Mon 10 Aug 2026
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जीवन का सकारात्मक दिशा देने वाला दिव्य मार्ग है श्रीमद्भागवत कथा : बोदला स्थित महारानी बाग में 23-29 नवम्बर तक श्रीमद्भागवत कथा की अमृत वर्षा, प्रथम दिन श्रद्धा और भक्ति का उमड़ा सैलाब

आगरा। जहां श्रीमद्भागवत कथा होती है वहां सबी तीर्थ विद्यमान हो जाते हैं। श्रीमद्भागवत केवल ग्रंथ नहीं बल्कि मानव जीवन को सही दिशा देने वाला दिव्य शास्त्र है। व्यास पीठ पर आसीन पूज्य कथावाचक दिनेश दीक्षित ने बताया कि भागवत का श्रवण मन के विकारों को दूर करता है और जीवन में शांति, प्रेम तथा आनंद का संचार करता है।

बोदला, महारानी बाग पार्क में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में आज प्रथम दिन पूज्य महाराजश्री दिनेश दीक्षित ने भागवत महापुराण के उत्पत्ति कारण, वेदव्यास द्वारा रचित अठारह पुराणों की सार-स्वरूपता तथा भक्तियोग की महत्ता का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने श्रोताओं को बताया कि भक्तियोग ही वह मार्ग है जो जीव को परमात्मा से जोड़ता है। कथा के दौरान कई प्रसंगों को भजन और पदों के माध्यम से मनमोहक शैली में प्रस्तुत किया गया, जिसे सुनकर उपस्थित भक्त भाव-विभोर हो उठे।

श्रीमद्भागवत के प्रथम श्लोक के माध्यम से भगवान के सच्चिदानन्द के स्वरूप का वर्णन किया। कहा श्रीमद्भागवत कथा में सदियों पहले से वर्णित है कि एक कल्प में चार युग होते हैं और वही पृथ्वी की आयु है। हमारे वेदों में लिखी इस बात को विज्ञान तथ्यों के आधार पर अब सत्य मान रहा है। कथा उपरान्त सामूहिक आरती व शांति पाठ के साथ प्रथम दिवस की कथा का विराम हुया। कथा के दूसरे दिन मंगलाचरण और सोनक द्वारा सूद जी से छह प्रश्न करने की कथा, नारद जी के पूर्व जन्म की कथा, नारद जी और व्यास जी के मिलन, भीष्म व कुंती स्तुति कथा होगी।

इस अवसर पर मुख्य रूप से आयोजन समिति के पदाधिकारियों में डॉ. जीएस राणा, अनीता राणा, संयोजक डॉ. अरुण प्रताप सिंह, अरुण त्यागी, प्रमोद चौधरी, लोकेश कटारा, सतेन्द्र, विपिन परमार, भूपेन्द्र चौधरी, चंद्रवीर सोलंकी, दिलीप स्वामी, रविन्द कुमार दुबे, वरुण स्वामी आदि उपस्थित थे।

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