कलश यात्रा में ढोल नगाड़ों संग उमड़ा भक्ति का सैलाब : बैंड बाजों संग 31 सौ कलश के साथ सम्पन्न हुई कलश यात्रा, हर ओर गूंजे श्रीराम व वीर बजरंगी के जयकारे
Pragya News 24
Sat, Mar 14, 2026
आगरा। जहां देखो वहां भक्तों के सिर पर मंगल कलश लिए मानों भक्ति की पावन गंगा बह चली आ रही हो। मुख पर जयश्रीराम और वीर बजरंगी का उद्घोष और ढोल नगाड़ों पर भक्ति भाव में थिरकते कदम। भक्ति और श्रद्धा का ऐसा नजारा कि राह चलते लोग भी शीश झुकाते और प्रणाम करते नजर आए। श्रीकामतानाथ सेवा समिति द्वारा 15-21 मार्च तक पीएस गार्डन रोहता में आयोजित होने जा रही श्रीराम कथा की कलश यात्रा में आज कुछ ऐसा ही अलौकिक दृश्य नजर आया। जहां कल से प्रारम्भ होने जा रहे भक्ति के उत्सव के लिए हर कोई झूमता नाचता नजर आया।
लगभग 3100 से अधिक श्रद्धालुओं के सिर पर श्रीफल, पुष्प, अशोक पत्रों से सुसज्जित पीताम्बर कलश थे। विधि विधान से पूजन कर कलश यात्रा का शुभारम्भ अग्रधाम सेवा सदन, सेवला से प्रारम्भ किया गया। जहां बग्गी में विराजमान थे चित्रकूट के मदनगोपाल दास जी महाराज। सियाराम के जयकारों से गुंजायमान कलश यात्रा ऐसा अभूतपूर्त नजारा था जहां भक्ति के सामने हर कोई नतमस्तक होता नजर आया। कथा स्थल पीएस गार्डन पहुंचकर कलश यात्रा ने विश्राम लिया, जहां वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ कलशों को स्थापित किया गया। आयोजन समिति के अध्यक्ष राम सेवक शर्मा (जय भोले) व महामंत्री डॉ धर्मेन्द्र कुमार त्यागी ने सभी श्रद्धालुओं को कथा श्रवण के लिए आमंत्रित किया।
इस अवसर पर मुख्य रूप से मुख्य यजमान सिलेंद्र विथरिया, हाकिम सिंह त्यागी, दीनदयाल मित्तल, ऋषि उपाध्याय, रामवीर सिंह चाहर, अशोक फौजदार, महावीर त्यागी, किशोर लवानिया , रनवीर सोलंकी, सौरभ शर्मा, सतेंद्र परासर, जितेंद्र प्रधान, राजेंद्र बरुआ, भगवान दास, राकेश मंगल, रविन्द्र सिंह,मुरारी लाल त्यागी, सोम मित्तल, किशन यादव,कल्याण सिंह,ऋषि विथरिया जी सहित हजारों लोगों की उपस्थिति रही।
15-21 मार्च तक प्रतिदिन दोपहर 1 से शाम 5 बजे तक होगी श्रीराम कथा
आगरा। संगीतमय दोहे व चौपाईयों के माध्यम से श्रीराम की महिमा के वर्णन के लिए विख्यात चित्रकूट के स्वामी श्री रामस्वरूपाचार्य जी महाराज (श्रीकामदगिरि पीठाधीश्वर) 7 दिवसीय श्रीराम कथा में भक्ति की गंगा बहाएंगे। आयोजन समिति श्रीकामता नाथ सेवा समिति द्वारा रोहता स्थित पीएस गार्डन (कथा स्थल) में श्रीराम कथा के लिए पण्डाल सज चुका है, जहां प्रतिदिन 4-5 हजार श्रद्धालुओं के पहुंचने की सम्भावना है। सभी श्रद्धालुओं को कथा को अपने जीवन में भी उतारने की सलाह के साथ पेंट, जींस छोड़कर धोती कुर्ते में कथा श्रवण के लिए कहा गया। मस्तक पर तिलक हो और क्रोध, निन्दा से दूर रहें। जीवन भर न सही, कथा क दौरान इन नियमों का पालन अवश्य करें।
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