: सेंट फ्रांसिस कान्वेंट स्कूल में मना वार्षिक समारोह
Thu, Dec 7, 2023
आगरा। सेंट फ्रांसिस कान्वेंट स्कूल में वार्षिक समारोह का आयोजन बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मोस्ट रेवरेंट आर्च बिशप राफी मंजली स्कूल की मैनेजर सिस्टम आई वी, प्रधानाचार्य सिस्टर प्रिंसी के द्धारा संयुक्त रूप से किया गया ।
कार्यक्रम में स्कूल के बच्चों द्धारा शिक्षा और सांस्कृतिक समागम के साथ नृत्य नाटिका (सुर धनु-एक जीवन दर्शन) के माध्यम से आत्मीय व्यक्तित्व और जीवन रंगों की विभिन्न भावनाओं के पहलुओं का मंचन करते हुए समाज में जागरूकता का संदेश प्रदान किया । इस मौके पर विभिन्न स्कूलो के प्रधानाचार्य और प्रतिनिधि उपस्थित रहें ।
स्वागत गान एवं स्वागत नृत्य के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ । स्कूल की प्रधानाचार्य के द्धारा सभी अतिथियों का स्वागत किया गया । स्कूल कैबिनेट के द्धारा पिछले दो वर्षों में स्कूल द्धारा हासिल की गई विभिन्न क्षेत्रों की उपलब्धियों का प्रस्तुतीकरण किया गया ।
तत्पश्चात बच्चों के द्धारा कार्यक्रम आधारित नृत्य नाटिका (सुर धनु - एक जीवन दर्शन) का मंचन किया गया जिसमें कक्षा एलकेजी से लेकर कक्षा दस तक के छात्र एवं छात्राओं के द्धारा सामूहिक प्रस्तुति दी गई। मंचन में इंद्रधनुष के सातों रंगों द्धारा भावनाओं की अभिव्यक्ति प्रस्तुत की गई जिसमें लाल रंग प्रेम और उत्साह, नीला रंग शांति और विश्राम, पीला रंग उत्साह और सकारात्मकता, हरा रंग प्राकृतिकता और नए आरंभ, बैंगनी रंग आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता का संदेश देते हुए जीवन के पहलुओं का दर्शन करा रहे थे ।
मुख्य अतिथि ने अपने उद्बोधन में जीवन की उच्चतम गुणवत्ता के साथ जीवन-यापन मे समर्पण और समर्थन में सामंजस्य बैठाने का संदेश दिया । कार्यक्रम के दौरान सभी अभिभावकगण समय-समय पर बच्चों का उत्साहवर्धन तालियों के माध्यम से करते रहे । कार्यक्रम की व्यवस्थाएं स्कूल के शिक्षकों द्धारा संभाली गई । धन्यवाद ज्ञापन स्कूल की हेड गर्ल नव्या सिंह के द्धारा दिया गया। कार्यक्रम का समापन ग्रैंड फिनाले और राष्ट्रगान के साथ हुआ।
रिपोर्ट प्रमोद कुशवाहा
: शादी के आठवें दिन पत्नी ने की आत्महत्या
Thu, Dec 7, 2023
आगरा। शादी के आठवें दिन ही पति शराब पीकर घर आ गया। पत्नी ने विरोध किया तो मारपीट कर दी। नव विवाहिता ने फांसी लगा ली। पिता ने दहेज हत्या का मुकदमा लिखाया है पुलिस ने पति को हिरासत में ले लिया।
घटना छह दिसंबर रात 12 बजे की है। जगदीशपुरा के गढ़ी भदौरिया की रहने वाली 22 वर्षीय संध्या की शादी 29 नवंबर 2023 को ज्ञानेंद्र से हुई थी। उसकी ससुराल रतनपुरा में है। पति ज्ञानेंद्र एक प्राइवेट कंपनी में काम करता है। परिजनों ने पुलिस को बताया कि शादी में लाखों रुपये का दहेज दिया था। इसके बाद भी पति और ससुराल वाले उसे शादी के दूसरे दिन से ही परेशान करने लगे। संध्या 30 नवंबर को विदा होकर ससुराल गई थी। तीन दिसंबर को वह मायके आयी थी। पांच दिसंबर को पति ज्ञानेश मायके से संध्या को लेकर गया था। बुधवार रात पति शराब पीकर घर आया था। संध्या ने शराब पीने का विरोध किया तो पति और ससुराल वालों ने उसे पीट दिया। बुधवार रात 12 बजे संध्या ने खुद को कमरे में बंद कर लिया। दुपट्टे से गले में फंदा कस पंखे से लटक आत्महत्या कर ली।
रिपोर्ट प्रमोद कुशवाहा
: धनौली में बारात देखने गईं दो मासूमों की नाले में गिरकर मौत
Thu, Dec 7, 2023
आगरा। स्मार्ट सिटी आगरा के नाले मौत के नाले बने हुए हैं। जहाँ उत्तर राज्य औद्योगिक विकास निगम (यूपीएसआईडीसी) रोड पर नाले में कार समा गई थी। युवक और युवती की मौत हो गई थी वहीं कुछ दिन बाद इसी नाले में साइकिल सवार की मौत हो गई थी काफी तलाशने के बाद शव मिले थे।
आगरा में बारात में बैंड बाजों के पीछे पीछे जा रहीं दो बच्ची सात फीट चौड़े नाले की टूटी स्लैब में गिरने से मौत हो गई। सुल्तानगंज की पुलिया से लेकर शहर में जगह जगह नाले खुले हैं। मेन होल टूटे हुए हैं, सर्दी में कोहरे में हादसे का खतरा बढ़ गया है। थाना मलपुरा क्षेत्र में बुधवार देर शाम दर्दनाक हादसा हो गया। आगरा-जगनेर रोड के मुल्ला की प्याऊ (धनौली) स्थित मैरिज होम में बारात देखने गईं दो मासूम बच्चियों की नाले में गिरने से मौत हो गई। अंधेरे में पैर फिसलने से बच्चियां 10 फुट गहरे नाले में जा गिरीं। बच्चियों की चीखें सुनकर जब तक लोग उन्हें निकालते उनकी सांसें थम चुकी थीं।
दोनों परिवारों में कोहराम मच गया है। एसीपी अछनेरा राजीव सिरोही ने बताया कि (वीधा नगर) मुल्ला की प्याऊ निवासी निशा (6) पुत्री काले और सामने रहने वाली अल्फिया उर्फ छोटी (5) पुत्री शरीफ बुधवार शाम करीब साढ़े छह बजे जगनेर रोड पर बारात देखने गई थीं। अंधेरा होने से दोनों बच्चियां खुले नाले में गिर गयीं। मासूमों की चीख-पुकार सुनकर लोग दौड़ पड़े। थाना मलपुरा पुलिस ने नगर निगम टीम को जेसीबी समेत बुलाया। नाले से बच्चियों को निकालने के लिए रेस्क्यू शुरू किया गया। करीब आधे घंटे बाद अल्फिया को नाले से निकाला जा सका, लेकिन उसकी मौत हो चुकी थी। रात करीब साढ़े आठ बजे निशा को निकाला जा सका। एसएन इमरजेंसी में उसे भी मृत घोषित कर दिया गया।
हादसे में बच्चियों की मौत दुखद है। पीड़ित परिजनों को नियमानुसार उचित मुआवजा दिया जाएगा। पूरे घटनाक्रम की रिपोर्ट मांगी गई है। यदि कोई दोषी पाया गया तो सख्त कार्रवाई होगी।
- भानु चंद्र गोस्वामी, जिलाधिकारी
इन मौतों का जिम्मेदार आखिर कौन है?
2018: यूपीएसआईडीसी नाले में गिरने से तीन दोस्तों की मौत।
2014: देवरी रोड पर युवक की नाले में गिरकर मौत।
2013: गोकुलपुरा में नाला बना मां-बेटी के लिए काल।
ये बने खतरनाक
नाला मंटोला, महावीर नाला, देवरी रोड नाला, गोकुलपुरा, टीबीडीसी, नाला डेरा सरस, चित्रा टाकीज नाला, शाही कैनाल सहित ऐसे कई नाले हैं जिनकी दीवारें टूटी हुई हैं। नाले बरसात होने पर ओवर फ्लो होते हैं।
नाले में गिरने से हुई मौतें छोड़ गईं अपने पीछे सवाल
अधिकारी अपने दायित्वों का निर्वहन कब करेंगे? नगर निगम के निर्वाचित प्रतिनिधि क्या सिर्फ फीता काटने के लिए हैं? नाले में गिरकर मौतें होने पर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा क्यों नहीं चलना चाहिए? स्मार्ट सिटी के र सब्जबाग दिखाकर कब तक लोगों को मूर्ख बनाया जाता रहेगा? सही बात तो यह कि नगर निगम ने नालों को खुला रखकर मौत का पूरा इंतजाम कर रखा है। न बजट की कमी है और न ही संसाधनों की। कमी है तो सिर्फ इच्छाशक्ति और संवेदनशीलता की।
टीला नंदराम के नाले में गिरा था बच्चा
भ्रष्ट व्यवस्था के कारण टीला नंदराम के नाले में शुक्रवार को 11 साल का मासूम सूरज डूब गया था। टीला नंदराम निवासी हरिओम का 11 वर्षीय बेटा सूरज मां पिंकी के साथ पिता को रावली स्थित जूता फैक्ट्री में खाना देने जा रहा था। काजीपाड़ा नाला चोक होने से गली में घुटनों तक पानी भरा था। टीला नंदराम में नाला काजीपाड़ा का निर्माण और उसे कवर करने का काम 2011 में भीमनगरी महोत्सव के दौरान स्वीकृत हुआ था। नाले के निर्माण में जल निगम की ओर से घोर अनियमितताएं बरती गई हैं।
किसी भी नाले की अंत तक सफाई नहीं हुई
ताजमहल के शहर आगरा में 180 छोटे नाले हैं। ये सभी 20 बड़े नालों में मिलते हैं। शुरू से लेकर अंत तक किसी भी नाले की सफाई नहीं हुई है। सूरसदन से हरीपर्वत तक नाला भी साफ नहीं हुआ है, जो रामनगर कॉलोनी, एमजी रोड, सुरसदन तिराहे पर जलभराव का सबसे बड़ा कारण है। शहर में जगह जगह नाले खुले हुए हैं। सुल्तानगंज की पुलिया पर नाले की सफाई के दौरान स्लैब हटा दी थी, दोबारा सैलब नहीं रखी गई। इसी तरह से शहर में जगह जगह मेनहोल टूट गए हैं। कोहरे में खुले नाले और टूटे मेनहोल से हादसे हो सकते हैं।
रिपोर्ट प्रमोद कुशवाहा