: अखिल विश्व गायत्री परिवार की संस्थापिका माता भगवती देवी का मातृशक्ति शताब्दी वर्ष 2026 में
Pragya News 24
Sun, Apr 13, 2025
आगरा । खंदारी क्षेत्र के गायत्री चेतनाकेन्द्र जवाहरनगर में आँवलखेड़ा जोन से सम्बद्ध आँवलखेड़ा उपजोन, झांसी उपजोन, कायमगंज उपजोन एवं अलीगढ़ उपजोन, इन चारों उपजोन के 15 जनपदों के जिला समन्वयक, गायत्री शक्तिपीठों के व्यवस्थापक, भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा जिला संयोजक, आओ गढ़ें संस्कारवान पीढी के जिला संयोजिकाएँ, पर्यावरण संरक्षण एवं वृक्षारोपण जिला संयोजक, व्यसन और कुरीति उन्मूलन जिला संयोजक तथा युग साहित्य एवं सेवा प्रकल्प जिला समन्वयक, प्रज्ञामण्डल, महिलामण्डल एवं युवामण्डल संचालकों आदि सक्रिय-जिम्मेदार लगभग 200 परिजनों की उपस्थिति में प्रातः 11 बजे से एक आवश्यक गोष्ठी सम्पन्न हुई।
गोष्ठी की शुरुआत गुरुदेव की पावनजन्मभूमि आँवलखेड़ा के व्यवस्थापक जितेन्द्र कुमार द्विवेदी, जोन समन्वयक जे एस कुशवाहा, चारों उपजोन समन्वयक सुरेश यादव, सुखवासी लाल एवं विजय पाल सिंह द्वारा दीप प्रज्ज्वलन एवं देवपूजन के साथ शुरू हुई। गोष्ठी की अध्यक्षता स्थानीय जोन समन्वयक उमेश चन्द्र कुलश्रेष्ठ ने की। संगीतमय गुरु-गायत्री वन्दना खन्दौली ब्लॉक समन्वयक जयन्ती प्रसाद कुशवाहा द्वारा की गई।

अखिलविश्व गायत्री परिवार का मुख्यालय गायत्री तीर्थ शान्तिकुञ्ज हरिद्वार के उत्तर जोन समन्वयक ठाकुर नरेन्द्र सिंह ने ऑनलाइन गोष्ठी को सम्बोधित करते हुए बताया कि ‘मनुष्य में देवत्व का उदय और धरती पर स्वर्ग के अवतरण’ की कामना के साथ उज्ज्वल भविष्य की सुनिश्चित सम्भावनाओं के मध्य युग परिवर्तन की इस बेला में हो रहे वैश्विक परिवर्तनों के बीच धरती से लेकर अन्तरिक्ष तक, लोगों के घरों से लेकर मनों तक जो अन्धकार फैला है उसे नतमस्तक करने को, अन्धेरे को परास्त करने को अनेक ज्योतियों का जलना अनिवार्य है। इस सन्दर्भ में देश के सभी जनपदों में ‘ज्योति कलश रथ यात्राएँ’ भ्रमण कर रही हैं। उत्तर प्रदेश के चारों जोन के सभी 75 जनपदों में यह ज्योतिकलश रथ यात्राएँ शीघ्र ही आगामी माह से शुरू होने जा रही हैं।
आँवलखेड़ा जोन समन्वयक जे एस कुशवाहा ने अपने उद्बोधन में कहा कि हमको केंद्र की योजनाओं को लेकर चलना है। अपने को अपने गुरुदेव का आदर्श शिष्य बनाना है तथा अपने आचरण व्यवहार में भी दिखना आवश्यक है। वर्ष 2026 की आगामी योजना बन चुकी है। ज्योतिकलश यात्रायों के उद्देश्य के बारे में बताया कि अखण्डज्योति के अखण्ड प्रकाश को प्रचण्ड बनाने, ऋषि युग्म की तप और त्याग की साक्षी अखण्डज्योति के प्रकाश को जन-जन तक, सभी केन्द्रों-संस्थानों तक इस दिव्य प्रकाश से प्रकाशित करने के भाव से यह ज्योतिकलश यात्राएँ हैं, साथ ही अवगत कराया कि अखण्डज्योति एवं परमवन्दनीया माता भगवतीदेवी जी के दिव्य अवतरण वर्ष 1926 के 100 वर्ष पूर्ण कर शताब्दी वर्ष के रूप में आ रहे वर्ष 2026 की तैयारी के लिए यह गोष्ठी की गई।
गोष्ठी व्यवस्था सहयोगी रहे चेतनाकेन्द्र परिव्राजक श्री सत्येन्द्र सिंह सिसौदिया, श्रीमती सुमन सिसौदिया, बैजनाथ, जिला युवा संयोजक गिरधर गोपाल। गोष्ठी का संचालन मुख्य व्यवस्था सहयोगी अरूण साहू एवं आगरा जिला समन्वयक सुरेशचन्द्र सक्सेना ने किया। अन्त में अध्यक्ष द्वारा धन्यवाद दिया गया तथा शान्तिपाठ के साथ गोष्ठी का समापन किया गया।
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