Fri 19 Jun 2026
Breaking News Exclusive
दिव्य प्रेम का सर्वोच्च आदर्श है राधा-कृष्ण का मिलन : देवी माहेश्वरी श्रीजी फूड प्रोसेसिंग से लेकर मनोरंजन तक, बीएन ग्रुप ने जीता आगरा का दिल किसान गोष्ठी, वित्तीय जागरूकता एवं मेगा ऋण मुक्ति शिविर में बड़ी संख्या में ऋण खातों का हुआ निस्तारण यूएचएनडी दिवस पर पिलाई गई विटामिन-ए की खुराक किसान अब अन्नदाता ही नहीं, कृषि उद्यमी भी : संजय कुमार सिंह राधा नाम से ही मिलती है श्रीकृष्ण कृपा, वृषभान-कीर्ति के महल में गूंजी जन्मोत्सव की बधाइयां ईरान-अमेरिका युद्ध विराम से निर्यात व्यापार को मिलेगी नई गति : गोपाल गुप्ता 108 कलशों के साथ निकली भव्य शोभायात्रा, राधा माधव रसामृत कथा का शुभारंभ फूड एक्सपो में दिखा भविष्य का भारत, 15 हजार से अधिक लोगों ने देखा उद्योग, नवाचार और आत्मनिर्भरता का संगम भव्य घटयात्रा के साथ गणधर वलय विधान का शुभारंभ, जयकारों से गूंजा आगरा

सूचना

Pragya News 24 is News Blog to Providing all over News of World.

स्वामी श्रद्धानंद ने आगरा से की शुद्धि आन्दोलन की शुरुआत : विजय क्लब में प्रेरणा दिवस कार्यक्रम में हुआ ‘गुरुकुलीय शिक्षा आज के संदर्भ में’ विषयक गोष्ठी का आयोजन

Pragya News 24

Thu, Dec 25, 2025
Post views : 127

• गुरुकुल शिक्षा प्राणली को सशक्त बनाकर, भारतीय बच्चों को मैकाले की शिक्षा प्रणाली के दुष्प्रभावों से बचाया जा सकता है

आगरा। ‘‘यह बहुत ही गौरव की बात है कि स्वामी श्रद्धानंद जी ने अपना शुद्धि आन्दोलन का कार्य आगरा से ही शुरू किया था। यहीं से यह प्रभावशाली आंदोलन देशभर में हिंदू धर्म में घर वापसी का बहुत बड़ा अभियान बन गया। आगरा आर्यसमाज की गतिविधियों का प्रमुख केंद्र रहा है।’’ यह विचार सार्वदेशिक युवक परिषद के अध्यक्ष स्वामी आदित्यवेश ने व्यक्त किए।

स्वामी आदित्यवेश विजय क्लब में सरोजदेवी धर्मपाल विद्यार्थी चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा गुरुकुलीय शिक्षा के पुनरोद्धारक और गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय (हरिद्वार) के संस्थापक, आर्यसमाज के महान संत स्वामी श्रद्धानंद सरस्वती जी के 99वें बलिदान दिवस और आर्यसमाज के उन्नायक समाजसेवी स्व.धर्मपाल विद्यार्थी जी के 110वें जन्म जयंती को प्रेरणा दिवस के रूप में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। जिसमें ‘‘गुरुकुलीय शिक्षा आज के संदर्भ में’’ विषयक गोष्ठी का आयोजन भी हुआ। जिसमें आर्य विद्वानों ने विचार व्यक्त किए।

वेदों की अंतरराष्ट्रीय विद्वान और गुरुकुल शिवगंज (राजस्थान) सूर्या देवी ने कहा, ‘‘आर्यसमाज के संस्थापक महर्षि दयानंद सरस्वती ने वेदों के पठन-पाठन को महिलाओं के लिए भी सुलभ कराने का बड़ा काम किया। गुरुकुल की शिक्षा का बहुत महत्व है। आर्ष गुरुकुल की शिक्षा वर्तमान युग में जरूरी हो गई है। वेदों को हमसे दूर कर हमें अज्ञानता में धकेलने की कोशिश की गई। गुरुकुल की शिक्षा का उद्देश्य है, बालक-बालिकाओं को समग्र शिक्षा से वहां पहुंचा दें, जिसमें पूरा जीवन लग जाता है।’’

अध्यक्षता डॉ. वीरेंद्र खंडेलवाल ने करते हुए स्व. धर्मपाल विद्यार्थी के व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए उनके आर्य समाज के जरिए किए गए उल्लेखनीय सेवा कार्यों का उल्लेख किया। संयोजक रमाकांत सारस्वत ने संचालन किया। विद्यार्थी जी के परिवार से रामसखी विद्यार्थी ने धन्यवाद दिया। डॉक्टर अनुराधा माहेश्वरी, अरविंद मेहता आदि भी मौजूद थे।

वेद मंत्रोच्चारण और भक्ति संगीत से भी गूंजता रहा सभागार
कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चारण बीच यज्ञ के साथ किया गया। जिसमें गुरुकुल की छात्राओं और स्व. धर्मपाल विद्यार्थी जी के परिवार के सदस्यों ने हिस्सा लिया। वहीं इस मौके पर गुरुकुल की छात्राओं ने भजन सुनाए-एजी गुरुकुल शिक्षा से लगेगा बेड़ा पार, भारत के बच्चे सभ्य बनें...। मायारानी इंटर कॉलेज की छात्राओं ने भी भजन सुनाए-प्रभु मेरे जीवन को पावन बना दो, कोई दोष मुझ में रहने न पाए...।

सूर्यादेवी को चारों वेद कंठस्थ हैं, शिष्या तनु का हुआ सम्मान
चारों वेदों की प्रकांड विद्वान आर्य विदुषी सूर्या देवी शिष्याओं संग पधारी थीं। सूर्या देवी ने उस मिथक को तोड़ा जो मानता रहा है महिलाएं वेद ज्ञानी नहीं बन सकती। वह समर्पित भाव से श्रुत परंपरा से गुरुकुल में शिष्यओं को भी वेद ज्ञानी बना रही हैं। छात्राओं को वेद मंत्र कंठस्थ कराए हैं। इनमें से एक छात्रा तनु का सम्मान किया गया। जिनको 20,000 वेद मंत्र कंठस्थ हैं।

Tags :

Agra News

Pragya News

Uttar Pradesh News

UP News

Social News

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन