: कंस कारागार में जन्मे नंदलाल, हरि अवतरित हुए अधर्म का नाश करनिहार…
Mon, Oct 27, 2025
श्रीकृष्ण लीला मंचन में हुआ अधर्म पर धर्म की विजय का दिव्य चित्रण
रास बिहारी कृपा सेवा ट्रस्ट वृंदावन के स्वामी प्रदीप कृष्ण ठाकुर के निर्देशन में जीवंत हुई द्वापर की झांकी
आगरा। भक्ति, भाव और आध्यात्मिकता से परिपूर्ण वातावरण में सोमवार को श्रीकृष्ण लीला महोत्सव समिति द्वारा आयोजित श्रीकृष्ण लीला में मंचित हुआ वसुदेव देवकी विवाह, आकाशवाणीएवं कारगार में श्रीकृष्ण जन्म प्रसंग, जिसने श्रद्धालुओं को द्वापर युग की अद्भुत यात्रा पर पहुँचा दिया।
प्रसिद्ध लीला निर्देशक स्वामी प्रदीप कृष्ण ठाकुर (रास बिहारी कृपा सेवा ट्रस्ट, वृंदावन) के दिव्य निर्देशन में प्रस्तुत इस मंचन में संवाद, संगीत और अभिनय का ऐसा संगम देखने को मिला कि दर्शक भावविभोर हो उठे।
महिला शांति सेना की अध्यक्ष वत्सला प्रभाकर, शीला बहल, श्रुति सिन्हा, रीता कपूर, निधि जैन, मंजू खंडेलवाल द्वारा श्रीकृष्ण स्वरूप की आरती उतारी। मंचन का शुभारंभ कोऑपरेटिव बैंक के अध्यक्ष प्रदीप भाटी, व्यापारी नेता रवि प्रकाश अग्रवाल और डॉ कुंदनिका शर्मा ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर अध्यक्ष मनीष अग्रवाल, लीला संयोजक शेखर गोयल, पार्षद मुरारी लाल गोयल, गिर्राज बंसल आदि उपस्थित रहे। योगेंद्र सिंघल द्वारा लड्डुओं का भोग अर्पित किया गया।
लीला का आरंभ हुआ कंस द्वारा वसुदेव और देवकी के विवाह के दृश्य से। जब कंस के रथ पर आकाशवाणी हुई, “अरे कंस, जिसकी तू रक्षा कर रहा है, वही तेरे मृत्यु का कारण बनेगा”, तो वातावरण में सिहरन दौड़ गई।
कंस का क्रोध, देवकी-वसुदेव का कारागार में बंद होना, रोहिणी का ब्रजगमन और बलराम जी का जन्म – सबकुछ अत्यंत भावपूर्ण ढंग से मंचित हुआ।
इसके पश्चात दृश्य परिवर्तित हुआ। गौरूप पृथ्वी माता, देवताओं सहित क्षीरसागर में भगवान विष्णु के पास पहुंचीं। देवताओं की स्तुति और भगवान का यह वचन, “मैं वसुदेव के यहाँ अवतरित होकर अधर्म का नाश करूँगा”, सुनते ही लीलास्थल जयघोषों से भर गया। नारद आगमन दृश्य में भक्ति और संवाद का अद्भुत संतुलन देखने को मिला। कंस के अत्याचार, देवकी की छह संतानो का वध और मातृत्व के दर्द से भरे संवादों ने दर्शकों की आंखें नम कर दीं। मंचन का चरम क्षण तब आया जब कारागार में श्रीकृष्ण का प्राकट्य हुआ।
बांसुरी की मधुर ध्वनि, मंद प्रकाश और पुष्प वर्षा के बीच शिशु कृष्ण के दर्शन होते ही पूरा प्रांगण “नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की” के उद्घोषों से गूंज उठा। वसुदेव जी द्वारा शिशु कृष्ण को यमुना पार कर गोकुल ले जाने के दृश्य ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। योगमाया के जन्म, कंस द्वारा कन्या वध का प्रयास और योगमाया का अष्टभुजा रूप में आकाश गमन करते हुए भविष्यवाणी करना, इस लीला ने यह संदेश दिया कि सत्य सदा अजेय रहता है।
अध्यात्म और मानव सेवा की मिसाल श्री कृष्ण लीला
श्रीकृष्ण लीला महोत्सव समिति के अध्यक्ष मनीष अग्रवाल ने बताया कि यह मंचन केवल अभिनय नहीं, बल्कि आत्मा को स्पर्श करने वाला धर्म–सत्य का उद्घोष है। जब अधर्म बढ़ता है, तब भगवान अवतार लेकर संतों की रक्षा करते हैं, यही संदेश हर लीला में निहित है। उन्होंने बताया कि मंगलवार, 28 अक्टूबर को नंदोत्सव, पूतना उद्धार लीला और डांडिया नृत्य संध्या का भव्य आयोजन होगा। दर्शक अगले दिन “गोकुल की उल्लासमयी भक्ति यात्रा” के साक्षी बनेंगे। 29 अक्टूबर को सुबह 10:30 बजे से 1:30 बजे तक पहली श्री कृष्ण लीला महोत्सव के अंतर्गत लीला स्थल पर विशाल रक्तदान शिविर आयोजित किया जाएगा। प्राचीन सीताराम मंदिर वजीरपुरा के महंत अनंत उपाध्याय और पंडित मुकेश शर्मा प्रथम रक्तदाता होंगे।
ये रहे उपस्थित
वत्सला प्रभाकर, श्रुति सिन्हा, पार्षद पूजा बंसल, सुजाता अग्रवाल, रेनू गर्ग, प्रीति अग्रवाल, शीला बहल, अध्यक्ष मनीष अग्रवाल, महामंत्री विजय रोहतगी, गिर्राज बंसल,अशोक गोयल, शेखर गोयल, अनीश अग्रवाल, मनोज बंसल, अनूप गोयल, लक्षमण शर्मा, विनीत अग्रवाल, धर्मेंद्र चौधरी, केके अग्रवाल, तनु गुप्ता आदि उपस्थित रहीं।
: मीट एट आगरा 2025: जूता उद्योग का तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय महाकुंभ 7 नवम्बर से
Mon, Oct 27, 2025
250+ एग्जीबिटर्स करेंगे शिरकत, 25,000 से अधिक विजिटर्स की उम्मीद
नई तकनीक, नए इनोवेशन और वैश्विक ट्रेंड्स के साथ आगरा बनेगा फुटवियर इंडस्ट्री का ग्लोबल हब
आगरा। फुटवियर उद्योग के तीन दिवसीय महाकुंभ के रूप में प्रतिष्ठित फेयर "मीट एट आगरा 2025" का आयोजन इस वर्ष 7 से 9 नवम्बर 2025 तक किया जाएगा। यह आयोजन आगरा फुटवियर मैन्युफैक्चरर्स एंड एक्सपोर्टर्स चैम्बर (एफमेक) द्वारा आगरा ट्रेड सेंटर, सींगना गाँव, एनएच-2, आगरा में आयोजित किया जा रहा है।
इस इंटरनेशनल ट्रेड फेयर में भारत सहित विभिन्न देशों के 250 से अधिक एग्जीबिटर्स भाग ले रहे हैं। आगरा ट्रेड सेंटर में एक ही छत के नीचे विश्व का फुटवियर बाजार साकार होगा।
मीडिया को सम्बोधित करते हुए एफमेक अध्यक्ष गोपाल गुप्ता ने कहा कि लगभग 19 वर्ष पहले कैप्टन ए.एस. राणा ने ‘मीट एट आगरा फेयर’ की शुरुआत इस सोच के साथ की थी कि हमारी फुटवियर इंडस्ट्री की सप्लाई चेन को मजबूत बनाया जाए। उस समय यह केवल एक विचार था, लेकिन आज यह एक बड़ा आंदोलन बन चुका है। इस आयोजन को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने में पूर्व अध्यक्ष पूरन डावर का भी बहुत बड़ा योगदान रहा है। कोरोना महामारी के कारण दो साल तक यह आयोजन नहीं हो सका, लेकिन अब हम सबकी मेहनत और सहयोग से एक बार फिर उसी उत्साह के साथ इसका 17वाँ संस्करण आयोजित करने जा रहे हैं।” उन्होंने कहा कि यह फेयर अब सिर्फ इंडस्ट्री को जोड़ने का नहीं, बल्कि उसे नई दिशा देने का मंच बन गया है। इस बार हमने इंडस्ट्री को और मजबूत बनाने के लिए रेटिंग और फैक्टरिंग से जुड़ी संस्थाओं को भी आमंत्रित किया है ताकि हमारे कारोबारी साथियों को वित्तीय योजनाओं और अवसरों की बेहतर जानकारी मिल सके।
हमारा मानना है कि अगर सप्लाई चेन मजबूत होगी तो जूता निर्माता और निर्यातक भी मजबूत होंगे। एफमेक का हमेशा यही प्रयास रहता है कि इंडस्ट्री के भीतर सहयोग बढ़े, विदेशी वेंचर्स से साझेदारी बने और जो चीजें हम आज बाहर से मंगवाते हैं, वे आगरा में ही निर्मित हों यही ‘मेक इन इंडिया’ का असली उद्देश्य है।” उन्होंने इंडस्ट्री से जुड़े सभी कारोबारियों, फैक्ट्री मालिकों, परचेज मैनेजरों और आरएंडडी विभाग के वरिष्ठ सहयोगियों से आग्रह किया कि वे इस फेयर में अवश्य आएँ और इसका अधिक से अधिक लाभ उठाएँ।
“फुटवियर के साथ-साथ आगरा की अन्य इंडस्ट्री को भी इस आयोजन से सीधा लाभ मिलेगा। इसलिए मैं सभी उद्योगों से भी आग्रह करता हूँ कि वे मीट एट आगरा का हिस्सा बनें।”
गोपाल ने बताया कि प्रदेश सरकार के माननीय मंत्री, एनआरआई एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग के नन्द गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ 7 नवम्बर को उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे।
फेयर के प्रमुख आकर्षण और संभावनाएँ
अध्यक्ष गोपाल गुप्ता ने आगे बताया कि इस वर्ष अनुमानित 8,000 ट्रेड विजिटर्स और 25,000 से अधिक फुटफॉल की संभावना है। “भारत की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था में आगरा का जूता उद्योग अहम भूमिका निभा रहा है। सरकार और उद्योगदृसंगठनों के प्रयासों से मौजूदा 26 बिलियन डॉलर के भारतीय फुटवियर बाज़ार को 2030 तक 47 बिलियन डॉलर तक बढ़ाया जा सकता है। यह वृद्धि मुख्य रूप से गैरदृचमड़े के जूतों जैसे स्पोर्ट्स, रनिंग, कैज़ुअल वियर और स्नीकर्स की बढ़ती मांग के बल पर संभव है।”
फेयर आयोजन समिति के चेयरमैन कुलबीर सिंह ने कहा कि यह आयोजन अब वर्ल्ड फुटवियर कैलेंडर में शामिल हो चुका है और विभिन्न देशों के उद्योग जगत से जुड़े कारोबारी हर साल इसका इंतजार करते हैं।
एफमेक उपाध्यक्ष राजीव वासन ने कहा कि फुटवियर कंपोनेंट इंडस्ट्री जब मजबूत होगी तभी अच्छा जूता बन सकेगा। “यह फेयर कंपोनेंट इंडस्ट्री और मैन्युफैक्चरर्स के बीच सेतु की तरह काम कर रहा है। इस बार तकनीकी सत्रों में डिजाइन ट्रेंड्स, मैन्युफैक्चरिंग तकनीक और मार्केटिंग स्ट्रेटेजी जैसे विषयों पर विशेषज्ञ चर्चा करेंगे - ये सत्र उद्योग के वर्तमान और भविष्य की दिशा तय करने में मददगार होंगे।”
एफमेक के उपाध्यक्ष राजेश सहगल ने कहा कि भारत अब चीन के एक मजबूत विकल्प के रूप में उभर रहा है। “टाटा, रिलायंस, वॉलमार्ट और फ्यूचर ग्रुप जैसी कंपनियाँ अब भारतीय उत्पादों पर निर्भर हैं। यह हमारे लिए अवसर का समय है अब हमें अपनी क्वालिटी को वैश्विक मानकों के अनुरूप और मजबूत बनाना होगा।”
एफमेक महासचिव प्रदीप वासन ने बताया कि भारत दुनिया के कुल फुटवियर उत्पादन का लगभग 13ः हिस्सा बनाता है, जबकि निर्यात में भारत की हिस्सेदारी 2.2ः है। “हमारे पास उत्पादन और निर्यात दोनों को बढ़ाने की अपार संभावनाएँ हैं - सरकार और उद्यमियों के सामूहिक प्रयास से इस मौके का पूरा लाभ उठाया जा सकता है।”
एफमेक सचिव अनिरुद्ध तिवारी ने कहा कि भारत में जूतों-चप्पलों पर प्रति व्यक्ति खर्च अभी भी बहुत कम है लगभग ₹1,500 प्रति वर्ष, जबकि वैश्विक औसत इससे कई गुना अधिक है। उन्होंने कहा कि “तीन डॉलर आयात मूल्य से कम के फुटवियर पर कस्टम ड्यूटी 35% की जानी चाहिए और घरेलू उद्योग को न्यूनतम समर्थन मूल्य जैसी सुविधा मिलनी चाहिए, ताकि स्थानीय उत्पादकों को प्रोत्साहन मिल सके।”
इस अवसर पर ललित अरोरा, इफ्कोमा के महासचिव दीपक मनचंदा, द शू फेक्टर्स फेडरेशन के अध्यक्ष विजय सामा, विजय निझावन, रेनुका डंग, नकुल मनचंदा, अर्पित ग्रोवर, दिलीप रैना सहित कई उद्योग जगत की प्रमुख हस्तियाँ विशेष रूप से उपस्थित रहीं।
: कंस का अट्टहास, लाल आंखें और गर्जन से कांपा मथुरा नगरी का दृश्य
Mon, Oct 27, 2025
श्रीकृष्ण लीला महोत्सव में “कंस की दुहाई सवारी” ने दिखाया अधर्म की पराकाष्ठा और धर्म की अनिवार्य विजय
मुख्य अतिथि भाजपा महानगर अध्यक्ष राजकुमार गुप्ता ने किया शुभारंभ, भव्य झांकियों में जीवंत हुए द्वापर युग के प्रसंग, जय श्रीकृष्ण के जयकारों से गूंजा आगरा
आगरा। लाल आंखों में दहकती क्रूरता, चेहरे पर अहंकार की रेखाएँ और अधर्म की गर्जना, जब “कंस” का अट्टहास हवा में गूंजा तो श्रद्धालुओं की रूह कांप उठी। 102 वर्षों से आस्था की परंपरा को जीवित रखने वाला श्रीकृष्ण लीला महोत्सव रविवार को अपने चरम भक्ति स्वरूप में तब्दील हो गया जब ऐतिहासिक “कंस की दुहाई सवारी” गौशाला प्रांगण, बल्केश्वर रोड से नगर भ्रमण पर निकली। इस भव्य आयोजन में द्वापर युग के दारुण क्षणों को सजीव झांकियों के माध्यम से प्रस्तुत किया गया, जिसने भक्तों को अत्याचार के उस दौर और धर्म की विजय की अनिवार्यता का साक्षी बना दिया।
मुख्य अतिथि भाजपा महानगर अध्यक्ष राजकुमार गुप्ता थे। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि कंस की दुहाई सवारी हमें यह संदेश देती है कि अन्याय, अत्याचार और घमंड कितना भी प्रबल क्यों न हो, अंततः सत्य और धर्म की ही विजय होती है। श्रीकृष्ण लीला महोत्सव हमारी संस्कृति की धड़कन है, जो हर वर्ष भक्तों के मन में नव ऊर्जा भरता है।
श्री कृष्ण लीला महोत्सव समिति अध्यक्ष मनीष अग्रवाल ने कहा कि कंस की दुहाई सवारी केवल एक झांकी नहीं, बल्कि धर्म की अनिवार्य विजय का प्रतीक है। आगरा का यह महोत्सव केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि हमारी आत्मा में बस चुकी आस्था का पर्व है, जो समाज में भक्ति और संस्कृति की ज्योति प्रज्वलित करता है।
झांकियों ने जीवंत किया अत्याचार का युग
“कंस की दुहाई सवारी” में मंचित झांकियों ने अधर्म के चरम स्वरूप को भव्यता के साथ प्रस्तुत किया। मुख्य आकर्षण रही कंस दरबार झांकी, जिसमें सिंहासन पर बैठा कंस लाल आंखों से प्रज्वलित क्रोध बरसा रहा था, अपने मंत्रियों के साथ अत्याचार और सत्ता का प्रदर्शन कर रहा था। इसके अतिरिक्त झांकियों में पूतना, अघासुर और बकासुर वध, कंस द्वारा अपने पिता महाराज अग्रसेन को कारागार में डालना, तथा कंस का स्वयं को राजा घोषित करना जैसे प्रसंगों ने द्वापर युग को सजीव कर दिया। कलाकारों की दमदार संवाद अदायगी, पारंपरिक संगीत और “कंस की दुहाई” के उद्घोषों से वातावरण धर्म–अधर्म के संघर्ष का जीवंत प्रतीक बन गया।
पुष्पवर्षा से हुआ स्वागत, भक्तिमय हुआ नगर
सवारी गौशाला प्रांगण से आरंभ होकर जीवनी मंडी, भैरव बाजार, बेलनगंज, कचहरी घाट, छत्ता बाजार, रावतपाड़ा, सुभाष बाजार, जौहरी बाजार, किनारी बाजार, फुलट्टी, घटिया, सिटी स्टेशन, धूलियागंज मार्ग से होती हुई पुनः गौशाला प्रांगण पहुंची। पूरा मार्ग जय श्रीकृष्ण के उद्घोषों से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने घरों, मंदिरों और बाजारों से पुष्पवर्षा कर झांकियों का स्वागत किया।
ये रहे उपस्थित
कार्यक्रम में संरक्षक डॉ. विजय किशोर बंसल, विजय रोहतगी, शेखर गोयल, पी. के. मोदी, संजय चेेली, प्रभात रोहतगी, कैलाश खन्ना, के. के. अग्रवाल, अनंत उपाध्याय, मुकेश शर्मा, मनोज बंसल, गिर्राज बंसल, विष्णु अग्रवाल, आयुष बंसल, संजय गर्ग, राजेन्द्र अग्रवाल, लक्ष्मण, मुरारी लाल पेंट, पंकज मोहन, विनी सिंघल, अनुप गोयल, आशीष रोहतगी आदि उपस्थित रहे।
आगे के आयोजन
अध्यक्ष मनीष अग्रवाल ने बताया कि सोमवार, 27 अक्टूबर को देवकी-वसुदेव विवाह, श्रीकृष्ण जन्मोत्सव और मयूर नृत्य का भव्य आयोजन होगा, जबकि मंगलवार को नंदोत्सव, पूतना उद्धार लीला और डांडिया नृत्य संध्या का विशेष कार्यक्रम रखा गया है। उन्होंने कहा कि श्री कृष्ण लीला महोत्सव के अंतर्गत समाज सेवा की दिशा में नवीन पहल करते हुए 29 अक्टूबर को विशाल रक्तदान शिविर लीला स्थल पर ही लगाया जाएगा।