श्रीमद्भागवत महापुराण कथा : 251 महिलाओं की भव्य कलश यात्रा के साथ श्रीमद्भागवत महापुराण कथा का शुभारंभ
Pragya News 24
Mon, Jun 8, 2026
आगरा। पुरुषोत्तम मास के पावन अवसर पर प्राचीन सीताराम मंदिर, वजीरपुरा में आयोजित श्रीमद्भागवत महापुराण कथा महोत्सव का शुभारंभ सोमवार को भव्य मंगल कलश यात्रा के साथ हुआ। मंदिर परिसर से निकली कलश यात्रा में 251 महिलाओं ने सिर पर मंगल कलश धारण कर सहभागिता की। भजन-कीर्तन, शंखनाद और जयघोषों के बीच निकली यात्रा ने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय वातावरण से सराबोर कर दिया।
कलश यात्रा का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चार एवं पूजन-अर्चन के साथ हुआ। यात्रा जज कंपाउंड एवं वजीरपुर क्षेत्र के विभिन्न मार्गों से होकर पुनः मंदिर परिसर पहुंची। मार्ग में श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर यात्रा का स्वागत किया।
कलश यात्रा के उपरांत कथा व्यास भागवताचार्य पूज्य श्री चैतन्य हरिचरत जी महाराज (गोवर्धन धाम) ने श्रीमद्भागवत महापुराण कथा का शुभारंभ करते हुए कथा माहात्म्य का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत महापुराण भगवान श्रीकृष्ण का साक्षात स्वरूप है। कलियुग में भागवत कथा ही वह दिव्य साधन है, जो मनुष्य को भक्ति, ज्ञान और वैराग्य के मार्ग पर अग्रसर करती है। कथा श्रवण से जीवन के विकार दूर होते हैं तथा मन में ईश्वर के प्रति प्रेम और समर्पण का भाव जागृत होता है।
महाराज श्री ने कहा कि पुरुषोत्तम मास स्वयं भगवान श्रीहरि को समर्पित है। इस मास में किए गए जप, तप, दान और कथा श्रवण का पुण्य अनेक गुना बढ़कर प्राप्त होता है। उन्होंने कहा कि इस कथा का आयोजन पितरों की पुण्य स्मृति को समर्पित है। जब भागवत कथा, यज्ञ और सत्कर्मों का पुण्य अपने पितरों को अर्पित किया जाता है, तब यह उनके प्रति कृतज्ञता और श्रद्धा का श्रेष्ठ माध्यम बनता है। पितरों की कृपा से परिवार में सुख, शांति, समृद्धि और आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त होता है।
कार्यक्रम संयोजक मनीष अग्रवाल ने बताया कि 8 से 15 जून तक प्रतिदिन दोपहर 3 बजे से सायं 7 बजे तक कथा का आयोजन होगा। कथा के माध्यम से श्रद्धालु भगवान की विभिन्न लीलाओं एवं आध्यात्मिक प्रसंगों का श्रवण कर धर्म लाभ प्राप्त करेंगे।
महंत अनंत उपाध्याय ने कहा कि पुरुषोत्तम मास में श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण जीवन को पवित्र बनाने का श्रेष्ठ अवसर है। उन्होंने क्षेत्रवासियों से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर कथा अमृत का रसपान करने का आह्वान किया।
कथा के मुख्य यजमान निरंजन लाल सारस्वत एवं आशा सारस्वत हैं। इस अवसर पर सुजाता अग्रवाल, निर्मल, ममता, वंदना, राधिका, नीतू, आकांक्षा, भावना, नीलम, पूनम, सोनिया, सानू, सारिका, रेनू गोयल, शिप्रा, शिल्पी, अपूर्व मित्तल, विक्रम सिंह, अंबा प्रसाद गर्ग, अरुण गर्ग, मनोज गुप्ता, विनीत सिंघल, हनी, शेखर गोयल सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
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