सूर्यसुता फाउंडेशन : विश्व शांति एवं जनकल्याण की कामना के साथ नौ दिवसीय सप्तचंडी पाठ महायज्ञ का हुआ भव्य समापन
Pragya News 24
Thu, Jul 23, 2026
आगरा। आषाढ़ गुप्त नवरात्रि के पावन अवसर पर सूर्यसुता फाउंडेशन द्वारा खंदारी हनुमान चौराहा स्थित नालंदा प्राइड में आयोजित नौ दिवसीय सप्तचंडी पाठ महायज्ञ का समापन गुरुवार को वैदिक मंत्रोच्चार के बीच दुर्गा सप्तशती के दशांश महाहवन, पूर्णाहुति एवं प्रसादी वितरण के साथ श्रद्धापूर्वक सम्पन्न हुआ। आयोजन के दौरान विद्वान आचार्यों ने नौ दिनों में दुर्गा सप्तशती का 100 बार संपुटित पाठ कर विश्व शांति, राष्ट्र की उन्नति एवं समस्त मानव समाज के सुख-समृद्धि की कामना की।
योगी आलोक नाथ (बागेश्वर धाम) ने कहा कि दुर्गा सप्तशती केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि आदिशक्ति का साक्षात स्वरूप है। गुप्त नवरात्रि में संपुटित सप्तचंडी पाठ एवं यज्ञ से साधकों में आत्मबल, सकारात्मक ऊर्जा और धर्म के प्रति आस्था का जागरण होता है। उन्होंने कहा कि जब सामूहिक रूप से मां भगवती का स्मरण और यज्ञ किया जाता है, तो उसका शुभ प्रभाव समाज, राष्ट्र और समूचे विश्व पर पड़ता है। इसी उद्देश्य से विश्व शांति एवं मानव कल्याण की भावना के साथ इस महायज्ञ का आयोजन किया गया।
सूर्यसुता फाउंडेशन के सचिव पुष्कल गुप्ता ने बताया कि संस्था का उद्देश्य केवल धार्मिक आयोजन करना नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति और वैदिक परंपराओं को जन-जन तक पहुंचाना भी है। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं के सहयोग और मां भगवती की कृपा से नौ दिवसीय महायज्ञ सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। पूर्णाहुति एवं प्रसादी वितरण में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता कर धर्मलाभ प्राप्त किया। संस्था भविष्य में भी जनकल्याण एवं राष्ट्रहित के ऐसे आध्यात्मिक आयोजनों का सिलसिला निरंतर जारी रखेगी।
श्री मनःकामेश्वर मठ मंदिर के श्रीमहंत योगेश पुरी ने कहा कि गुप्त नवरात्रि में मां भगवती की आराधना एवं चंडी यज्ञ से धर्म, संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना को नई ऊर्जा मिलती है। ऐसे आयोजन समाज को अपनी सनातन परंपराओं से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।
हनुमंत धाम मंदिर, लंगड़े की चौकी के महंत गोपी गुरु एवं भरत उपाध्याय ने कहा कि यज्ञ भारतीय संस्कृति की महान परंपरा है। सामूहिक मंत्रोच्चार एवं हवन से वातावरण पवित्र होता है और जनकल्याण की भावना सुदृढ़ होती है।
लायंस क्लब इंटरनेशनल के पूर्व डायरेक्टर जितेंद्र चौहान ने कहा कि धार्मिक एवं सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने वाले ऐसे आयोजन समाज में सकारात्मक सोच, सेवा भावना और आध्यात्मिक चेतना का संदेश देते हैं। विश्व शांति के उद्देश्य से आयोजित यह महायज्ञ अत्यंत प्रेरणादायी रहा।
समापन अवसर पर कैलाश महादेव मंदिर के महंत निर्मल गिरी, गुरु का ताल गुरुद्वारा के बाबा अमरीक सिंह, योगी निर्भय नाथ, अनुज उपाध्याय, अजय राजोरिया, राजदीप ग्रोवर, डॉ. दीपेश उपाध्याय तथा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कीर्ति जी सहित अनेक संत-महात्मा एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।
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