Wed 11 Feb 2026
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निक्षय मित्र : निक्षय मित्र बनें, इलाज दवा से होता है, लेकिन जीत इंसानियत से

• जिला क्षय रोग अधिकारी ने निक्षय मित्र बनने की आमजन से की अपील
• कोई भी बन सकता है निक्षय मित्र, आपके थोड़े से सहयोग से ठीक हो सकते हैं टीबी मरीज

आगरा। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. सुखेश गुप्ता ने आमजन से निक्षय मित्र बनकर देशहित में टीबी मरीजों का सहयोग करने की अपील की है। डीटीओ ने एक ऑडियो संदेश जारी करके अपील कि है कि टीबी कोई अभिशाप नहीं है। बल्कि यह पूरी तरह से ठीक होने वाली बीमारी है। सही जांच व पूर्ण उपचार किया जाए तो टीबी पूरी तरह से ठीक हो सकता है। सरकार टीबी की जांच व दवा बिल्कुल मुफ्त देती है। फिर भी कुछ मरीज पूरी तरह से ठीक नहीं हो पाते हैं। इसका कारण है, शरीर की कमजोरी, सही भोजन की कमी और सामाजिक सहारे का अभाव। इसी समस्या के समाधान के लिए भारत सरकार ने निक्षय मित्र योजना शुरू की है। निक्षय का मतलब है टीबी से मुक्ति और मित्र यानि दोस्त। अतः टीबी से मुक्ति दिलाने में सहायता करने वाला दोस्त निक्षय मित्र कहलाता है।

कौन बन सकता है निक्षय मित्र
डीटीओ ने बताया कि निक्षय मित्र कई प्रकार के हो सकते हैं। निक्षय मित्र योजना के अंतर्गत कोई भी व्यक्ति या संस्था टीबी मरीज की मदद कर सकते हैं। व्यक्तिगत निक्षय मित्र शिक्षक, डॉक्टर, छात्र, समाजसेवी या कोई भी संवेदनशील नागरिक हो सकता है, जो अपनी क्षमता के अनुसार टीबी मरीज की सहायता कर सकता है। वहीं, संस्थागत निक्षय मित्र, जो स्वयंसेवी संस्था, एनजीओ, धार्मिक, सामाजिक संगठन और सामुदायिक समूह हो सकते हैं। कॉर्पोरेट निक्षय मित्र, वह कंपनियां बन सकती हैं, जो सीएसआर(कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटि) फंड के जरिए टीबी मरीजों की मदद कर सकते हैं। सार्वजनिक संस्थान जैसे- सरकारी कार्यालय, सार्वजनिक उपक्रम और शैक्षणिक संस्थान भी निक्षय मित्र बन सकते हैं।

कैसे कर सकते हैं मदद
डीटीओ ने कहा कि मदद बहुत बड़ी होना जरूरी नहीं है, हर महीने टीबी मरीज को थोड़ा पौष्टिक भोजन जैसे- मूंगफली, दाल, भुना चना, सरसों का तेल, तिल और थोड़ा समय ही काफी है। जब मरीज ठीक से खाना खाता है तो दवा सही तरह से असर करती है और जब मरीज से कोई पूछता है कि उसने दवा ली या नहीं तो इससे उसे हिम्मत मिलती है। डीटीओ ने बताया कि निक्षय मित्र योजना निक्षय पोर्टल के माध्यम से चलाई जाती है, जिससे कि मदद सही मरीज तक पहुंचे। स्वास्थ्य विभाग, आशा कार्यकर्ता और टीबी स्टाफ मिलकर इस योजना को सफल बना रहे हैं। आज हजारों टीबी मरीज निक्षय मित्र की मदद से पूरी तरह स्वस्थ हो रहे हैं। टीबी से स्वस्थ होकर बच्चे स्कूल लौट रहे हैं और परिवारों में खुशियां लौट रही हैं।

डीटीओ ने कहा कि बहनो और भाईयो, टीबी से लड़ाई सिर्फ सरकार की नहीं है, यह सब की जिम्मेदारी है। आइये हम सब मिलकर निक्षय मित्र बनें, क्योंकि इलाज दवा से होता है, लेकिन जीत इंसानियत से होती है। डीटीओ ने कहा कि आप भी निक्षय मित्र बनना चाहते हैं तो अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र, आशा कार्यकर्ता या टीबी कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं। आप निक्षय पोर्टल पर पंजीकरण करके भी निक्षय मित्र बन सकते हैं। डीटीओ ने कहा कि आप एक मरीज का निक्षय मित्र बनें या कई मरीजों के निक्षय मित्र आपका सहयोग कीमती है। आज ही संकल्प लें और कम से कम एक टीबी मरीज की सहायता करने का संकल्प लें।

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