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श्री राम कथा महायज्ञ : राम नाम जप से जीवन में आती है शांति और सकारात्मकता: भरत उपाध्याय

Pragya News 24

Fri, Mar 13, 2026
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आगरा। गणेश दुर्गा महोत्सव कमेटी के तत्वावधान में लंगड़े की चौकी, शास्त्री नगर स्थित श्री हनुमंत धाम में आयोजित 10 दिवसीय श्रीराम कथा महायज्ञ के द्वितीय दिवस पर कथा व्यास भरत उपाध्याय ने राम नाम जप की महिमा का वर्णन करते हुए श्रद्धालुओं को जीवन में भक्ति, मर्यादा और आत्मसंयम अपनाने का संदेश दिया।

कथा के द्वितीय दिवस की शुरुआत कथा व्यास भरत उपाध्याय ने राम नाम जप की महिमा का वर्णन करते हुए की। उन्होंने कहा कि राम नाम केवल आस्था का विषय नहीं, बल्कि मनुष्य के जीवन को संतुलन, शांति और आत्मबल प्रदान करने वाला दिव्य मंत्र है। राम नाम का स्मरण मन को विकारों से मुक्त करता है और व्यक्ति को सकारात्मक चिंतन की ओर अग्रसर करता है।

उन्होंने कहा कि आज के तनावपूर्ण और भागदौड़ भरे जीवन में राम नाम का जप मनुष्य को मानसिक शांति, धैर्य और आत्मविश्वास प्रदान करता है। राम नाम के स्मरण से व्यक्ति के भीतर करुणा, सहनशीलता और सदाचार जैसे गुण विकसित होते हैं, जो समाज को भी सद्भाव और संस्कारों से जोड़ते हैं। इसके पश्चात उन्होंने ऋषि भारद्वाज और महर्षि याज्ञवल्क्य जी की भेंट का प्रसंग सुनाते हुए बताया कि संतों और ऋषियों का संवाद केवल कथा नहीं, बल्कि ज्ञान और भक्ति का संगम है। इस प्रसंग के माध्यम से यह संदेश मिलता है कि जिज्ञासा, श्रद्धा और सत्संग के माध्यम से ही मनुष्य आध्यात्मिक ज्ञान को प्राप्त कर सकता है।

कथा के दौरान शिव और सती विवाह प्रसंग का वर्णन करते हुए उन्होंने बताया कि यह प्रसंग परिवार, सम्मान और मर्यादा का गहरा संदेश देता है। दक्ष प्रजापति के यज्ञ में भगवान शिव की अवहेलना और उसके बाद सती का अपने पिता के घर अपमानित होना इस बात का संकेत है कि अहंकार और अविवेक परिवार और समाज में दुख का कारण बनते हैं। सती द्वारा यज्ञ कुंड में स्वयं को भस्म कर लेने का प्रसंग त्याग और आत्मसम्मान की भावना को भी दर्शाता है। इस प्रसंग का वर्णन सजीव झांकी के माध्यम से किया गया।

कथा व्यास ने कहा कि श्रीराम कथा के प्रत्येक प्रसंग में जीवन के लिए गहरा संदेश छिपा है। यदि मनुष्य इन संदेशों को अपने आचरण में उतार ले, तो परिवार, समाज और राष्ट्र में सद्भाव और नैतिकता का वातावरण बन सकता है।

श्री हनुमंत धाम, लंगड़े की चौकी के महंत गोपी गुरु ने अपने उद्बोधन में कहा कि श्रीराम कथा का श्रवण मनुष्य के जीवन को संस्कारित करता है। रामकथा हमें मर्यादा, कर्तव्य और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है। उन्होंने कहा कि आज के समय में जब समाज अनेक चुनौतियों का सामना कर रहा है, तब रामकथा जैसे आध्यात्मिक आयोजन समाज में नैतिक मूल्यों को मजबूत करने का कार्य करते हैं।

इससे पूर्व मुख्य आयोजक लालू जादौन और पिंकी जादौन ने विधिवत व्यास पूजन कर कथा का शुभारंभ कराया।

इस अवसर पर वरिष्ठ भाजपा नेता एवं पूर्व महानगर अध्यक्ष प्रमोद गुप्ता, गौ सेवक राम निवास गुप्ता, पुष्कल गुप्ता, राघव उपाध्याय, डॉ दीपेश उपाध्याय, उमा उपाध्याय, रिंकी उपाध्याय, चंद्रजीत यादव, भोलू, विशाल गौड़ आदि उपस्थित रहे।

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