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: बड़ी मुश्कल से मिलते हैं एक मुखी रुद्राक्ष और एक मुखी इंसान - आचार्य मृदुल कान्त शास्त्री

Pragya News 24

Tue, Feb 27, 2024
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श्रीहरि सत्संग समिति द्वारा आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में आज कथा व्यास जी ने किया ध्रुव चरित्र का वर्णन

आगरा। बुरे समय में साथ देने वाले को कभी न भूलो। एक मुखी रुद्राक्ष और एक मुखी इंसान धरती पर बड़ी मुस्किल से मिलता है। दोनों ही दुर्लभ हैं। सच्चे व्यक्ति का साथ भाग्यवान लोगों को ही मिलता है और जो व्यक्ति आपकी परिस्थिति के अनुसार व्यवहार बदले उससे दूर रहो। कथा व्यास पूज्य श्री मृदुल कान्त शास्त्री ने आज विजय नगर स्थित स्पोर्टबज में श्रीहरि सत्संग समिति द्वारा आयोजित श्रीमद्बागवत कथा में ध्रुव चरित्र का वर्णन करते हुए यह बात कही।


कहा कि अपने जीवन और कर्म में ध्रुव जैसी अटलता को स्थापित करो। परेशानियों में कर्म और अपने प्रयासों को न छोड़ो। बुरा समय है गुजर जाएगा कि भावना के साथ आगे बढ़ते रहो। ध्रुव की भक्ति की अटलता ही थी कि जिसे दुनियां ने ठुकराया उसे परमपिता ने अपनी गोद में बैठाया। ध्रुव की दोनों माता सुमति और सुरुचि का व्याख्या करते हुए कहा कि जो बुरी परिस्थिति में भी अच्छा देखे वह सुमति और जो परिस्थिति के अनुसार बदल जाए वह सुरुचि है। कहा संतों और ब्राह्मणों से जुड़िए। परन्तु नकी पहचान करना मुश्कल है। संत वह नहीं जो विवाह न करें और गेरुआ वस्त्र पहने। संत वह है जिसका हृदय पवित्र और मन में कपट नहीं। जिसका चित्त हर परिस्थिति में समान हो वह संत है। मैनें तो श्याम रंग ओढ लियो है, सांसो को कन्हैया के संग जोड़ लियो है…, जैसे रखें राम जी रहना चाहिए, मान अपमान सब सहना चाहिए… जैसे कीर्तन ने सभी श्रद्धालुओं को भक्ति के सागर में डुबो दिया। कथा से पूर्व हनुमान चालीसा का पाठ किया गया। संचालन शशि गुप्ता ने किया।

इस अवसर पर मुख्य रूप से समिति के अध्यक्ष शांतिस्वरूप गोयल, महामंत्री उमेश बंसल, संजय गोयल, मधु गोयल, शशि कंसल, मुख्य यजमान पदमचंद अग्रवाल व रेखा अग्रवाल, उमेश कंसल, शशि, गायत्री गोयल, रमेश चंद मित्तल, अशोक माहेश्वरी, चोटेलाल बंसल, मुन्ना लाल गर्ग, महिला समिति की अध्यक्ष अंशु अग्रवाल, रुचि, सीमा, मीनू, उर्मिला, रेखा, कुसुम खंडेलवाल आदि उपस्थित थीं।

बुधवार को होगी नन्दोत्सव की धूम
कथा में बुधवार को नन्दोत्सव होगा। श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव पर बधाईयां दी जाएंगी, खेल खिलौने और उपहार लुटाए जाएंगे।

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