: अनएकेडमी में श्योर सक्सेस नहीं तो आधी फीस वापस
Tue, May 20, 2025
अनएकेडमी सेन्टर में स्कॉलरशिप प्रोग्राम के बाद विद्यार्थियों के लिए शुरु किया श्योर सक्सेस प्रोग्राम
नीट और जेई में एडमीशन न होने पर होगी आधी फीस वापस
आगरा। नीट और जेई की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के लिए अनएकेडमी सेंटर का श्योर सक्सेस प्रोग्राम एक बेहतर मौका लेकर आया है। सभी क्लास अटेंड करने व टेस्ट देने के बाद भी यदि विद्यार्थी का सलेक्शन नहीं होता तो आधी फीस वापस कर दी जाएगी। जिससे विद्यार्थी को अगले वर्ष और बेहतर तैयारी करने व सलेक्शन होने में आर्थिक मदद मिल सके। यह जानकारी एनएच-2 स्थित एसआरके मॉल के पास अनएकेडमी सेन्टर के एकेडमिक हेड वैभव सिंह ने आज आयोजित वर्कशॉप में दी।
कई बार विद्यार्थी पहली बार में नीट व जेई जैसी परीक्षा क्लीयर नहीं कर पाते। ऐसे में उनकी तैयारी बाधित न हो और अगले वर्ष के लिए वह और बेहतर कर सके, इसी उद्देश्य के साथ श्योर सक्सेस प्रोग्राम शुरु किया गया है। शर्त यह है कि विद्यार्थी ने सभी क्लास अटेंड की हो व सभी टेस्ट दिए हों। 100 मेधावी विद्यार्थियों के लिए स्कॉलरशिप प्रोग्राम पहले से चल रहा है। बताया कि अनएकेडमी के देश के 50 शहरों में 75 से अधिक सेन्टर चल रहे हैं, जहां बेहतर शिक्षा प्रदान करने के साथ सामाजिक दायित्व भी निभाए जा रहे हैं। उद्देश्य है कि सिर्फ आर्थिक वजह से मेधावी विद्यार्थियों की शिक्षा में रूकावट न हो। वर्तमान मे संस्थान में 500 से अधिक बच्चे ऑफलाइन क्लास ले रहे है ।
इस अवसर पर मुख्य रूप से श्रवण कुमार, वंदना आनन्दी, दीपक सिंह, पुनीत चौधरी आदि उपस्थित थे।
: देखें, साफ करें, ढकें के फॉर्मूले से दूर रहेगा डेंगू
Fri, May 16, 2025
अपने आस-पास मच्छरों को पनपने से रोकें
सही समय पर उपचार न होने पर जानलेवा हो सकता है डेंगू
मच्छरों से करें बचाव
राष्ट्रीय डेंगू दिवस (16 मई 2024) पर विशेष
आगरा। डेंगू जानलेवा हो सकता है, समय पर उपचार कराने से डेंगू ठीक हो सकता है। इससे बचाव के लिए अपने आसपास साफ-सफाई रखना और मच्छरों से बचाव करना आवश्यक है। प्रत्येक वर्ष 16 मई को राष्ट्रीय डेंगू दिवस मनाया जाता है। इस बार राष्ट्रीय डेंगू दिवस की थीम श्देखें, साफ करें, ढकें रू डेंगू को हराने के उपाय करेंश् रखी गयी है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा 16 मई को राष्ट्रीय डेंगू दिवस के अवसर पर विभिन्न जागरुकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएँगे।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि हर वर्ष 16 मई को नेशनल डेंगू दिवस मनाया जाता है। जिसका उद्देश्य डेंगू जैसी बीमारी के प्रति लोगों को जागरूक करना है । सीएमओ ने बताया कि डेंगू एक मच्छर जनित वायरल रोग है जो एडीज मच्छर के काटने से फैलता है। डेंगू या डेंगी डेंगू वायरस से संक्रमित मच्छरों के काटने से होती है। यह मादा एडीज मच्छर के काटने से फैलता है। यह साफ पानी में पनपता है।
वेक्टर बोर्न रोगों के नोडल अधिकारी डॉ. सुरेंद्र मोहन प्रजापति ने बताया कि डेंगू के लक्षणों के बावजूद समय से जांच न होने की स्थिति में जब इसका बुखार छठवें से आठवें दिन में पहुंचता है तो खतरा भी ज्यादा बढ़ जाता है, लेकिन ऐसे मरीज भी समय से अस्पताल आएं तो भर्ती कर ठीक हो जाते हैं । शरीर में चकत्ते आना या नाक, मुंह व मसूड़ों से खून आना डेंगू के खतरनाक लक्षण हैं और ऐसी स्थिति में मरीज को भर्ती करना अनिवार्य है । प्लेटलेट उन्हीं मरीजों को चढ़ाने की जरूरत पड़ती है जिनके शरीर से ब्लीडिंग होने लगती है। अगर ब्लीडिंग नहीं हो रही है तो बीस हजार प्लेटलेट होने पर भी इसे चढ़ाने की आवश्यकता नहीं है, जबकि अगर ब्लीडिंग हो रही है तो अस्सी हजार प्लेटलेट रहने पर भी इसे चढ़ाना पड़ता है।
जिला मलेरिया अधिकारी राजेश गुप्ता ने बताया कि राष्ट्रीय डेंगू दिवस पर गुरूवार को सभी ब्लॉक क्षेत्रों में जागरूकता संबंधी गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। लोगों के बीच यह संदेश दिया जाएगा कि डेंगू का वाहक एडीज मच्छर साफ पानी में पैदा होता है। ऐसे में छत एवं घर के आसपास अनुपयोगी सामग्री इकट्ठा न होने दें। हफ्ते में एक बार टीन, डब्बा, बाल्टी का पानी खाली कर दें और दोबारा उपयोग के लिए उनको सुखाएं। प्रत्येक सप्ताह कूलर का पानी खाली कर दें और सूखा कर ही पानी भरें। पानी के बर्तन और टंकी आदि को ढंग कर रखें। हैंडपम्प के आसपास पानी इकट्ठा न होने दें। घर के आसपास के गड्ढों को मिट्टी से ढक दें। साफ जमा पानी में मिट्टी का तेल या जला हुआ इंजन का तेल डालें। दिन में भी पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें।
जिला मलेरिया अधिकारी ने बताया कि डेंगू से बचाव के लिए मच्छरों से बचाव करना जरूरी है। इसके लिए अपने आस-पास मच्छरों को न पनपने दें। अपने घर में या घऱ के आसपास गमलों में, टायरों में, गड्ढों में पानी को जमा न होने दें। कूलर के पानी को सप्ताह में एक बार जरूर बदलें । इन्हीं में डेंगू का लार्वा पनपता है। उन्होंने ने बताया कि एंबेड परियोजना के प्रतिनिधियों के द्वारा डेंगू बचाव और जागरूकता गतिविधियों में सहयोग किया जा रहा है।
ओम एन्क्लेवेला सेवला सराय निवासी 24 वर्षीय ऋषभ त्यागी बताते हैं कि मैं बिजनेस के सिलसिले में जयपुर गया था स जहां मैं रुका था, वहां पर पानी की निकासी का उचित प्रबंध नहीं था जिसके कारण नालियों में पानी एकत्रित रहता था स मेरा मानना है कि इसी वजह से मुझे डेंगू हुआ, इसलिए साफ सफाई और पानी के निकासी होना बहुत जरूरी है।
ऋषभ त्यागी बताते हैं कि इसी वर्ष 2025 में सबसे पहले मुझे तेज बुखार आया मैंने अपनी जांच कराई तो मुझे पता चला मेरी प्लेटलेट्स कम हो गई है, उसके बाद मैं आगरा आ गया । आगरा के एक निजी अस्पताल में अपनी जांच कराई जहां पर मुझे पता चला कि 70 हजार से अधिक प्लेटलेट्स काम हो गई है फिर मेरा उपचार शुरू हुआ। इस दौरान मैंने अपने खानपान का विशेष ध्यान दिया साथ ही नियमित दवा का सेवन किया जिससे मेरी रिकवरी जल्दी हो गई । मैं एक माह में ठीक हो गया था लेकिन मेरा वजन कम हुआ और 3 माह तक लगातार मुझे कमजोरी बनी रही ।
ऋषभ त्यागी का कहना है कि सभी को डेंगू से बचाव करना चाहिए। डेंगू होने के बाद इसके गंभीर प्रभाव हो सकते हैं। अगर कोई साधारण व्यक्ति को डेंगू होता है, तो उसके लिए इलाज कराना मुश्किल हो सकता है। डेंगू होने से शरीर में 50ः कमजोरी आ सकती है। इसलिए, साफ-सफाई का विशेष ध्यान देना चाहिए। किसी भी जगह साफ पानी जमा न होने दें। हमारी समझदारी और सावधानी हमें डेंगू के खतरों से बचा सकती है।
मेरा अनुभव:
मेरा इलाज निजी अस्पताल में रेलवे कोटे के माध्यम से हुआ था, इसलिए मुझे कोई पैसा खर्च नहीं करना पड़ा। लेकिन अगर किसी को प्राइवेट हॉस्पिटल में इलाज कराना होता, तो लगभग एक लाख रुपए खर्च हो सकता है। यह किसी भी साधारण व्यक्ति के लिए बहुत बड़ी रकम है। इसलिए, डेंगू के प्रति सचेत रहें और जागरूकता बढ़ाएं। अपने आसपास के लोगों को भी डेंगू के खतरों के बारे में बताएं और उन्हें बचाव के तरीकों के बारे में जानकारी दें।
बुखार होने पर यह करें
प्रशिक्षित चिकित्सक को दिखाएं
चिकित्सक की निगरानी में दवा के साथ पर्याप्त बेड रेस्ट लें
तरल भोज्य पदार्थों का सेवन करें और खूब पानी पिएं
तीव्र बुखार की स्थिति में 108 एंबुलेंस की सहायता से अस्पताल पहुंचें
बुखार हो तो यह न करें
अपने मन से दवा न लें
शारीरिक श्रम न करें
बुखार उतरने लगे तो निश्चिंत न हों और सावधानी जारी रखें
बुखार ठीक होने के बाद भी बेड रेस्ट लें
डेंगू के लक्षण
तेज बुखार
त्वचा पर चकत्ते
तेज सिर दर्द
पीठ दर्द
आंखों में दर्द
मसूड़ों से खून बहना
नाक से खून बहना
जोड़ों में दर्द
उल्टी
डायरिया
डेंगू की स्थिति जिले में
वर्ष - कुल केस
2021 - 1161
2022 - 35
2023 - 173
2024 - 190
2025 - 0
: रीलोकेट करने के कारण श्वान में बढ़ रहे रेबीज के मामले, नसबंदी प्रोग्राम हो रहा फेल
Fri, May 16, 2025
देसी श्वानों में बढ़ती आक्रामकता व बढ़ते रेबीज के मामलों को रेजीडेन्शियल वेलफेयर सोसायटी की जागरूकता से ही किया जा सकता है समाप्त
आगरा। समाज में पहली रोटी गाय की और आखिरी रोटी श्वान की परम्परा टूटने व रेजीडेन्शियल वेलफेयर सोसायटियों (आरडब्ल्यूएस) द्वारा देसी श्वानों को रीलोकेट करना रेवीज के मामलों में इजाफे का मुख्य कारण है। श्वानों में नसबंदी प्रोग्राम भी फेल हो रहा है। परन्तु शहर की आरडब्ल्यूएस समस्या को समझकर उसे हल करने के बजाय सिर्फ छुटकारा चाहती हैं। हर कोई बस यही चाहते हैं कि श्वानों को उनके क्षेत्र से हटा दो, भरकर कहीं फेंक दो। सुप्रीम कोर्ट के आर्डर के बाद भी एबीसी का प्रोग्राम ठीक से नहीं चल पा रहा।
श्वानों की विदेशी ब्रीड के प्रति मोह के कारण अवैध रूप से चल रहे ब्रीडिंग सेन्टर और देशी श्वानों के प्रति लोगों में हीन भावना व नकारात्मकता को दूर करने के उद्देश्य से खंदारी स्थित कैस्पर्स होम पर आज एनीमल लवर्स द्वारा बैठक का आयोजन किया गया। एचएडब्ल्यूआर की प्रतिनिधि कैस्पर्स होम की निदेशक विनीता अरोड़ा ने कहा कि देसी श्वानों के भी कई फायदे हैं। आरडब्ल्यूएस द्वारा नगर निगम व संस्थाओं को रोकने के बजाय उनका सहयोग करना चाहिए। जो स्ट्रीट डॉग एग्रेसिव होते हैं, उसके पीछे की बजह हो सकती है। जिसका जो नेटिव प्लेस है उसे वहीं रहने दें। किसी के साथ बर्बरता न करें। उन्होंने संस्था के पास पहुंचे कई मामलों का उदाहरण देते हुए कहा कि लोग बोरों में भरकर श्वानों को नालों तक में फेंक आते हैं। जबकि सुप्रीम कोर्ट के सख्त आर्डर हैं कि आरडब्ल्यूएस को अपने आस-पास के एनीमल की रहने व खाने पीने की व्यवस्था करनी होगी। सहयोग न मिल पाने के कारण शहर की सभी आरडब्ल्यूएस में एनीमल वेलफेयर कमेटी का गठन करने में भी दिक्कत आ रही हैं। जानवरों के प्रति कानून की जानकारी न होने से क्षेत्रीय पुलिस भी सहयोग नहीं करती। बैठक में शहर की रेजीडेंशियल वेलफेयर सोसायटी को नगर निगम व संस्थाओं का सहयोग करने की पील की गई।
इस अवसर पर मुख्य रूप से यश रहेजा, गुंजन, सनी, डॉ. तूलिका अग्रवाल, शांतनु बंसल, अंकित शर्मा, प्रतिभा गोस्वामी, कुर गोस्वामी, गरिमा शर्मा, गुंजन आदि उपस्थित थे।