: अनुशासित रहने पर मिलती है स्वतंत्रता
Sun, Nov 26, 2023
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लाइफ लीडर्स क्लब द्वारा एयर फोर्स स्कूल में आयोजित की गई कल्टीवेट द पॉवरफुल ग्रोथ माइंडसेट फॉर सक्सेस विषय पर कार्यशाला
आगरा। अनुशासित रहने पर ही व्यक्ति स्वतंत्र रह सकता है। ठीक वैसे ही जैसे सीमा पर हमारी सुरक्षा कर रहे नौजवान जब अनुशासित रहकर देश की सुरक्षा करते हैं, तभी हम देशवासी देश के अन्दर स्वतंत्र रह पाते हैं। इसलिए अपने जीवन और दिनचर्या को अनुशासित रखेंगे तो कोई काम पेंडिंग नहीं रहेगा। न ही किसी काम के लिए समय का अभाव रहेगा। एयर फोर्स स्कूल में आज लाइफ लीडर्स क्लब द्वारा कल्टीवेट द पॉवरफुल ग्रोथ माइंडसेट फॉर सक्सेस विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमें जयपुर से आई लाइफ लीडर्स क्लब की संस्थापिक स्मृति श्रीवास्तव ने अपने व्याख्यान में कक्षा 9 व 11 के विद्यार्थियों को जीवन में सफलता के लिए सरल व महत्वपूर्ण सूत्र दिए।
ग्रोथ माइंडसेट कोच स्मृति श्रीवास्तव ने बताया कि फेल होने जैसा कुछ नहीं होता। आपने एक लक्ष्य निर्धिरत किया। या तो आप वहां पहुंच पाए या फिर आपने वहां तक पहुंचने के मार्ग में बहुत कुछ सीखा। अपने विचारों में फेल जैसे नकारात्मक जैसे शब्द को शामिल न करें। नकारात्मक चीजों पर ध्यान देने से उसके पराधीन नहीं बनना है आपको। किसी और को नहीं बल्कि खुद को साबित करें। खुद से प्रतिस्पर्धा करें। सोचें कल आप क्या थे और आज यदि उससे बेहतर हैं तो आप सफल हैं। अपनी भावनाओं में सकारात्मकता को बढ़ाएंगे तभी सफलता का प्रतिशत बढ़ेगा। जो नहीं आते उसे स्वीकारना सीखें। पूछने या कुछ नया सीखने में झिझके नहीं। हाथ न होने पर भी शूटिंग में एशियन पेरा में दो गोल्ड मेडल जीतने वाली शीतल देवी और पैर न होने पर भी एवरेस्ट की चोटी पर चढ़ने वाले हरी बुद्धा का उदाहरण देते हुए कहा कि जीवन की दुर्घटनाओं को लेकर न बैठें। आगे बढ़े। आपकी सफलता किसी और के पास नहीं बल्कि खुद आपकी सोच में हैं। इस अवसर पर शिक्षिकाओं में मुख्य रूप से विभा अरोरा, विनोद दुबे आदि उपस्थित थे।
: श्रीकृष्ण−सुदामा का मिलन देख श्रद्धालु हुए भाव विभोर, मित्रता की सीख लेकर निकले पंडाल से
Fri, Nov 24, 2023
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श्रीकृष्ण लीला शताब्दी समारोह में आठवे दिन हुआ श्रीकृष्ण− सुदामा मिलन लीला का मंचन
बल्केश्वर गौशाला में चल रहे श्रीकृष्ण लीला शताब्दी समारोह में श्रीकृष्ण सुदामा मिलन लीला का मंचन करते कलाकार।
आगरा। मित्र वही है जो किसी भी परिस्थिति में मित्र का साथ न छोड़े। मित्र के कहे बगैर मित्र के मन की बात को समझ ले और उसकी पीड़ा को स्वयं की पीड़ा माने। श्रीकृष्ण के प्रिय सखा सुदामा के प्रति स्नेह को राधा विनोद लीला संस्थान, वृंदावन के लीला निर्देशक स्वामी श्रीराम शर्मा (निमाई) के निर्देशन में कलाकारों ने प्रभावशाली ढंग से मंचित किया।
श्री कृष्ण के स्वरूप की आरती उतारते कॉपरेटिव बैंक के चेयरमैन प्रदीप भाटी व मनीष अग्रवाल।
बल्केश्वर स्थित गौशाला में श्रीकृष्ण लीला समिति के तत्त्वावधान में चल रहे श्री कृष्ण लीला शताब्दी समारोह में श्रीकृष्ण− सुदामा लीला का मंचन किया गया। मुख्य अतिथि प्रदीप भाटी (चेयरमैन, कॉपरेटिव बैंक) थे।
आठवें दिन के लीला मंचन में दिखाया गया कि श्रीकृष्ण व सुदामा बचपन में उज्जैन नगरी में संदीपन गुरु के यहां विद्याध्यन करते हैं। एक दिन गुरु की आज्ञा से दोनों मित्र वन में समिधा (हवन की लकड़ी) लेने जाते हैं। जहां श्री कृष्ण व सुदामा दोनों को दिए गए चनों को सुदामा अकेले ही खा जाते हैं, जिसके कारण सुदामा को दरिद्रता का सामना करना पड़ता है परंतु सुदामा कभी भी श्री कृष्ण का भजन नहीं छोड़ते। एक बार पत्नी के विशेष आग्रह पर सुदामा द्वारिका जाते हैं और भेंट में थोड़े से चावल श्री कृष्ण के लिए ले जाते हैं। श्री कृष्ण उसमें से दो मुट्ठी चावल खाते हैं, जिसके बदले सुदामा को दो लोक की संपत्ति दे देते हैं। द्वारकापुरी जैसा सुदामापुरी का वैभव करते हैं।
अध्यक्ष मनीष अग्रवाल ने बताया कि श्रीकृष्ण− सुदामा मिलन लीला से समाज को दो शिक्षाएं मिलती हैं प्रथम किसी का भाग चोरी से ग्रहण नहीं करना चाहिए। दूसरे अपने मित्र का दुख अपना दुख समझना चाहिए। उसे कभी हेय दृष्टि से नहीं देखना चाहिए। लीला मंचन में पात्रों के अभिनय ने सभी को भाव विभोर कर दिया।
इस अवसर अध्यक्ष मनीष अग्रवाल, विजय रोहतगी, अशोक गोयल, शेखर गोयल, ब्रजेश अग्रवाल, उत्तम चंद्र, कृष्ण कन्हैया अग्रवाल, मनोज गुप्ता, संजय गुप्ता, संजीव गुप्ता, विष्णु अग्रवाल, राजेंद्र, संजय चेली, डीके चौधरी, रेणु गोयल, मनीष बंसल, नीलिमा, सुजाता, संजय गर्ग, नीरज अग्रवाल, अशोक हरियाणा, दीपक अग्रवाल आदि उपस्थित रहे।
: टीबी रोग से बचाव के लिए एसीएफ अभियान का शुभारंभ, निकली जन जागरूकता रैली
Fri, Nov 24, 2023
डीटीओ ने एक्टिव केस फाइंडिंग अभियान का शुभारम्भ किया
23 नवंबर से पांच दिसंबर तक चलेगा अभियान होगी टीबी मरीजों की खोज
जिले में टीबी रोग से बचाव के प्रति 15 प्रचार वाहन आमजन को करेंगे जागरूक
आगरा. 23 नवम्बर 2023। राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के तहत देश को वर्ष 2025 तक टीबी मुक्त बनाने के लक्ष्य को प्राप्त करने और आमजन को जागरूक करने के उद्देश्य से “एक्टिव केस फाइंडिंग” अभियान का शुभारंभ हुआ। बृहस्पतिवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय परिसर से जन जागरूकता रैली और प्रचार वाहन को जिला क्षय रोग अधिकारी (डीटीओ) डॉ. सुखेश गुप्ता ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान रैली में शामिल विभाग के अधिकारियों व स्वास्थ्य कर्मियों और सहयोगी संस्थाओं के प्रतिनिधियों सहित टीबी चैंपियन ने टीबी मुक्त भारत के के लिए जागरूकता परक नारे लगाए।
जिला क्षय रोग अधिकारी गुप्ता ने बताया कि एक्टिव केस फाइंडिंग अभियान को निधारित समयावधि में कुल दस दिनों तक चलाया जाना है। अभियान में 11.1 लाख की आबादी में खोजे जाएंगे टीबी मरीज, अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग की टीम घर-घर जाकर संभावित क्षय रोग के लक्षण वाले मरीजों की पहचान करेंगी। निक्षय पोर्टल पर दस हजार टीबी के रोगी दर्ज हैं, जो उपचाराधीन हैं। फिर भी काफी मरीज अब भी जागरूकता के अभाव में स्वास्थ्य विभाग से संपर्क नहीं करते हैं और अपनी बीमारी को छिपाने का प्रयास करते हैं। ऐसे रोगियों को तलाश करने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के दौरान अनाथालय, वृद्धाश्रम, नारी निकेतन, बाल संरक्षण गृह, मदरसा, नवोदय विद्यालय, कारागार, चिन्हित समूहों, ईंट भट्ठे, साप्ताहिक बाजारों आदि में संभावित क्षय रोगियों की तलाश स्वास्थ्य कर्मी करेंगे। अभियान में जिले की जनसंख्या की 20 प्रतिशत हाई रिस्क वाली आबादी में मरीजों को तलाश कर उनका उपचार किया जाएगा।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने आम जनता से अपील करते हुए कहा है कि सक्रिय क्षय रोगी खोज अभियान को सफल बनाने के लिए सभी के साथ की आवश्यकता है। अभियान के दौरान अगर आपको लगातार दो हफ्तों से ज्यादा खांसी, खांसी के साथ खून का आना, छाती में दर्द और सांस का फूलना, वजन का कम होना और ज्यादा थकान महसूस करना, शाम को बुखार आना और ठंड लगना जैसे लक्षण हैं तो टीम को जानकारी दें और अपनी जांच अवश्य करवाएं। टीबी के लक्षणों जैसे मिलते-जुलते लक्षण वाले व्यक्ति संज्ञान में आए तो उन्हें तुरंत स्वास्थ्य विभाग और एसीएफ अभियान की टीम से संपर्क करने की सलाह दे साथ ही उन्हें जांच करने के लिए प्रेरित करें। अभियान के दौरान आपके स्वास्थ्य विभाग द्वारा गठित एसीएफ अभियान की टीम आपके घर जानकारी लेने के लिए पहुंचेगी सही जानकारी प्राप्त कराकर आप टीम का सहयोग करें जिससे आगरा को हम सब टीबी मुक्त बनाने में सफल हो पाएंगे। उन्होंने ने बताया कि क्षय रोग माइक्रोबैक्टीरिया, ट्यूबरक्लोसिस नामक जीवाणु के संक्रमण के कारण होता है। यह रोग मुख्यतः फेफड़े में होता है, लेकिन शरीर के अन्य अंगो जैसे दिमाग, हड्डी , ग्रन्थियों व आंत में भी हो सकता है।
जिला पीपीएम समन्वयक अरविंद कुमार यादव ने बताया कि एसीएफ अभियान के पहले दिन 373 टीमों द्वारा 731 संदिग्ध टीबी मरीजों की स्क्रीनिंग की गई जिसमें से 339 लोगों के बलगम नमूने जांच के लिए गए।
रैली में प्रतिभा के दौरान टीबी चैंपियन नेहा ने बताया कि आज खंदारी में चल रही ऐस टीम को मेरे द्वारा सहयोग किया गया जिसमें मेरा उद्देश्य यह रहा कि टीम को ग्राउंड स्तर की सही जानकारी प्राप्त हो साथ ही मेरे द्वारा 50 लोगों की काउंसलिंग भी की गई।