: आलू भंडारण के साथ प्रसंस्करण यूनिट भी लगाएं शीत गृह स्वामी, मध्यप्रदेश - गुजरात से लें सीख: राकेश गर्ग
Pragya News 24
Mon, Jun 23, 2025
आगरा। फतेहाबाद रोड स्थित जेपी पैलेस होटल एंड कन्वेंशन सेंटर में रावी इवेंट के प्रबंधन में चैंबर ऑफ फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री एसोसिएशन द्वारा, भारत सरकार के एमएसएमई मंत्रालय के सहयोग से लगे फूड एक्सपो एंड कॉन्क्लेव 2025 के दूसरे दिन यूपी कोल्ड चैन एंड वेयरहाउस इंडस्ट्री की आलू भंडारण एवं शीतगृह उद्योग समस्या पर चर्चा हुई। शुरुआत उप्र लघु उद्योग निगम अध्यक्ष राकेश गर्ग, फेडरेशन ऑफ़ इंडिया कोल्ड स्टोरेज एसोसिएशन के अध्यक्ष मुकेश अग्रवाल, यूपी कोल्ड स्टोरेज एसोसिएशन के अध्यक्ष अरविंद अग्रवाल, आगरा कोल्ड स्टोरेज ऑनर्स एसोसिएशन अध्यक्ष भुवेश अग्रवाल, अजय गुप्ता, सीएफपीआईए के अध्यक्ष राजकुमार भगत, संरक्षक अजय अग्रवाल, गोविंद कजरिया, हसमुख गांधी, आशीष गुरु, भाजपा महानगर अध्यक्ष राजकुमार गुप्ता ने दीप प्रज्वलित कर किया। इसके बाद पूर्व अध्यक्ष राजेश गोयल और सुदर्शन सिंघल को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
उप्र लघु उद्योग निगम के अध्यक्ष राकेश गर्ग ने कहा उत्तर प्रदेश के शीत गृह स्वामी गुजरात और मध्य प्रदेश से सीख लेते हुए सिर्फ आलू भंडारण पर ही निर्भर ना रहें। आलू के अलावा गाजर, मटर, मिर्च आदि भी भंडारित करें। साथ ही स्वयं को अपग्रेड करते हुए आलू प्रसंस्करण यूनिट भी लगाएं।
सत्र की जानकारी देते हुए आगरा कोल्ड स्टोरेज ऑनर्स एसोसिएशन अध्यक्ष भुवेश अग्रवाल ने बताया कि
निकासी कम होने से हमारा जो अनुभव है वह थोड़ा सा हमें चिंता पैदा कर रहा है। एकजुटता के साथ समस्या का समाधान प्राप्त किया जा सकता है। एनर्जी एफिशिएंसी अपग्रेडेशन करनी होगी। आलू पर निर्भरता कम करनी होगी।
एनसीसीडी, गुरुग्राम के सीईओ आशीष फोतेदार ने कोल्ड चैन के लिए केंद्र सरकार की योजनाओ की जानकारी दी। साथ ही कोल्ड स्टोरेज कैसे आधुनिक रूप से उन्नत किया जाए, इसके बारे में बताया।
सीए आरके जैन ने सब्सिडी प्राप्त करने के नियमों की जानकारी दी। इससे पूर्व शीत गृह स्वामियों ने अपने अपने राज्य एवं जिलों में आलू भंडारण, निकासी और भविष्य की संभावनाओं के बारे में मंथन किया। जिसमें विगत वर्ष की तुलना में वर्तमान में हुई कम निकासी पर चिंता व्यक्त की गई। डिप्टी डायरेक्टर आलू कौशल कुमार नीरज ने बताया कि आगरा के शीतगृहों की क्षमता 6 करोड़ मैट्रिक टन है जबकि निकासी पौने पांच करोड़ मैट्रिक टन की ही निकासी हुई है। ये चिंतनीय विषय है। डिप्टी डायरेक्टर डीपी यादव ने बताया कि आगरा जिले में 329 शीतगृह हैं। सभी कोल्ड स्टोरेज ऊर्जा बचत करने के लिए प्रयास करें। अमोनिया कंप्रेशन आधुनिक एयर कंडिशन जैसी रेटिंग वाले लगवाएं। सत्र में शीतगृह उद्योग में सर्वाधिक विकास और मुनाफा कमाने वाले गुजरात कोल्ड स्टोरेज एसोसिएशन के अध्यक्ष आशीष गुरु को सम्मानित किया गया।
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