Sat 08 Aug 2026
Breaking News Exclusive
पुष्पवर्षा और शंखनाद से हुआ सपा प्रदेश अध्यक्ष का स्वागत, कार्यकर्ताओं में दिखा उत्साह महाकालेश्वर धाम में श्रीराम जन्मोत्सव की छाई भक्ति, श्रीराम कथा और महारुद्राभिषेक में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ 23 कला गुरुओं का हुआ भव्य सम्मान, 'गुरु शिल्पी सम्मान–2026' में गुरु-परंपरा को नमन डोला मार्ग का निरीक्षण, तैयारियां तेज; 6 अक्टूबर को निकलेगी भव्य शोभायात्रा सावन की मल्हार और झूलों संग मना तीजोत्सव, महिलाओं ने जमकर बिखेरे रंग प्रतिभाशाली छात्रों के लिए सुनहरा अवसर, VIQ 2026 से मिलेगी 100% तक छात्रवृत्ति श्रीमद्भागवत कथा में गूंजेगी भक्ति की रसधार, 5 अगस्त को निकलेगी मंगल कलश शोभायात्रा 200 वर्ष प्राचीन श्री धनकामेश्वर मंदिर में सावन महोत्सव का शुभारंभ, महा रुद्राभिषेक से गूंजा शिवालय सावन महोत्सव में उमड़ी आस्था, महा रुद्राभिषेक और बाबा श्याम के दिव्य दर्शन को उमड़े श्रद्धालु लॉयंस क्लब फ्लेमिंगो का पौधारोपण अभियान, 21 पौधे रोपकर दिया हरित भविष्य का संदेश

सूचना

Pragya News 24 is News Blog to Providing all over News of World.

गणेश दुर्गा महोत्सव कमेटी : अधर्म का अंत और त्याग का सम्मान, रामकथा में दिखा जीवन दर्शन

Pragya News 24

Wed, Mar 18, 2026
Post views : 134

आगरा। गणेश दुर्गा महोत्सव कमेटी के तत्वावधान में लंगड़े की चौकी, शास्त्री नगर स्थित श्री हनुमंत धाम में चल रही 10 दिवसीय श्रीराम कथा के नवम दिवस पर भरत जी के त्याग, शूर्पणखा प्रसंग और खर-दूषण वध जैसे महत्वपूर्ण प्रसंगों का वर्णन किया गया। कथा व्यास भरत उपाध्याय ने इन प्रसंगों के माध्यम से धर्म, संयम और आदर्श जीवन का संदेश दिया।

कथा के नवम दिवस गुरुवार को कथा व्यास भरत उपाध्याय ने भरत जी के अयोध्या लौटने के प्रसंग का वर्णन करते हुए बताया कि जब भरत को श्रीराम के वनवास का समाचार मिला, तो उन्होंने राजसिंहासन स्वीकार करने से इंकार कर दिया। उन्होंने नंदिग्राम में पर्णकुटी बनाकर तपस्वी जीवन अपनाया और श्रीराम की खड़ाऊं को सिंहासन पर स्थापित कर राज्य का संचालन किया। उन्होंने कहा कि भरत का त्याग और भाई प्रेम भारतीय संस्कृति में अद्वितीय उदाहरण है। यह प्रसंग हमें सिखाता है कि सच्चा प्रेम स्वार्थ से परे होता है और कर्तव्य के प्रति समर्पण ही जीवन की सच्ची सफलता है।

इसके पश्चात कथा व्यास ने शूर्पणखा प्रसंग का वर्णन करते हुए बताया कि उसके अनुचित आचरण और मर्यादा का उल्लंघन करने पर लक्ष्मण जी ने उसकी नाक काट दी। यह प्रसंग हमें संयम और मर्यादा के पालन का संदेश देता है।

कथा में आगे खर-दूषण वध का प्रसंग सुनाते हुए उन्होंने बताया कि जब राक्षसों ने भगवान श्रीराम पर आक्रमण किया, तब श्रीराम ने उनका संहार कर धर्म की रक्षा की। उन्होंने कहा कि यह प्रसंग दर्शाता है कि अधर्म और अन्याय का अंत निश्चित है, जबकि धर्म की सदैव विजय होती है।

मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री बेबी रानी मौर्या ने कहा कि श्रीराम कथा के प्रत्येक प्रसंग में जीवन के लिए गहरा संदेश छिपा है। यदि हम भरत के त्याग, लक्ष्मण के साहस और श्रीराम के धर्म पालन को अपने जीवन में उतार लें, तो समाज में शांति, सद्भाव और नैतिकता की स्थापना हो सकती है।

विधान सभा सदस्य विजय शिवहरे ने कहा कि रामकथा हमें त्याग, अनुशासन और मर्यादा का पाठ पढ़ाती है। उन्होंने कहा कि भरत का जीवन हमें सिखाता है कि सच्चा प्रेम और सेवा भाव ही सबसे बड़ा धर्म है।

इस अवसर पर महंत गोपी गुरु, अनुराग उपाध्याय, पुष्कल गुप्ता, राम उपाध्याय ,संजीव चौबे, पार्षद किशन नायक, राजेश गोयल, प्रदीप भाटी, राजदीप ग्रोवर, लालू जादौन आदि उपस्थित रहे।

Tags :

Agra News

Pragya News

Uttar Pradesh News

UP News

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन