गूंज उठा मंडप “बम-बम भोले” से, दिव्य परिणय में बंधे भोलेनाथ : श्री कृष्ण लीला रासोत्सव में प्रथम बार सजी अलौकिक शिव विवाह लीला
Pragya News 24
Sun, Feb 15, 2026
आगरा। श्री श्यामा श्याम भागवत आयोजन समिति द्वारा आयोजित श्री कृष्ण लीला रासोत्सव के छठवें दिवस रविवार सायंकाल पहली बार भव्य शिव विवाह लीला का अलौकिक एवं भक्तिमय मंचन किया गया। नवीन गल्ला मंडी परिसर में सजे भव्य पंडाल में भगवान शिव और माता पार्वती के दिव्य विवाह का दृश्य देखकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। पूरा वातावरण “हर हर महादेव” और “बोल बम” के जयघोष से गुंजायमान रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ ठाकुर जी एवं शिव-पार्वती स्वरूपों की विधिवत आरती के साथ हुआ। इस अवसर पर मुख्य अतिथि विधायक धर्मपाल सिंह ने स्वरूपों की आरती उतारकर आशीर्वाद प्राप्त किया। उनके साथ न नेशनल चैंबर के पूर्व अध्यक्ष सीताराम अग्रवाल, पीयूष अग्रवाल, रेलेश अग्रवाल, श्री कृष्ण लीला समिति के महामंत्री विजय रोहतगी, संयोजक शेखर गोगल, अध्यक्ष हरी चंद्र गर्ग, वरिष्ठ उपाध्यक्ष दिनेश चंद्र गोयल, राजीव गुप्ता, देवेश शाह, मंच व्यवस्थापक अनीश अग्रवाल, उमंग अग्रवाल, विक्रांत गोयल, गगन गोयल एवं अमन गोयल उपस्थित रहे।

नित्य रासलीला के बाद कलाकारों ने शिव विवाह प्रसंग का अत्यंत मनोहारी मंचन किया। लीला में हिमालय नरेश के दरबार में माता पार्वती की तपस्या, देवताओं की प्रार्थना तथा भगवान शिव की बारात का अनूठा दृश्य प्रस्तुत किया गया। शिव गणों से सजी विचित्र बारात, डमरू और शंख की ध्वनि, भूत-प्रेतों की झांकी और हास्य-व्यंग्य से परिपूर्ण संवादों ने श्रद्धालुओं को रोमांचित कर दिया। जब माता पार्वती ने भगवान शिव को वरमाला पहनाई, तब पूरा पंडाल पुष्पवर्षा और जयघोष से गूंज उठा।
विशेष रूप से शिव बारात की झांकी आकर्षण का केंद्र रही। सजे-धजे गण, नंदी की सवारी, देवताओं की उपस्थिति और मंगल गीतों के बीच संपन्न हुआ।
स्वामी लक्ष्मण जी महाराज एवं स्वामी प्रदीप कृष्ण ठाकुर ने अपने आशीर्वचनों में कहा कि शिव विवाह लीला हमें यह संदेश देती है कि तप, श्रद्धा और समर्पण से ही दिव्य मिलन संभव है। भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह आदर्श दांपत्य और अटूट विश्वास का प्रतीक है।
Tags :
Agra News
Pragya News
Uttar Pradesh News
UP News
विज्ञापन
विज्ञापन
जरूरी खबरें
विज्ञापन