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गोवर्धन पूजा का सार, प्रकृति के सम्मान और संरक्षण का अद्भुत पाठ : साकार हुई भगवान कृष्ण की अद्भुत गोवर्धन लीला, अन्नकूट महोत्सव में उमड़ा भक्तिभाव, परिसर में गूंजे जय-जयकार

Pragya News 24

Mon, Dec 8, 2025
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आगरा। कावेरी कौस्तुम्भ, भावना एस्टेट में चल रही सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा के पंचम दिवस का आयोजन श्रद्धा, उत्साह और आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण रहा। कथा व्यास भागवत रत्न से अलंकृत मोहित स्वरूप आचार्य (वृंदावन) ने सोमवार के पावन दिवस पर भगवान श्रीकृष्ण की गोवर्धन लीला और अन्नकूट प्रसंग का विस्तृत एवं भावपूर्ण वर्णन किया। आचार्य ने बताया कि इंद्र के अहंकार से उठे प्रकोप के समय श्रीकृष्ण ने अपनी छोटी अंगुली पर गोवर्धन पर्वत धारण कर सम्पूर्ण ब्रजवासियों की रक्षा की। यह लीला बताती है कि यदि भक्त का हृदय निर्मल हो और प्रभु पर पूर्ण विश्वास हो तो भगवान स्वयं उसके जीवन की ढाल बन जाते हैं। उन्होंने कहा कि यह प्रसंग केवल चमत्कार नहीं, बल्कि यह संदेश है कि प्रकृति की पूजा और संरक्षण ही वास्तविक धर्म है।

कथा के दौरान लीला वर्णन पर श्रद्धालु “गोवर्धनधारी लाल की जय” के जयकारों से गूंज उठे। पंडाल में ऐसा वातावरण बना मानो ब्रज की पावन धरा पर स्वयं गोवर्धन लीला सजी हो। इसके पश्चात अन्नकूट महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। विभिन्न प्रकार के प्रसाद, व्यंजन और अन्न को पर्वताकार रूप में सजाया गया और श्रीकृष्ण को भोग अर्पित किया गया। अन्नकूट आरती के समय भक्तगण भाव-विभोर होकर नृत्य और कीर्तन में लीन हो गए। वातावरण पूर्णतः भक्तिमय, उल्लासमय और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर हो उठा।

कथा व्यास मोहित स्वरूप आचार्य ने अन्नकूट के महत्व को बताते हुए कहा कि अन्नकूट केवल भोजन का पर्व नहीं, बल्कि कृतज्ञता का उत्सव है। यह हमें सिखाता है कि अन्न ही ब्रह्म है और इसका सम्मान करना ही मानव का प्रथम धर्म है।

कार्यक्रम में परीक्षित राजा रमाशंकर शर्मा एवं बृजबाला शर्मा ने विधिवत व्यास पूजन किया। देशना खंडेलवाल ने गिर्राज धरण लीला में ठाकुर जी का स्वरूप धारण किया। विश्वास शर्मा ने बताया कि मंगलवार को रुक्मणि मंगल और श्री कृष्ण सुदामा मित्रता लीला का प्रसंग होगा।

आयोजन में संजय गोयल, संतोष अग्रवाल, दिलीप अग्रवाल, गजेंद्र सिंह, राजेश खुराना, रघु अग्रवाल, अमित अग्रवाल, डॉ जेपी यादव, ऋषि खंडेलवाल, विजय अग्रवाल, अखिलेश दुबे, संजीव लूथरा, संदीप लूथरा आदि ने व्यवस्थाएं संभाली।

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