: सर्वप्रथम सप्त दिवसीय श्री खाटू श्याम भगवत कथा के आमंत्रण को निकले प्रचार रथ, श्याम प्रेमियों में जबरदस्त उत्साह
Fri, Mar 1, 2024
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11 मार्च से कोठी मीना बाजार पर आरंभ होने जा रही है सर्वप्रथम श्री खाटू श्याम भगवत कथा
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श्री मोरवीनन्दन सेवा मंडल कर रहा है दिव्य-भव्य आयोजन, जुड़े देशभर के श्याम प्रेमी
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जीवनी मंडी स्थित श्री खाटू श्याम जी मंदिर से निकले चार प्रचार रथ, नारियल फोड़ कर रथ किये रवाना
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5001 कलश की निकलेगी यात्रा, श्री श्री 1008 महामंडलेश्वर नर्मदा शंकर पुरी जी महाराज होंगे कथा व्यास
आगरा। कलयुग के श्रीकृष्ण अवतार श्री खाटू नरेश श्याम बाबा की सर्वप्रथम भगवत कथा को दिव्यता और भव्यता प्रदान करने के लिए चार प्रचार रथ शहरभर में रवाना किये गये। श्री मोरवी नंदन सेवा मंडल द्वारा आयोजित होने जा रही भगवत कथा को लेकर श्याम प्रेमियों में जबरदस्त उत्साह दिखा। जीवनी मंडी स्थित श्री खाटू श्याम जी मंदिर से सर्वप्रथम श्री खाटू श्याम सप्त दिवसीय भगवत कथा के चार प्रचार रथ रवाना किये गये। श्याम प्रेमियों ने नारियल फोड़कर प्रचार रथों को रवाना किया।
आयोजन समिति के अध्यक्ष राम अग्रवाल ने बताया कि श्री श्याम फाल्गुन मेला के अवसर पर 11 मार्च से 18 मार्च तक सर्वप्रथम श्री खाटू श्याम भगवत कथा का आयोजन कोठी मीना बाजार में किया जाएगा। प्रतिदिन दिव्य कथा का वर्णन श्री श्री 1008 महामंडलेश्वर नर्मदा शंकर पुरी जी महाराज (जयपुर) के मुखारविंद से होगा।
महामंत्री अमित अग्रवाल ने बताया कि सप्त दिवसीय कथा में द्वापर युग की सबसे बड़ी घटना महाभारत में घटी थी। भीम के पौत्र को क्यों और कैसे श्रीकृष्ण ने अपना नाम दिया, बर्बरिक कैसे श्री खाटू नरेश के रूप में कलयुग के देव माने गये, इन सब का वर्णन भगवत कथा में होगा।
कथा से पूर्व 5001 कलशों को लेकर पीत परिधानों में महिलाएं निकलेंगी। इसके अलावा कथा आयोजन में प्रतिदिन भजन संध्या एवं सांस्कृतिक− संस्कारित आयोजन होंगे।
उपाध्यक्ष आलोक आर्या ने बताया कि 15 हजार से अधिक श्याम प्रेमियों के कथा श्रवण करने का अनुमान है।
आयोजन समिति द्वारा श्री खाटू श्याम जी की आरती एवं प्रसादी वितरण भी प्रचार रथ रवाना करने के बाद किया गया। प्रचार रथों के मार्ग में श्याम प्रेमियों ने पुष्प वर्षा की। चारों प्रचार रथ पूरे जिले के विभिन्न मार्गों पर श्याम प्रेमियों को भगवत कथा में आमंत्रित करने के लिए निकाले गये हैं।
जीवनी मंडी स्थित श्री खाटू श्याम जी मंदिर से श्री खाटू श्याम जी भवगत कथा के प्रचार रथाें को रवाना करते श्री मोरवी नंदन सेवा मंडल के अध्यक्ष राम अग्रवाल, महामंत्री अमित अग्रवाल व श्याम प्रेमी।
इस अवसर पर अध्यक्ष राम अग्रवाल, महामंत्री अमित अग्रवाल, मनीष अग्रसेना, श्रीकांत चैहान, मुकुल चैधरी, आशीष चैहान, शिव सिंह बघेल, जीतू चैधरी, मुन्ना लाल पंडितजी, प्रांशु गोयल, तपेश अग्रवाल, सुमन गोयल, नेहा अग्रवाल, मोहिनी अग्रवाल, कर्तिका, प्रीति, मिनी आदि उपस्थित रहे।
: श्रीमद्भागवत कथा में हुआ श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का किया वर्णन
Fri, Mar 1, 2024
आगरा। यशोदा मैया का दुलार और कुन्हैया की शरारतें, गोपियों का प्रेम से परिपूर्ण उलाहना और महादेव का श्रीहरि के दर्शन को गोकुल आना। कन्हैया की बाल लीलाओं की कथा सुन सभी श्रद्धालू भक्ति के सरोबर में ऐसे डूबे मानों गोकुल और वृन्दावन धाम पहुंच गए। श्रीहरि सत्संग समिति द्वारा विजय नगर स्थित स्पोर्टबज में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में कथा व्यास पूज्य श्री मृदुल कान्त शास्त्री ने आज कन्हैया की बाल लीलाओं का वर्णन किया।
कन्हैया के स्वरूप की व्याख्या करते हुए कहा कि सभी भगवानों में सिर्फ कन्हैया हैं, जिनके हाथ में कोई शस्त्र नहीं बल्कि मुस्कान भरे अधरों पर बासुरी विराजती है। जिसके बेफिक्र चेहरे पर मस्ती है। कन्हैया ने ब्रज में कभी शस्त्र नहीं उठाया, परन्तु जरूरत पड़ने पर श्रीकृष्ण ने कुरुक्षेत्र में शस्त्र धारण किया। बांसुरी बजाता कृष्ण कन्हैया, मुरलीधारी वृन्दावन विहारी कन्हैया का माधुर्य स्वरूप है। जबकि द्वारिका में श्रीकृष्ण एश्वर्य स्वरूप हैं। माधुर्य में द्विभुज कन्हैया और एश्वर्य में चतुर्भुज नारायण हैं। माधुर्य स्वरूप में समीपता है, जहां श्रहरि ने भक्तों का झूठा भी खाया, उलाहना भी सुनी, साथ में रास भी रचाया। इसलिए ब्रज की कथा अच्छी लगती है, क्योंकि वहां माधुर्य है। भगवान को अपनी शक्ति से नहीं बल्कि सिर्फ प्रेम और भाव से बांधा जा सकता है। मैया तेरे द्वार एक बाला जोगी आया, दर्शन अलख जगाया…, दे दो दर्शन यशोदा रानी कि जोगी तेरे दर पे खड़ा…, घर-घर जावे और माखन चुरावे, तू समझे गयो गैया चराने, बड़े नटखट है तेरो लाल यशोदा इसको सम्भाल… जैसे भजन पर हर श्रद्धालु श्रीहरि की भक्ति में झूमता नजर आया।
इस अवसर पर मुख्य रूप से पूरन डाबर, अध्यक्ष शांति स्वरूप गोयल, महामंत्री उमेश बंसल, संयोजक संजय गोयल, संजय मित्तल, भगवानदास बंसल, अनिल अग्रवाल, जितेन्द्र बंसल, उमेश कंसल, राकेश शरद, प्रमोद ग्रवाल, अंशु अग्रवाल, मधु गोयल, शशि बंसल, मीनू त्यागी आदि उपस्थित थीं।
कपड़े, मोबाइल की मत नहीं व्यक्तित्व देखकर करें व्यक्ति का आंकलन
कथा व्यास पूज्य श्री मृदुल कान्त शास्त्री ने कहा कि आजकल व्यक्ति के चरित्र और व्यक्तित्व देखकर नहीं बल्कि हाथ में महंगा मोबाइल, कपड़े और लम्बी गाड़ी देखकर उसका आंकलन किया जाता है। भले ही यह धन वैभव गलत तरीके से कमाया गया हो। यदि देश और समाज को सही दिशा देनी है तो जीवन में सही लोगों का सम्मान और चयन करना सीखें।
: बिरज में हो रही जय-जयकार नंद घर लाला जायो है…
Wed, Feb 28, 2024
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श्रीहरि सत्संग समिति द्वारा आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव पर फूलों और गुब्बारों से सजा कथा स्थल
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श्रृद्धालुओं ने लगाए राधा-कृष्ण के जयकारे, खूब लुटाए गए उपहार
आगरा। भक्ति का ऐसा आनन्द जो परमानन्द बन गया। कथा में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव होते ही हर तरफ राधा-कृष्ण के जयकारे गूंजने लगे। कथा स्थल को आज विशेष रूप से पुष्प व गुब्बारों से सजाया गया था। भक्त भी गोपी और सखा के रूप में सज धज कर कथा श्रवण करने पहुंचे। मानों कथा स्थल नंदगांव बन गया, जहां हर श्रद्धालू श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव की खुशियों में डूबा था। खूब उपहार लुटाए गए। मंगल गीत गाए।
श्रीहरि सत्संग समिति द्वारा विजय नगर स्थित स्पोर्टबज में आज श्रीमद्भागवत कथा में कथा व्यास पूज्य श्री मृदुल कान्त शास्त्री ने श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव की कथा सुनाई। समुन्द्र मंथन की कथा का वर्णन करते हुए कहा श्रीहरि के कच्छप, मोहिनी व धनवन्तरी स्वरूप का वर्णन किया। वामन अवतार की कथा की व्याख्या करते हुए कहा कि भक्तों के लिए भगवान किसी के भी सामने हाथ फैला सकते हैं। भगवान के प्रति भाव हो तो विषाद भी प्रसाद बन जाते है। जीवन का सुख बड़ा बनने में नहीं बल्कि संतुष्ट रहने में है।
इस अवसर पर मुख्य रूप से राज्य मंत्री राकेश गर्ग, अध्यक्ष शांति स्वरूप गोयल, महामंत्री उमेश बंसल, संयोजक संजय गोयल, संजय मित्तल, भगवानदास बंसल, अनिल अग्रवाल, जितेन्द्र बंसल, उमेश कंसल, राकेश शरद, प्रमोद अग्रवाल, अंशु अग्रवाल, मधु गोयल, शशि बंसल, मीनू त्यागी आदि उपस्थित थीं।
दहेज मांग कर अपने बच्चों की बोली न लगाए
कथा व्यास पूज्यश्री मृदुल कान्त शास्त्री ने समुन्द्र मंथन से प्रकट हुई माता लक्ष्मी व नारायण के विवाह का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि विवाह वह संस्कार है, जिसमें दिखावा नहीं होना चाहिए। मांग कर या उपहार स्वरूप दहेज लेने की प्रथा का विरोध करते हुए कहा कि अपने बच्चे को बेचकर जिस बहू को घर लाएंगे, उसका व्यवहार कैसा होगा समझ लीजिए। शराब की लत से दूर रहने का संदेश देते हुए कहा कि जहर भोजन की थाली से महंगा है। शराब ऐसी चीज है जो आपका धन, स्वास्थ और परिवार और कुल सब छीन लेता है। लोग मंगल अवसर पर भी शराब के रूप में जहर पीते हैं। हम आसुरी शक्ति के अधीन हो रहे हैं। संस्कार खत्म हो रहे हैं। धर्म की व्याख्या करते हुए धर्म का अर्थ केवल छप्पन भोग लगाना नहीं। अपने आचरण और व्यवहार को अच्छा बनाए रखें। बाहर से इत्र छिड़कने के बजाय अपने चरित्र को सुगंधित बनाए कि सब आपका सम्मान करें।