: 1947 में भारत के बंटवारे के दर्द को बयां करेगी फिल्म बंटवारे का दर्द, मुहूर्त पर रिलीज किए गए दो गाने
Pragya News 24
Sat, Aug 16, 2025
आगरा। इतिहास के गर्त में झांके तो आज भी 1947 में हुए भारत के बंटवारे का दर्द आंसुओं के रूप में बाहर निकलकर झांकने लगता है। अपनी आंखों के सामने लुटती बेटियों की अस्मत और जवान बेटों का बहता खून देखने वाले भारतीयों के दर्द के साथ उनके दिलों में दबे क्रोध को आज की नई पीढ़ी से परिचित कराने का काम आरए मूवीज की डॉक्यूमेन्ट्री फिल्म बंटवारे का दर्द करेगी। श्रद्धेय श्रीराजकुमार सामा विचार मंच द्वारा स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में बंटवारे का दर्द डॉक्यूमेन्ट्री फिल्म का मुहूर्त आज होटल अमर में मुख्य अतिथि श्री पंचायती अखाड़ा बड़ा उदासीन निर्वाण पीठाधीश्वर (श्रीप्राचीन अवधूत मण्डल श्रम, हरिद्वार) महामण्लेश्वर स्वामी रूपेन्द्र प्रकाश जी महाराज ने किया। इस अवसर पर मुखी गुरुद्वारा गुरु का ताल के संतश्री बाबा प्रीतम सिंह, श्री सोमनाथ धाम के जहाजनाथ योगी, राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रज प्रांत प्रचारक धर्मेन्द्र भी इस अवसर पर मौजूद थे।
फिल्म निर्माता रंजीत सामा व विजय सामा ने अतिथियों का स्वागत करते हुए बताया कि बंटवारे के दौरान जो दर्द झेला उससे आज की चौथी पीढ़ी को अवगत कराना ही उद्देश्य है। उन्हें पता ही नहीं कि हमारे बाप-दादा ने बंटवारे के दौरान क्या क्या मुसीबतें झेलीं। जिंदा बेटियों को किसी ने काट दिया तो किसी ने कुएं में डाल दिया। इस अवसर पर बंटवारे के दौरान पाकिस्तान बन चुके भारत के ही हिस्से से खाली हाथ लौटे और आज शहर के प्रतिष्ठित लोगों में शुमार पूरन डावर, किशोर खन्ना, हरीश शूज, अमरदेव साहनी ने अपनी अनुभवों को साझा भी किया। अपने बसे बसाए घर और व्यापार को छोड़ खाली हाथ लुटे पिटे भारतीय पाकिस्तान से भारत लौटे तो दर्द के सिवाय कुछ नहीं था। खाली हाथ और सिर्फ दर्द लेकर लौटे भारतीयों ने भले ही आज बेहतर मुकाम पा लिया हो लेकिन जख्म आज भी हरा है। बंटवारे के उसी दर्द और दंश को आज भी अपने दिलों में समेटे उन भारतीयों की आप बीती सुनकर हर किसी का हृदय द्रवित हो उठा। तो सुजाता शर्मा की आवाज में गाए गीत- अपनो ने ही अपनों के संग खेला खूनी खेला था, बंटवारे को वो ही जाने जिसने दर्द ये झेला था…, सुनकर हर किसी की आंखे भर आई। वहीं एक मुल्क था एक थे हम सब… गीत भी रिलीज किया गया। फिल्म के सह निर्माता अजय शर्मा, ब्रजेश शर्मा, लेखक व निर्देशक राष्ट्रपति पदक विजेता हेमन्त वर्मा हैं। कार्यक्रम संचालन अजय महाजन ने किया।
इस अवसर पर मुख्य रूप से अनिल लाल अरोड़ा, मनजीत सिंह, रोमेंद्र सिंह साहनी, किशोर खन्ना, नवल अग्रवाल, गिरधारीलाल, आरती सामा, पूजा ओबराय, परमानंद अवटानी, प्रमोद जैन, चाँद दीवान, जयराम दास, नारायण दास, दिलप्रीत सिंह, संजय दुबे, संजय अरोड़ा, नरेंद्र पुरुस्नानी, घनश्याम लालवानी, घनश्याम दस रोरा, गोवर्धन सुनेजा, भीष्म लालवानी, प्रमोद गुप्ता, दीपक साहनी, प्रदीप मेहरा, प्रदीप सरीन, त्रिलोक, रानी सिंह, कुसुम महाजन, रेणु गुप्ता, भारती गुप्ता, सुजाता शर्मा, कमलजीत कौर, शालू महाजन, गुनी कश्यप, अशोक कपूर, रमन साहनी आदि उपस्थित थे।
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