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: चंबल के बांधों से छोड़ा गया 2.5 लाख क्यूसेक पानी, तटवर्ती इलाकों में बन सकता है बाढ़ का खतरा

Pragya News 24

Wed, Sep 20, 2023
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आगरा/पिनाहट। मध्य प्रदेश और राजस्थान में भारी बारिश के चलते चंबल नदी पर बने बांधों में पानी की भारी आवक हो गई है। जिसके चलते बांधों का लेवल बढ़ गया है। पानी का लेवल बढ़ने से कोई खतरे की स्थिति पैदा ना हो जिसे लेकर नदी में 2.5 लाख क्यूसेक पानी को डिस्चार्ज किया गया है। जिससे चंबल नदी में बाढ़ की स्थिति बन सकती है। चंबल नदी किनारे बसे एक गांव के लोगों को प्रशासन द्वारा मुनादी कर सूचना दी गई है।
जल संसाधन विभाग के मुताबिक राणा प्रताप सागर बांध का लेवल 1155 फीट के आसपास पहुंच गया है. ऐसे में अब 1156 के गेज को मेंटेन करते हुए पानी की निकासी शुरू की गई है। सोमवार को एक लाख क्यूसेक पानी की निकासी की गई। जिसे बढ़ाकर शाम तक 2.5 लाख क्यूसेक किया गया है। साथ ही लगातार पानी की आवक को देखते हुए आगे इसे बढ़ाया जा सकता है। मध्य प्रदेश, राजस्थान में हुई भारी बारिश के चलते चंबल नदी उफान पर है। इससे मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले में स्थित चंबल नदी के सबसे बड़े बांध गांधी सागर में पानी की आवक हो रही है। चंबल नदी पर बूंदी जिले में जवाहर सागर बांध और कोटा बैराज है। ये दोनों बैलेंसिंग रिजर्व वायर है। ऐसे में इनमें जितना पानी पीछे से आएगा, उतना ही पानी आगे छोड़ दिया जाएगा। जवाहर सागर बांध और कोटा बैराज से भी 2.5 लाख क्यूसेक की निकासी शुरू कर दी गई है। बांधों से पानी छोड़े जाने के बाद चंबल नदी घाट पर लगातार जल स्तर बढ़ रहा है। पिनाहट घाट पर चंबल नदी का जलस्तर 112 मीटर से बढ़कर 115 मी पहुंच गया है। जिसे लेकर प्रशासन द्वारा तटवर्ती इलाकों में खतरे की आशंका को देखते मुनादी की गई है और राजस्व टीमों को तटवर्ती इलाकों में निगाह बनाए रखने के लिए निर्देशित किया गया है।
एसडीएम बाह कृष्णानंद तिवारी ने बताया कि बांधों से चंबल पानी छूटने की सूचना प्राप्त हुई है। प्रशासन की राजस्व टीमों को तैनात का निर्देशित किया गया है। लगातार टीमों द्वारा तटवर्ती इलाकों में मॉनिटरिंग की जा रही है। किसी भी परिस्थिति से प्रशासन निपटने को तैयार है।

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