Fri 19 Jun 2026
Breaking News Exclusive
दिव्य प्रेम का सर्वोच्च आदर्श है राधा-कृष्ण का मिलन : देवी माहेश्वरी श्रीजी फूड प्रोसेसिंग से लेकर मनोरंजन तक, बीएन ग्रुप ने जीता आगरा का दिल किसान गोष्ठी, वित्तीय जागरूकता एवं मेगा ऋण मुक्ति शिविर में बड़ी संख्या में ऋण खातों का हुआ निस्तारण यूएचएनडी दिवस पर पिलाई गई विटामिन-ए की खुराक किसान अब अन्नदाता ही नहीं, कृषि उद्यमी भी : संजय कुमार सिंह राधा नाम से ही मिलती है श्रीकृष्ण कृपा, वृषभान-कीर्ति के महल में गूंजी जन्मोत्सव की बधाइयां ईरान-अमेरिका युद्ध विराम से निर्यात व्यापार को मिलेगी नई गति : गोपाल गुप्ता 108 कलशों के साथ निकली भव्य शोभायात्रा, राधा माधव रसामृत कथा का शुभारंभ फूड एक्सपो में दिखा भविष्य का भारत, 15 हजार से अधिक लोगों ने देखा उद्योग, नवाचार और आत्मनिर्भरता का संगम भव्य घटयात्रा के साथ गणधर वलय विधान का शुभारंभ, जयकारों से गूंजा आगरा

सूचना

Pragya News 24 is News Blog to Providing all over News of World.

श्रीराम कथा गंगा : रामकथा शशि किरण समाना, संत चकोर करहिं जेहि पाना राम सरिस वर दुल्हन सीता, समदि दशरथजनक पुनीता...,

Pragya News 24

Tue, Mar 17, 2026
Post views : 82

आगरा। रामकथा चंद्र की शीतल किरणों के समान और इस कथा को सुनने वाला हर श्रद्धालु संत चकोर के समान है। ऐसी श्रीराम कथा में सियाराम विवाह उत्सव में एक ओर जहां देव आसमान से पुष्प वर्षा कर रहे थे वहीं समाधि में लीन संत मंगल गीतों पर झूम रहे थे। राम सरिस वर दुल्हन सीता, समधि दशरथ जनक पुनीता...,। चित्रकूट धाम बने कथा स्थल पीएस गार्डन में आयोजित श्री राम कथा में व्यास पीठ पर विराजमान श्री कामदगिरि पीठाधीश्वर श्रीमद् जगतगुरु राम नंदाचार्य स्वामी रामस्वरूपाचार्य महाराज ने आज ताड़का वध, सीता स्वयंवर व सियाराम विवाह की कथा का भक्तिमय वर्णन किया।

श्रीराम ने जैसे ही शिवजी के प्रचंड धनुष पर प्रत्यंचा चढ़ा कर भंग किया तो हर ओर सियाराम के उद्घोष गुंजायमान हो उठे। विवाह उत्सव के मंगल गीत और नृत्य करते श्रद्धालु मानों मिथिला में विवाह उत्सव में शामिल हुए हों। स्वामी रामस्वरूपाचार्य महाराज ने कहा कि संत का अर्थ केवल भेष नहीं उद्देश्य भी होता है। उद्देश्य पवित्र नहीं तो संत का भेष भी खराब है। राम ने रावण को और हनुमानजी ने राक्षस कालनेमी को दंडित किया। क्योंकि साधु का भेष रावण ने सीता का हरण किया और कालनेमी ने हनुमान जी को भ्रमित किया। जिसके जीवन में कृपा करने का स्वभाव और करुणा हो वही संत है। कथा विश्राम के उपरान्त चारों दूल्हों (श्री राम, लक्ष्मण, भरत व शत्रुघ्न) की आरती व प्रसाद वितरण किया गया। संध्या काल में सुन्दरकाण्ड का पाठ किया गया।

इस अवसर पर मुख्य रूप से लोकेशानन्द महाराज, पुण्डरीकाक्ष वेदान्ती महाराज आयोजन समिति के अध्यक्ष राम सेवक शर्मा (जय भोले) व महामंत्री धर्मेन्द्र त्यागी, मुख्य यजमान सिलेंद्र विथरिया, हाकिम सिंह त्यागी, रणवीर सोलंकी, पं. किशोर लवानिया, दीनदयाल मित्तल, हाकिम सिंह त्यागी, आचार्य राहुल, ऋषि उपाध्याय, रामवीर सिंह चाहर, अशोक फौजदार, रामवीर सिंह, अशोक फौजदार महावीर त्यागी, किशोर लवानिया, रनवीर सोलंकी, सौरभ शर्मा, सतेंद्र पराशर, जितेंद्र प्रधान, राजेंद्र बरुआ, भगवान दास, राकेश मंगल, रविन्द्र सिंह, मुरारी लाल त्यागी, सोम मित्तल, किशन यादव, ऋषि वित्तरिया, सोम मित्तल, डॉ. अनिल शर्मा आदि उपस्थित थे।

Tags :

Agra News

Pragya News

Uttar Pradesh News

UP News

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन