Fri 25 Sep 2026
Breaking News Exclusive
अखिल भारतीय अग्रवाल सम्मेलन का शपथ ग्रहण समारोह 23 सितंबर को केंद्रीय विद्यालय-2 में विश्व पर्यटन दिवस पर दिखी भारत की सांस्कृतिक विविधता जनकपुरी केंद्रीय कार्यालय में जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ मंजू भदौरिया ने की महाआरती कारोबार, तकनीक और वैश्विक साझेदारी के नए द्वार खोलेगा ‘मीट एट आगरा’ यूजीसी के विरोध में आगरा में तेज हुआ आंदोलन, ट्रैक्टर मार्च को लेकर बढ़ी हलचल जरूरतमंदों के लिए शुरू हुई एक रुपये में भरपेट भोजन की सेवा दान की राशि से जनसेवा का संकल्प, बालिका कॉलेज के दो कक्षों का जीर्णोद्धार वनवासी कल्याण आश्रम की 37 बालिकाओं ने लायंस क्लब प्रयास के साथ देखी हनुमान अंश, उत्साह से लिया आउटिंग का आनंद संत शिरोमणि दुर्बलनाथ के 165वें जन्मोत्सव पर निकलेगी भव्य शोभायात्रा जनकपुरी महोत्सव की तैयारियां तेज, 1 से 10 अक्टूबर तक होंगे भव्य आयोजन

सूचना

Pragya News 24 is News Blog to Providing all over News of World.

गोवर्धन पूजा का सार, प्रकृति के सम्मान और संरक्षण का अद्भुत पाठ : साकार हुई भगवान कृष्ण की अद्भुत गोवर्धन लीला, अन्नकूट महोत्सव में उमड़ा भक्तिभाव, परिसर में गूंजे जय-जयकार

Pragya News 24

Mon, Dec 8, 2025
Post views : 155

आगरा। कावेरी कौस्तुम्भ, भावना एस्टेट में चल रही सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा के पंचम दिवस का आयोजन श्रद्धा, उत्साह और आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण रहा। कथा व्यास भागवत रत्न से अलंकृत मोहित स्वरूप आचार्य (वृंदावन) ने सोमवार के पावन दिवस पर भगवान श्रीकृष्ण की गोवर्धन लीला और अन्नकूट प्रसंग का विस्तृत एवं भावपूर्ण वर्णन किया। आचार्य ने बताया कि इंद्र के अहंकार से उठे प्रकोप के समय श्रीकृष्ण ने अपनी छोटी अंगुली पर गोवर्धन पर्वत धारण कर सम्पूर्ण ब्रजवासियों की रक्षा की। यह लीला बताती है कि यदि भक्त का हृदय निर्मल हो और प्रभु पर पूर्ण विश्वास हो तो भगवान स्वयं उसके जीवन की ढाल बन जाते हैं। उन्होंने कहा कि यह प्रसंग केवल चमत्कार नहीं, बल्कि यह संदेश है कि प्रकृति की पूजा और संरक्षण ही वास्तविक धर्म है।

कथा के दौरान लीला वर्णन पर श्रद्धालु “गोवर्धनधारी लाल की जय” के जयकारों से गूंज उठे। पंडाल में ऐसा वातावरण बना मानो ब्रज की पावन धरा पर स्वयं गोवर्धन लीला सजी हो। इसके पश्चात अन्नकूट महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। विभिन्न प्रकार के प्रसाद, व्यंजन और अन्न को पर्वताकार रूप में सजाया गया और श्रीकृष्ण को भोग अर्पित किया गया। अन्नकूट आरती के समय भक्तगण भाव-विभोर होकर नृत्य और कीर्तन में लीन हो गए। वातावरण पूर्णतः भक्तिमय, उल्लासमय और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर हो उठा।

कथा व्यास मोहित स्वरूप आचार्य ने अन्नकूट के महत्व को बताते हुए कहा कि अन्नकूट केवल भोजन का पर्व नहीं, बल्कि कृतज्ञता का उत्सव है। यह हमें सिखाता है कि अन्न ही ब्रह्म है और इसका सम्मान करना ही मानव का प्रथम धर्म है।

कार्यक्रम में परीक्षित राजा रमाशंकर शर्मा एवं बृजबाला शर्मा ने विधिवत व्यास पूजन किया। देशना खंडेलवाल ने गिर्राज धरण लीला में ठाकुर जी का स्वरूप धारण किया। विश्वास शर्मा ने बताया कि मंगलवार को रुक्मणि मंगल और श्री कृष्ण सुदामा मित्रता लीला का प्रसंग होगा।

आयोजन में संजय गोयल, संतोष अग्रवाल, दिलीप अग्रवाल, गजेंद्र सिंह, राजेश खुराना, रघु अग्रवाल, अमित अग्रवाल, डॉ जेपी यादव, ऋषि खंडेलवाल, विजय अग्रवाल, अखिलेश दुबे, संजीव लूथरा, संदीप लूथरा आदि ने व्यवस्थाएं संभाली।

Tags :

Agra News

Pragya News

Uttar Pradesh News

UP News

Dharmik

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन