: जय श्रीकृष्ण के जयकारों से गूंजा आगरा, मुकुट पूजन और गणेश जी की सवारी से हुआ श्रीकृष्ण लीला महोत्सव का शुभारंभ
Pragya News 24
Sun, Oct 26, 2025
- बैंड-बाजों की अगुवाई में निकली भव्य सवारी, भक्तों ने पुष्पवर्षा कर किया स्वागत
- 102 वर्ष पुरानी परंपरा में उमड़ा आस्था का सागर, 26 अक्टूबर को निकलेगी “कंस की दुहाई” सवारी
आगरा। भक्ति, परंपरा और सांस्कृतिक गौरव का अद्भुत संगम बना आगरा का ऐतिहासिक श्रीकृष्ण लीला महोत्सव, जो इस वर्ष अपने 102वें वर्ष में प्रवेश कर चुका है। शनिवार को महोत्सव का शुभारंभ गौशाला प्रांगण स्थित हनुमान जी मंदिर में मुकुट पूजन और श्री गणेश जी की सवारी के साथ हुआ। मुकुट पूजन विधि-विधानपूर्वक विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल, लीला समिति के संरक्षक डॉ. विजय किशोर बंसल, गौशाला समिति के महामंत्री सुनील सिंघल, नेशनल चैंबर ऑफ इंडस्ट्रीज एंड कॉमर्स के अध्यक्ष संजय गोयल, अध्यक्ष मनीष अग्रवाल, लीला संयोजक शेखर गोयल, पार्षद मुरारी लाल गोयल, गिर्राज बंसल, सुमन गोयल द्वारा किया गया। पूजन के उपरांत श्री गणेश जी की सवारी का नगर भ्रमण गौशाला प्रांगण बल्केश्वर रोड से आरंभ हुआ। सवारी की अगुवाई बैंड-बाजों ने की, जिनके साथ जय श्रीकृष्ण के उद्घोषों से पूरा मार्ग भक्तिमय वातावरण में डूब गया।
शोभायात्रा का मार्ग रहा जीवनी मंडी, बेलनगंज, कचहरी घाट, रावतपाड़ा, सुभाष बाजार, जौहरी बाजार, कस कसेरट बाजार, छिली ईंट घटिया, सिटी स्टेशन, धूलियागंज, बेलनगंज तिकोनिया और पुनः गौशाला प्रांगण। मार्ग में श्रद्धालुओं ने सवारी पर पुष्पवर्षा कर गणेश जी का भव्य स्वागत किया।
महामंत्री विजय रोहतगी, अशोक गोयल, मनोज बंसल, विष्णु अग्रवाल राधे राधे, आयुष बंसल, केके अग्रवाल, ब्रजेश अग्रवाल, दीपक ढल, सतीश अग्रवाल, अनूप गोयल, विनीत, लक्ष्मण शर्मा, पंकज मोहन, अनंत उपाध्याय, आदर्श नंदन गुप्त, मुकेश शर्मा, प्रभात रोहतगी] तनु गुप्ता आदि उपस्थित रहे।
रविवार को निकलेगी “कंस की दुहाई” सवारी
अध्यक्ष मनीष अग्रवाल ने बताया कि रविवार 26 अक्टूबर को श्रीकृष्ण लीला महोत्सव के अंतर्गत पारंपरिक “कंस की दुहाई सवारी” निकाली जाएगी। इस सवारी में विविध झांकियों के माध्यम से कंस द्वारा अपने को राजा घोषित करना, अपनी शक्ति का प्रदर्शन तथा पूतना, अघासुर और बकासुर जैसे दानवों के दृश्य प्रदर्शित होंगे। एक विशेष झांकी में कंस द्वारा अपने पिता महाराज अग्रसेन को कारागार में डालने का प्रसंग भी प्रस्तुत किया जाएगा। सवारी शाम 4:30 बजे गौशाला प्रांगण, बल्केश्वर रोड से आरंभ होकर जीवनी मंडी, भैरव बाजार, बेलनगंज, कचहरी घाट, छत्ता बाजार, रावतपाड़ा, सुभाष बाजार, जौहरी बाजार, किनारी बाजार, फुलट्टी, घटिया, सिटी स्टेशन, धूलियागंज, बेलनगंज मार्ग से होते हुए पुनः गौशाला पहुँचेगी।
भक्ति और अनुशासन का अद्भुत संगम
विधायक पुरषोत्तम खंडेलवाल ने कहा कि लीला महोत्सव आगरा की आत्मा में बस चुका है। यह आयोजन न केवल भक्ति का उत्सव है, बल्कि यह हमारी सांस्कृतिक पहचान का जीवंत प्रतीक भी है। पूरे नगर में महोत्सव को लेकर भक्तों में अपार उत्साह है।
महोत्सव के अंतर्गत होगी मानव सेवा भी
अध्यक्ष मनीष अग्रवाल ने बताया कि बहुत जल्द इस धार्मिक आयोजन में मानव सेवा के कार्य किए जाएंगे। विशाल रक्तदान एवं स्वास्थ्य शिविर लगाकर लोगों को बड़ी संख्या में लाभ पहुंचाया जाएगा।
श्रीकृष्ण लीला महोत्सव की दिनवार कार्यक्रम सूची
26 अक्टूबर – कंस की दुहाई निकाली जाएगी। जिसमें कंस द्वारा अपने को राजा घोषित करना। उसके बाद अपने राज्य अपनी शक्ति का प्रदर्शन करते हुए निकालना। कंस की दवाई की सवारी भी उपरोक्त यात्रा मार्ग से गुजरेगी।
27 अक्टूबर – सायं 6:30 बजे से मंच लीला में देवकी वासुदेव विवाह। श्री कृष्ण जन्मोत्सव एवं मयूर नृत्य होगा।
28 अक्टूबर – नंदोत्सव, पूतना उद्धार एवं डांडिया नृत्य लीला स्थल में होगा।
29 अक्टूबर – काले खां, मदन मोहन लीला एवं फूलों की होली।
30 अक्टूबर – प्रातः श्री कृष्णा बलराम गोचरण यात्रा, जिसका भ्रमण मार्ग कमला नगर बलकेश्वर रहेगा। इसी दिन साइन माखन चोरी एवं कालीदह लीला।
31 अक्टूबर – मीरा चरित्र लीला होगी जो जिसका मंचन पहली बार किया जाएगा।
1 नवंबर – गिरिराज पूजन एवं छप्पन भोग होंगे।
2 नवंबर – वीर अभिमन्यु चक्रव्यूह लीला होगी यह लीला भी पहली बार श्री कृष्ण लीला में मंचित होगी।
3 नवंबर – अक्रूर गमन, कंस वध एवं आतिशबाजी होगी।
4 नवंबर – श्री कृष्णा बलराम की दिव्य शोभा यात्रा नगर भ्रमण को निकलेगी, इस शोभायात्रा में 30 से अधिक सवारियाँ एवं झांकियाँ शामिल होंगी।
5 नवंबर – द्वारिका पुरी एवं रुक्मणी मंगल लीला होगी। रुक्मणी मंगल विवाह लीला में मेहंदी का कार्यक्रम भी होगा।
6 नवंबर – श्री खाटू श्याम जी की भजन संध्या एवं मनमोहक झांकी प्रस्तुत की जाएगी।
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