Sun 09 Aug 2026
Breaking News Exclusive
शिक्षक नहीं, गुरु बनकर तय करें नई पीढ़ी की दिशा : योगेंद्र उपाध्याय तीजोत्सव मेले में सजेगा भारतीय संस्कृति का रंग, नारी प्रतिभाओं को मिलेगा मंच सूरसदन में उतरा कैलाश, डमरू की थाप पर गूंजा हर-हर महादेव पुष्पवर्षा और शंखनाद से हुआ सपा प्रदेश अध्यक्ष का स्वागत, कार्यकर्ताओं में दिखा उत्साह महाकालेश्वर धाम में श्रीराम जन्मोत्सव की छाई भक्ति, श्रीराम कथा और महारुद्राभिषेक में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ 23 कला गुरुओं का हुआ भव्य सम्मान, 'गुरु शिल्पी सम्मान–2026' में गुरु-परंपरा को नमन डोला मार्ग का निरीक्षण, तैयारियां तेज; 6 अक्टूबर को निकलेगी भव्य शोभायात्रा सावन की मल्हार और झूलों संग मना तीजोत्सव, महिलाओं ने जमकर बिखेरे रंग प्रतिभाशाली छात्रों के लिए सुनहरा अवसर, VIQ 2026 से मिलेगी 100% तक छात्रवृत्ति श्रीमद्भागवत कथा में गूंजेगी भक्ति की रसधार, 5 अगस्त को निकलेगी मंगल कलश शोभायात्रा

सूचना

Pragya News 24 is News Blog to Providing all over News of World.

: ग्वाल रूप में योगेश पुरी का गौचारण, श्री मनःकामेश्वर गौशाला में सम्पन्न हुआ भव्य गोपाष्टमी उत्सव

Pragya News 24

Thu, Oct 30, 2025
Post views : 109
  • बाल-गोपालों संग गांव भ्रमण, दीपदान और 56 भोग ने रचा दिव्य दृश्य

आगरा। सनातन ग्रामीण संस्कृति, गौ-भक्ति का अद्भुत दर्शन कराते हुए गोपाष्टमी एवं 56 भोग महोत्सव गुरुवार को श्री मनःकामेश्वर गौशाला, ग्राम गढ़ी ईश्वरा, दिगनेर में बड़े ही भक्ति-भाव और उत्साह के साथ सम्पन्न हुआ। तिलकायत मठ श्री महंत योगेश पुरी स्वयं ग्वाल रूप में गौमाता के साथ गाँव की पगडंडियों से होते हुए गौचारण हेतु निकले। बाल-गोपाल नंदलाल स्वरूप में सजकर उनके साथ चल रहे थे। गोधूली बेला में गौशाला वापसी पर यशोदा स्वरूप महिलाओं द्वारा दीपदान किया गया। दीपों की शुभ्र आभा और “जय गौ माता, जय नंदलाल” के जयकारों ने पूरे परिसर को दिव्यता से भर दिया। तत्पश्चात गौमाता को 56 भोग विभिन्न शाक सब्जियां अर्पित किए गए और सभी भक्तों ने प्रसादी ग्रहण की।

तिलकायत मठ श्रीमहंत योगेश पुरी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि गोपाष्टमी केवल पर्व नहीं, यह हमारी सनातन सभ्यता का हृदय है। गौमाता हमारे धर्म, कृषि, परिवार और संस्कृति की आधारशिला हैं। आज गाँव की धरती पर श्रीकृष्ण की बाल-लीला का साकार अनुभव हुआ। गायों के साथ चलना, बाल-गोपालों को ग्वाल रूप में देखना, यही भारतीय संस्कृति की वास्तविक परिभाषा है। समाज का प्रत्येक व्यक्ति जीवन में एक बार गौ-सेवा और चरितार्थ का अनुभव अवश्य करे।

मठ प्रशासक हरिहर पुरी ने कहा कि गौशाला केवल सेवा का स्थान नहीं, यह संस्कार और संस्कृति का मंदिर है। यहाँ आने वाला गौ-भक्त न केवल गौसेवा करता है बल्कि अपने मन में करुणा, श्रद्धा और धर्म का प्रकाश भी प्रज्वलित करता है। थानेश्वर तिवारी, इंद्राज चतुर्वेदी और नवगजानन गोस्वामी ने गौ माता का विधि विधान से पूजन करवाया। व्यवस्था सुधीर यादव, एनटीपीसी के जनरल मैनेजर किशोर सोलंकी, ब्लॉक प्रमुख उत्तम सिंह काका, प्रधान हरेंद्र सिंह, लक्ष्मीकांत, विजय सिंह, शालिनी बंसल, मीरा जैन, देवांशी आदि ने संभाली।

Tags :

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन