: श्रीराम कथा: हनुमान भक्ति ने श्रद्धालुओं को किया भावविभोर
Thu, Sep 11, 2025
रामकथा हमें धर्म, सत्य और समाजहित का मार्ग दिखाती है - राजकुमार गुप्ता, भाजपा महानगर अध्यक्ष
आगरा। सुभाष नगर, कमला नगर में विश्व सनातन ट्रस्ट द्वारा चल रहे नौ दिवसीय श्रीराम कथा महोत्सव का अष्टम दिवस उत्साह और प्रेरणा से सराबोर रहा। कथा व्यास पं. भरत उपाध्याय ने इस दिन भगवान श्रीराम और सुग्रीव की मित्रता, बाली–सुग्रीव युद्ध तथा हनुमानजी से प्रभु की भेंट का अत्यंत भावपूर्ण वर्णन किया।
कथा व्यास पंडित भरत उपाध्याय ने कहा कि बाली और सुग्रीव के युद्ध का प्रसंग हमें यह शिक्षा देता है कि अन्याय और छल का अंत निश्चित है। प्रभु श्रीराम ने सुग्रीव को न्याय दिलाने के लिए बाली का वध कर धर्म की स्थापना की। इसी के साथ हनुमानजी का प्रथम परिचय और उनकी भक्ति ने यह संदेश दिया कि सच्चा भक्त अपने जीवन का हर क्षण प्रभु सेवा और समाज कल्याण के लिए समर्पित करता है।
मुख्य अतिथि भाजपा महानगर अध्यक्ष राजकुमार गुप्ता ने व्यासपीठ की आरती करते हुए कहा कि रामकथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह समाज को सत्य, त्याग, भाईचारे और सेवा का संदेश देने वाली जीवन गाथा है।
संस्था के संस्थापक एवं मुख्य यजमान आकाश शर्मा और रेखा शर्मा ने बताया कि कथा प्रसंग हमें यह सिखाते हैं कि यदि जीवन में सच्चे मित्र और समर्पित सहयोगी हों तो हर संकट का समाधान संभव है।
इस अवसर पर ऋषि कुमार शर्मा, कमलेश शर्मा, महंत गोपी गुरु(श्री लंगड़े हनुमत धाम, लंगड़े की चौकी), पुस्कल गुप्ता, राजदीप सिंह, दीपेश उपाध्याय, पल्लवी महाजन, आदि श्रद्धालु कथा श्रवण कर धर्म और भक्ति में लीन रहे।
: राजीव कांत लवानिया बने दशहरा मेला स्वागत समिति के 15 वीं बार अध्यक्ष, कार्यकारिणी घोषित
Thu, Sep 11, 2025
43वां दशहरा मेला इस बार एक दिवसीय, रावण का नया स्वरूप होगा आकर्षण का केंद्र
आगरा। बाग मुजफ्फर खान स्थित संरक्षक हेमेंद्र कुलश्रेष्ठ के कार्यालय पर दशहरा मेला स्वागत समिति द्वारा आयोजित सभा में इस वर्ष होने वाले 43वें दशहरा मेले की तैयारियों को लेकर बैठक हुई। बैठक में सर्वसम्मति से कार्यकारिणी का गठन किया गया। इस वर्ष मेट्रो के कार्य के चलते दशहरा मेला दो दिन की बजाय एक दिवसीय ही आयोजित होगा। समिति के अध्यक्ष राजीव कांत लवानिया और महामंत्री विनय जैन बनाए गए। मुख्य संरक्षक हेमेंद्र कुलश्रेष्ठ ने नवीन कार्यकारिणी की घोषणा की। मेला संयोजक जुगल चतुर्वेदी और महिला मंडल प्रभारी तरुणा अग्रवाल रहेंगी।
संरक्षकों में दाऊ दयाल शर्मा, भगवान दास कुशवाहा, पंडित ओम शर्मा, नरेश जैन, शरत चंद्र, प्रदीप वार्ष्णेय, विजय गोयल, अनिल बृजवासी, ओम प्रकाश रौतेला और जय अग्रवाल को शामिल किया गया। मेला प्रभारी विनय शर्मा, स्वागत अध्यक्ष रमन गुप्ता, वरिष्ठ उपाध्यक्ष अर्जुन सिंह, मनीष गर्ग, कपिल नगर और रविंद्र मोहन बंसल रहे। उपाध्यक्ष पद पर विनोद गुप्ता, राकेश बघेल, श्यामसुंदर शर्मा और दिनेश वर्मा मनोनीत किए गए। कोषाध्यक्ष जसवंत सिंह बघेल, सहसंयोजक मुकुल कुलश्रेष्ठ व पंडित मुकेश शर्मा, लेखा अधिकारी प्रदीप सिंघल, सांस्कृतिक सचिव अखिल अग्रवाल, निखिल कुलश्रेष्ठ और आशीष लवानिया बने। मंत्री मंडल में सचिन सेठ, सौरभ गुप्ता, विशाल तोमर, प्रशांत सिंह और दिशांत गर्ग शामिल रहे, जबकि सहमंत्री सुमित चतुर्वेदी, पिंटू कुमार, लाल बघेल, सागर कुशवाहा और हिमांशु वर्मा रहे। मीडिया प्रभारी मोहित चतुर्वेदी और सह मीडिया प्रभारी संस्कार गुप्ता नियुक्त किए गए। महिला मंडल में नीना बघेल, सीमा यादव, सपना चतुर्वेदी, पूजा अग्रवाल, प्रतिभा लवानिया और पारुल बघेल को जिम्मेदारी दी गई।
अध्यक्ष राजीव कांत लवानिया ने बताया कि दो अक्टूबर को 43वें दशहरा मेले का आयोजन इस बार भव्य रूप में होगा। रावण का नया स्वरूप विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा। मेले में विभिन्न सांस्कृतिक प्रतियोगिताएं भी होंगी और आतिशबाजी और रावण दहन के साथ किया जाएगा।
: रावण ने पुत्र-भाईयों के साथ किया शक्ति प्रदर्शन, दी अपने राजा होने की दुहाई
Thu, Sep 11, 2025
ताड़का, कुम्भकरण, मेघनाथ ने भी किया शक्ति प्रदर्शन
आगरा। क्रोध से धधकती आंख और दोनों हाथों में तलवार। कभी तड़का का अट्टहास। कभी दशानन की प्रताड़ना को बया करते जेल में बंद साधु। जब लंका पति रावण अपने पुत्र भाइयों के साथ लाव लश्कर लेकर नगर भ्रमण पर निकला तो शहरवासियों पर अत्याचार की झड़ी लगा दी। उत्तर भारत की ऐतिहासिक रामलीला में जब लंका नरेश महाराज रावण अपने सम्राट होने की दुहाई देने नगर भ्रमण पर निकले तो यह दृश्य देख शहरवासी डर और सहम गये। दशानन की शोभायात्रा में सबसे आगे दो ऊँट चल रहे थे। ऊँट के पीछे ताड़का की सवारी थी। ताड़का की सवारी के पीछे जेल की झॉकी थी। जिस पर राक्षस दल अत्याचार कर रहे थे। सवारी पर दशानन की 2 तोप सजी हुयी थी जो तोप अपने गोले फेंकते हुए प्रदशर्न कर रही थी। उसके पीछे रावण के सेनापतियों और पीछे दशानन के भाई महाराज कुम्भकरण की झॉकी थी। जोकि शक्ति प्रदर्शन और अट्टहास करते हुए चल रहे थे। कुम्भकरण की झॉकी के आगे आगरा का प्रमुख सुधीर बैण्ड अपनी मधूर स्वर लहरियाँ बिखेर रहा था। कुम्भकरण की झॉकी के पीछे दशानन का सबसे ताकतवर योद्धा/पुत्र मेघनाथ (इन्द्रजीत) का सुसज्जित रथ था। अन्त मे स्वंय महाराज दशानन रावण का सुसज्जित जगमगाता अश्व रथ था। दशानन अश्वों के रथ पर स्वंय सवार थे तथा अपने रथ से अपने सम्राट होने की दुहाई का मनमोहक प्रदर्शन कर रहे थे।
शोभायात्रा का शुभारम्भ भारत के सरकार के केन्द्रीय मंत्री प्रो. एस.पी. सिंह बघेल द्वारा किया गया। शोभायात्रा रावतपाड़ा तिराहे से शुरू होकर जौहरी बाजार, सुभाष बाजार, दरेसी न० 1 व 2. छत्ता बाजार, कचहरी घाट, बेलनगंज, पथवारी धुलियागंज, घटिया, फुलटट्टी बाजार, किनारी बाजार, कसरेट बाजार होती हुई पुनः रावतपाड़ा पहुंच कर सम्पन्न हुई। शोभायात्रा का जगह जगह बड़ी धूम-धाम से स्वागत किया गया। जगह-जगह शोभायात्रा मार्ग में निवासियों द्वारा दशानन पर पुष्प वर्षा की गयी।
शोभायात्रा के साथ रामलीला कमेटी के अध्यक्ष/विधायक पुरूषोत्तम खंडेलवाल, महामंत्री राजीव अग्रवाल, तारा चन्द, टी.एन. अग्रवाल, विजय प्रकाश गोयल, मुकेश अग्रवाल, विनोद जौहरी, मनोज अग्रवाल (पोली भाई), मुकेश जौहरी, प्रवीन स्वरूप, अंजुल बंसल, आनन्द मंगल, रामांशु शर्मा, आयुष तार, राकेश अग्रवाल, दिलीप कुमार अग्रवाल, मनीष शर्मा, अजय अग्रवाल, शैलेन्द्र अग्रवाल, प्रकाश चन्द, निक्की जौहरी, योगेन्द्र अग्रवाल, मुकुल अग्रवाल, अरविन्द अग्रवाल, प्रसुन मंगल, गिरधर शरण, अनुज वर्मा, अशोक गोयल, संजय अग्रवाल, राहुल गौतम आदि अनेक पदाधिकारी उपस्थित रहें।