्मी नारायण, बजरंग बली सहित देवी देवताओं की 21 आकर्षक झांकियों के संग शोभायात्रा का जगह-जगह आरती कर, देवी मां की प्रतिमा को चुनरी पहनाकर व पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया। अंत में देवी शशि बाला की झांकी थीं। भक्तजनों को प्रसाद वितरण किया गया।
भोगीपुरा, रुई की मंडी, शाहगंज चौराहा, नौबस्ता चौराहा, लोहामंडी बाजार, राजामंडी बाजार, एमजी रोड, नालबंद चौराहा, पंचकुईयां चौराहा से होते हुए चिल्लीपाड़ा शाहगंज पहुंची, जहां शोभायात्रा का समापन हुआ। इसके उपरान्त श्रद्दालुओं द्वारा भक्तिभाव से मंदिर में ज्योति प्रचंड (जगराता) व भगवती का गुणगान (कीर्तन) किया गया। प्रातः काल मंदिर में हवन, कन्या पूजन के उपरान्त भण्डारे का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर मुख्य रूप से संजय अग्रवाल, हेमंत भोजवानी, सुनील कर्मचंदानी, प्रेम सिंह धाकड़, घनश्याम हेमलानी, गुलशन मकान, श्रीशक्ति भजन मण्डल के अध्यक्ष हर्ष ढालिया, सुरेन्द्र लाल, अशोक, योगी, अंकित, सुनील, मोहन सिंह, गुलशन, विनोद, प्रीतम आदि उपस्थित थे।
: 75 आकर्षक झांकियों संग निकलेगी दक्ष कन्या मां भगवती की शोभायात्रा
Wed, Apr 2, 2025
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चैत्र माह की महाष्टमी के पावन पर्व पर आयोजित की जा रही शोभायात्रा
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ढोल नगाड़ों संग धूमधाम से नालबंद चौराहा से प्रारम्भ होगी शोभायात्रा
आगरा। दक्ष कन्या मां भगवती की भव्य शोभायात्रा का आयोजन चैत्र माह की शुक्ल अष्टमी पर धूमधाम से किया जाएगा। दक्ष कन्या मां भगवती शोभायात्रा समिति संग शहर के विभिन्न सामाजिक संगठनों के सहयोग से 75 से अधिक आकर्षक झांकियां बैंड बाजों व ढोल नगाड़ों संग धूमधाम से निकलेंगी। महाष्टमी के दिन 5 अप्रैल को दोपहर 2 बजे प्रजापति देवी मंदिर चौराहा नालबंद से शोभायात्रा का शुभारम्भ होगा। इससे पूर्व 3 अप्रैल को सुबह 10 बजे शहरवासियों को शोभायात्रा में आमंत्रित करने के लिए दोपहिया वाहनों पर आमंत्रण रैली निकाली जाएगी।
शोभायात्रा के संयोजक सुनहरी लाल गोला, अध्यक्ष अशोक गोला, महामंत्री नवीन प्रजापति, मीडिया प्रभारी राजेश प्रजापति ने किदवई पार्क स्थित श्याम होटल में आयोजित आमंत्रण पत्र विमोचन कार्यक्रम में दी। बताया कि शोभायात्रा में देवी देवताओं के विभिन्न स्वरूपों से सुसज्जित झांकियां व महापुरुषों की जीवनी से सम्बंधित संदेश देते हुए 75 आकर्षक झांकियां निकाली जाएंगी। जिसमें बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, जल ही जीवन है, क्लीन आगरा-ग्रीन आगरा व पर्यावरण की थीम पर भी आकर्षक झांकियां होंगी। जगह-जगह लगभग 80 स्थानों पर शोभायात्रा का स्वागत पुष्प वर्षा कर किया जाएगा। जगह-जगह भंडारे, तोरणद्वार, शीतल जल की प्याऊ लगाई जाएंगी।
समिति के पदाधिकारियों ने नगरायुक्त से शोभायात्रा मार्ग पर प्रकाश, सफाई व मरम्मत कार्य की मांग भी की है। इस अवसर पर मुख्य रूप से श्रीचंद गोला, जयचन्द प्रजापति, हेमन्त प्रजापति, मुन्नालाल प्रजापति, भगवान दास दक्ष, मंजू प्रजापति, विमलेश प्रजापति, सुमित, शिवम, प्रभुदयाल, मुनेश, जय, ललित दक्ष, संजीव, रविन्द्र, सुभाष, नवनीत, पवन, ललितेश, जगदीश, सोनी, सतीश, सुभाष, कन्हैयालाल, रवि हरिओम, विजय, ओमप्रकाश, राजकुमार, दीपक, सुनील, हिमांशु, भीष्मपाल, महेश आदि उपस्थित थे।
यह होगा शोभायात्रा का मार्ग
नालबंद चौराहा स्थित प्रजापति देवी मंदिर से प्रारम्भ होकर शोभायात्रा पंचकुईयां, जीआईसी ग्राउंड, कोठी मीना बाजार, सिरकी मंडी, लोहामंडी चौराहा, तोता का ताल, मदिया कटरा, हरी पर्वत, मंडी सईद खां, रघुनाथ सिनेमा, चित्रा सिनेमा, काली बाड़ी मंदिर से नूरी दरवाजा, राजामंडी चौराहा, आगरा कालेज, टीबी हॉस्पीटल, खिड़की काले खां, पटेल नगर, मोती कटरा, नीरा हुसैनी चौराहा, सदर भट्टी, धाकरान चौराहा होते हुए प्रजापति देवी मंदिर पर विश्राम लेगी।