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: धनौली में बारात देखने गईं दो मासूमों की नाले में गिरकर मौत

Pragya News 24

Thu, Dec 7, 2023
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आगरा। स्मार्ट सिटी आगरा के नाले मौत के नाले बने हुए हैं। जहाँ उत्तर राज्य औद्योगिक विकास निगम (यूपीएसआईडीसी) रोड पर नाले में कार समा गई थी। युवक और युवती की मौत हो गई थी वहीं कुछ दिन बाद इसी नाले में साइकिल सवार की मौत हो गई थी काफी तलाशने के बाद शव मिले थे।

आगरा में बारात में बैंड बाजों के पीछे पीछे जा रहीं दो बच्ची सात फीट चौड़े नाले की टूटी स्लैब में गिरने से मौत हो गई। सुल्तानगंज की पुलिया से लेकर शहर में जगह जगह नाले खुले हैं। मेन होल टूटे हुए हैं, सर्दी में कोहरे में हादसे का खतरा बढ़ गया है। थाना मलपुरा क्षेत्र में बुधवार देर शाम दर्दनाक हादसा हो गया। आगरा-जगनेर रोड के मुल्ला की प्याऊ (धनौली) स्थित मैरिज होम में बारात देखने गईं दो मासूम बच्चियों की नाले में गिरने से मौत हो गई। अंधेरे में पैर फिसलने से बच्चियां 10 फुट गहरे नाले में जा गिरीं। बच्चियों की चीखें सुनकर जब तक लोग उन्हें निकालते उनकी सांसें थम चुकी थीं।

दोनों परिवारों में कोहराम मच गया है। एसीपी अछनेरा राजीव सिरोही ने बताया कि (वीधा नगर) मुल्ला की प्याऊ निवासी निशा (6) पुत्री काले और सामने रहने वाली अल्फिया उर्फ छोटी (5) पुत्री शरीफ बुधवार शाम करीब साढ़े छह बजे जगनेर रोड पर बारात देखने गई थीं। अंधेरा होने से दोनों बच्चियां खुले नाले में गिर गयीं। मासूमों की चीख-पुकार सुनकर लोग दौड़ पड़े। थाना मलपुरा पुलिस ने नगर निगम टीम को जेसीबी समेत बुलाया। नाले से बच्चियों को निकालने के लिए रेस्क्यू शुरू किया गया। करीब आधे घंटे बाद अल्फिया को नाले से निकाला जा सका, लेकिन उसकी मौत हो चुकी थी। रात करीब साढ़े आठ बजे निशा को निकाला जा सका। एसएन इमरजेंसी में उसे भी मृत घोषित कर दिया गया।

हादसे में बच्चियों की मौत दुखद है। पीड़ित परिजनों को नियमानुसार उचित मुआवजा दिया जाएगा। पूरे घटनाक्रम की रिपोर्ट मांगी गई है। यदि कोई दोषी पाया गया तो सख्त कार्रवाई होगी। - भानु चंद्र गोस्वामी, जिलाधिकारी

इन मौतों का जिम्मेदार आखिर कौन है?
2018: यूपीएसआईडीसी नाले में गिरने से तीन दोस्तों की मौत।
2014: देवरी रोड पर युवक की नाले में गिरकर मौत।
2013: गोकुलपुरा में नाला बना मां-बेटी के लिए काल।

ये बने खतरनाक
नाला मंटोला, महावीर नाला, देवरी रोड नाला, गोकुलपुरा, टीबीडीसी, नाला डेरा सरस, चित्रा टाकीज नाला, शाही कैनाल सहित ऐसे कई नाले हैं जिनकी दीवारें टूटी हुई हैं। नाले बरसात होने पर ओवर फ्लो होते हैं।

नाले में गिरने से हुई मौतें छोड़ गईं अपने पीछे सवाल
अधिकारी अपने दायित्वों का निर्वहन कब करेंगे? नगर निगम के निर्वाचित प्रतिनिधि क्या सिर्फ फीता काटने के लिए हैं? नाले में गिरकर मौतें होने पर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा क्यों नहीं चलना चाहिए? स्मार्ट सिटी के र सब्जबाग दिखाकर कब तक लोगों को मूर्ख बनाया जाता रहेगा? सही बात तो यह कि नगर निगम ने नालों को खुला रखकर मौत का पूरा इंतजाम कर रखा है। न बजट की कमी है और न ही संसाधनों की। कमी है तो सिर्फ इच्छाशक्ति और संवेदनशीलता की।

टीला नंदराम के नाले में गिरा था बच्चा
भ्रष्ट व्यवस्था के कारण टीला नंदराम के नाले में शुक्रवार को 11 साल का मासूम सूरज डूब गया था। टीला नंदराम निवासी हरिओम का 11 वर्षीय बेटा सूरज मां पिंकी के साथ पिता को रावली स्थित जूता फैक्ट्री में खाना देने जा रहा था। काजीपाड़ा नाला चोक होने से गली में घुटनों तक पानी भरा था। टीला नंदराम में नाला काजीपाड़ा का निर्माण और उसे कवर करने का काम 2011 में भीमनगरी महोत्सव के दौरान स्वीकृत हुआ था। नाले के निर्माण में जल निगम की ओर से घोर अनियमितताएं बरती गई हैं।

किसी भी नाले की अंत तक सफाई नहीं हुई
ताजमहल के शहर आगरा में 180 छोटे नाले हैं। ये सभी 20 बड़े नालों में मिलते हैं। शुरू से लेकर अंत तक किसी भी नाले की सफाई नहीं हुई है। सूरसदन से हरीपर्वत तक नाला भी साफ नहीं हुआ है, जो रामनगर कॉलोनी, एमजी रोड, सुरसदन तिराहे पर जलभराव का सबसे बड़ा कारण है। शहर में जगह जगह नाले खुले हुए हैं। सुल्तानगंज की पुलिया पर नाले की सफाई के दौरान स्लैब हटा दी थी, दोबारा सैलब नहीं रखी गई। इसी तरह से शहर में जगह जगह मेनहोल टूट गए हैं। कोहरे में खुले नाले और टूटे मेनहोल से हादसे हो सकते हैं।

रिपोर्ट प्रमोद कुशवाहा

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