: राममंदिर की स्थापना पर 22 को देव दीपावली मनाएंगी “अखंड” दयालबाग की महिलाएं
Fri, Jan 5, 2024
सनातन संस्कृति संग पर्यावरण संरक्षण की मुहिम चलाएंगी अखंड दयालबाग ग्रुप की सदस्याएं
धार्मिक आयोजन संग मनोरंजन कार्यक्रम भी होंगे सालभर, हर माह ली जाएगी एक गौ माता गोद
आगरा। अयोध्या जी में राम लला पधारेंगे और हर सनातनी के भाग जगमगाएंगे। प्रभु चरणों की इसी रोशनी से दयालबाग में सौ फुटा रोड पर बना डिवाइडर दीपों की जगमगाहट से चमकेगा। इस बात का निर्णय लिया गया अखंड दयालबाग ग्रुप की पहली मासिक बैठक में।
गुरुवार को एमजी रोड स्थित कनक सानवी ज्वैलरी शोरूम परिसर में हुई बैठक में सभी सदस्याओं का स्वागत संयोजिका विनीता मित्तल ने किया। दयालबाग क्षेत्र की करीब 50 कॉलोनियों से महिलाएं बैठक में शामिल हुईं। बैठक में एकमत से निर्णय लिया गया कि सनातन धर्म की अखंडता को ग्रुप समर्पित रहेगा, जिसके अन्तर्गत वर्षभर में धार्मिक एवं मनोरंजन से जुड़े कार्यक्रम किये जाएंगे। कार्यक्रमों की पहली श्रंखला में 22 जनवरी को अयोध्य में श्री राम लला की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर नगला बूढ़ी चौराहा से लेकर सौ फुटा तक के डिवाइडर और कॉलोनियों एवं अपार्टमेंट में देव दीपावली की थीम पर दीप मालिका सजेगी।
एमजी रोड स्थित कनक सानवी पर हुई अखंड दयालबाग ग्रुप की बैठक में उपस्थित सदस्याएं।
प्रेरणा सिंह ने बताया कि हर माह एक गाय के वर्षभर के भोजन की व्यवस्था की जाएगी, इस तरह से वर्ष में 12 गायों के भोजन की वार्षिक व्यवस्था संस्था करेगी। होली मिलन समारोह भव्य रूप से किया जाएगा। देव दीपावली मुख्य का आयोजन मुख्य रहेगा।
रुचि सिंघल ने कहा कि क्योंकि अखंड दयालबाग ग्रुप का गठन आध्यात्मिक ध्येय पर हुआ है इसलिए वर्ष में एक कार्यक्रम अखंड रामायण का पाठ, विशाल हवन या सुंदरकांड का पाठ पर आधारित होगा। पर्यावरण संरक्षण के लिए पौधों की जिम्मेदारी हर कॉलोनी को दी जाएगी।
कनक सानवी के डायरेक्टर सतेंद्र बंसल ने सोने की परख और हॉलमार्क गारंटी के बारे में जानकारी दी। विजिया श्रीवास्तव ने मनोरंजक खेल करवाए।
इस अवसर पर प्रेरणा सिंह, अंजली अग्रवाल, ज्योतिशा मित्तल, पूजा गुप्ता, अराधना गुप्ता, शिखा गौतम, क्षमा दुबे, रुचि सिंघल, पूजा सुदन, मधुलिका सिंह, कुसुम सैनी, शिवानी मित्तल, आकृति, किरन लालवानी, गीता सैनी, रेनू सिंह, वीना कौशिक, ज्योति मौर्या आदि उपस्थित रहीं।
: सरकार का काम कर रहे सामाजिक संगठन
Fri, Jan 5, 2024
हरदयाल विकलांग केन्द्र में 26 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया निशुल्क सहायता शिविर, परीक्षण के बाद …. लोगों का हुआ रजिस्ट्रेशन
आगरा। जो काम सरकार को करना चाहिए है वो शहर के सामाजिक संगठन कर रहे हैं। कई बार पात्र लोग रह जाते हैं और अपात्र एक नहीं कई बार योजनाओं का लाभ उठा ले जाते हैं। दिव्यांगों के पैसों को भी खा जाना, यह भ्रष्टाचार की पराकाष्ठा है। मुख्य अतिथि कैबिनेट राज्य मंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल ने यह बात लंगड़े की चौकी चौराहा स्थित हरदयाल विकलांग केन्द्र में 26 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में सहयोगी संस्था श्रीभगवान महावीर विकलांग सहायता समिति (न्यू दिल्ली) द्वारा आयोजित निशुल्क सहायता शिविर में कही।
कहा कि दिव्यांगों को दी जाने वाली सहायता को आधार कार्ड से जोड़ देना चाहिए, जिससे पात्र लोग इसका लाभ ले सकें। उन्होंने हरदयाल विकलांग केन्द्र को बेहतर कार्य करने के लिए शुभकामनाएं देते हुए देश के तीन दिव्यांग जिलाधिकारियों सहित कई उदाहरण प्रस्तुत करते हुए दिव्यांगों को सरकारी नौकरी व शिक्षित होने के लिए प्रोत्साहित किया।
विशिष्ठ अतिथि श्रीभगवान महावीर विकलांग सहायता समिति से अध्यक्ष पीआर मेहता ने बताया कि विश्व में अब तक 22 लाख विकलांगों को सेवा दे चुके हैं। आज विशेषज्ञों द्वारा परीक्षण के बाद 5-6 जनवरी को सभी चयनित लोगों को निशुल्क कैलीपर, लिम्ब, बैसाखी व ट्राइसाइकिल प्रदान की जाएंगी। हरदयाल विकलांग केन्द्र के ट्रस्टी सुनील अग्रवाल ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए बताया कि जल्दी ही केन्द्र में अन्य सुविधाएं भी प्रारम्भ की जाएंगी। इस अवसर पर लॉयन्स क्लब प्रयास व माया मित्तल चौरिटेबिल ट्रस्ट द्वारा सवा लाख की धनराशि का चेक हरदयाल विकलांग केन्द्र को प्रदान किया गया। शिविर में कुल 130 रजिस्ट्रेशन हुए जिसमें 34 एएफओ, केएएफओ, 24 लिम्ब, 5 बैसाखी, 42 कैलीपर रिपेयरिंग, 2 ट्राईसाइकिल 20 फिजियोथैरपी की गईं।
इस अवसर पर मुख्य रूप से किशोर खन्ना, जितेन्द्र चौहान, संजीव मित्तल, प्रदीप जुनेजा, दिनेश गुप्ता, अमिता गर्ग, नीरू अग्रवाल, आशू मित्तल आदि उपस्थित थे।
: आगरा का आइटी सेक्टर जमा सकता है धाक, सरकार से है मदद की दरकार
Wed, Jan 3, 2024
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निर्यात सम्मेलन में आगरा के आइटी उद्यमी सहित मर्चेंट एक्सपोर्टर भी रखें अपनी बात
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आइटी उद्यमी बोले, कस्टम और जीएसटी में मिले राहत, आगरा में हो आइटी के विद्यार्थियों के लिए ट्रेनिंग
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मर्चेंट एक्सपोर्टस बोले, अफगानिस्तान में उत्पाद की मांग, निर्यात बढ़े अगर हो सीधा मार्ग
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8 और 9 जनवरी को आयोजित होने जा रहा है एक्सपोर्ट सिम्पोजियम 2024 ( निर्यात सम्मेलन)
आगरा। टीटीजेड के नियमों के कारण आगरा सूचना प्रौद्योगिक उद्योग के लिए सबसे मुफीद है लेकिन तमाम समस्याओं के कारण उद्योग को पंख नहीं लग पा रहे। आइटी क्षेत्र सहित अन्य उद्योगों में निर्यात प्रोत्साहन की समस्याओं पर मंथन हुआ जीवनी मंडी स्थित नेशनल चौंबर आफ इंडस्ट्री एंड कॉमर्स सभागार पर।
आगामी 8 और 9 जनवरी को होने वाले निर्यात सम्मेलन के इंडस्ट्रियल ड्राइव कार्यक्रम के तहत बुधवार को नेशनल चौंबर के सभागार में विभिन्न उद्योगों से जुड़े निर्यातकों की बैठक आयोजित की गई। विभिन्न सेक्टरों के निर्यातकों ने अपनी नीतिगत समस्याओं को एक्सपोर्ट सिम्पोजियम के आयोजकों के समक्ष रखा।
बैठक में आइटी सेक्टर के एक्सपोर्टर शैलेंद्र बंसल ने कहा कि आगरा में सूचना प्रौद्योगिक क्षेत्र में संगठित रूप से कार्य नहीं हो रहा है। जबकि आगरा टीटीजेड क्षेत्र में आता है। जिसमें गैर प्रदूषणकारी उद्योगों को केंद्र और राज्य सरकार द्वारा विशेष रूप से प्रोत्साहित करने की आवश्यकता है। सूचना प्रौद्योगिक उद्योग सौ फीसदी गैर प्रदूषणकारी है एवं आगरा शहर की तकनीकि शिक्षा के विद्यार्थियों के लिए आइटी सेक्टर एक बड़ा रोजगार मुहैया कराने का क्षेत्र साबित हो सकता है।
छोटे सॉफ्टवेयर के एक्सपोर्टस के सामने सबसे बड़ी समस्या कस्टम विभाग की होती है। इस विभाग द्वारा आइटी सेक्टर के लिए लाल फीताशाही वाले नियम और प्रक्रिया लागू की जाती है। जिससे उद्यमियों का समय भी खर्च होता है और आर्थिक रूप से भी भार बढ़ता है। वहीं दूसरी समस्या जीएसटी इनपुट क्लेम करने के दौरान होती है। मौजूदा प्रक्रिया में जीएसटी रिफंड और आइटीसी क्लेम करने के लिए दो से तीन माह की प्रक्रिया लग जाती है। अनेकों दस्तावेज, इनवाइसिस और अनुमतियों की आवश्यकता पड़ती है। जिससे उद्योग काफी प्रभावित होता है। आइटी उद्यमियों ने साफतौर से मांग रखी कि छोटे एक्सपोर्टस जिनका सालाना पांच करोड़ रुपये से कम का टर्नओवर है उनके लिए जीएसटी रिफंड और एक्सपोर्ट परमिशन के लिए औपचारिकताएं कम से कम की जाएं।
आगरा में युवाओं को सूचना प्रौद्योगिक क्षेत्र में जोड़ने एवं रोजगार प्रदान करने के लिए सरकार को आगरा में नियमित रूप से प्रशिक्षण कार्यक्रम इंजीनियरिंग कॉलेज में आयोजित करने चाहिए। बैठक में मर्चेंट एक्सपोर्टर नारायण बहरानी ने बताया कि आगरा के उत्पादों का अफगानिस्तान में बहुत बड़ा मार्केट है परंतु आगरा के उत्पादों का निर्यात अफगानिस्तान में करने के लिए मौजूदा राजनीतिक हालातों में ईरान के बंदरगाह के माध्यम से निर्यात करना पड़ता है जिसकी वजह से निर्यात में परेशानी होती है।
आगरा में इनलैंड कंटेनर डिपो सुचारू रूप से से कार्यरत नहीं है, जिसकी वजह से सामान को निर्यात करने में दस से 15 दिन का समय शहर में कस्टम क्लियरेंस एवं अन्य सरकारी औपचारिकता में ही लग जाता है।
बैठक में निर्यात सम्मेलन के प्रोग्राम कन्वीनर मनीष अग्रवाल ने बताया कि प्रदेश सरकार ने हाल ही में सूचना प्रौद्योगिक क्षेत्र को प्रोत्साहन करने हेतु सूचना प्रौद्योगिक योजना 2022 का अनावरण किया था। आगरा की विशिष्ट परिस्थितियों के कारण आगरा में सूचना प्रौद्योगिक इकाई स्थापित करने में आगरा को विशेष आर्थिक प्रोत्साहन मिलना चाहिए। जिससे बड़ी आइटी कंपनियां यहां अपने उद्यम स्थापित कर सके।
इस अवसर पर चैंबर अध्यक्ष राजेश गोयल ने बताया कि निर्यात प्रोत्साहन को लेकर चैंबर काफी लंबे समय से प्रयारत है, ऐसे में निर्यात सम्मेलन आगरा के निर्यातकों को संगठित विकास मार्ग दिखाएगा। चैंबर उपाध्यक्ष मनोज बंसल ने कहा कि निर्यातकों की स्थानीय समस्या के साथ नीतिगत समस्याओं पर दो दिवसीय सम्मेलन में मंथन होगा। सरकार को बिंदुवार ज्ञापन दिया जाएगा।
चैंबर के पूर्व अध्यक्ष शलभ शर्मा ने कहा कि आगरा उत्पादनों के दृष्टिकोण से समृद्ध शहर है, प्रदेश और केंद्र सरकार यदि उद्योगपतियों को प्राोत्साहित करे तो उनके उत्पाद अन्तर्राष्ट्रीय बाजार में धाक जमा सकते हैं।
बैठक में कोषाध्यक्ष योगेश जिंदल, कार्यक्रम के टेक्निकल कार्डिनेटर राहुल जैन, सागर तोमर, रिपुदमन सिंह आदि उपस्थित रहे।