Thu 30 Apr 2026
Breaking News Exclusive
झूलेलाल मेले में सिंधी कला, संस्कृति और खान-पान के संगम संग बिखरे कला और संस्कृति के रंग नितेश अग्रवाल बने अग्रवाल महासभा के अध्यक्ष और महामंत्री बने सतेन्द्र अग्रवाल गौ माता को राष्ट्र माता' बनाने के संकल्प के साथ तहसील पर उमड़ा आस्था का जन-सैलाब! एमएसएमई उद्यमियों को सशक्त बनाने की दिशा में पीएनबी का मेगा आउटरीच कार्यक्रम आमंत्रण और ध्वज यात्रा के साथ हुआ मां पीतांबरा महोत्सव का हुआ भव्य शुभारंभ प्रेलुडिएस्टा सिल्वर जुबली जिला स्कूल शतरंज टूर्नामेंट 2026 का भव्य आगाज तीन दिवसीय भव्य उत्सव, 22, 23 और 24 अप्रैल को होगा सीताराम मंदिर, वजीरपुरा में पंचम वार्षिक उत्सव सेवा, संस्कार और संवेदनाओं का संगम, सामूहिक विवाह में तीन जोड़ों की नई जिंदगी शुरू अक्षय तृतीया पर तपस्या फाउंडेशन का सेवा-संस्कार: दान महोत्सव व भजन संध्या में उमड़ी श्रद्धा नव दंपति और उच्च जोखिम गर्भवती महिलाओं पर फोकस, शहरी व ग्रामीण स्वास्थ्य केन्द्रों पर खुशहाल परिवार दिवस होगा आयोजित

सूचना

Pragya News 24 is News Blog to Providing all over News of World.

: श्रीकृष्ण की भक्ति में रंगे कजाकिस्तानी, दीपदान कर जला रहे सत्य और प्रेम की बाती

Pragya News 24

Sat, Nov 4, 2023
Post views : 56

आगरा। श्रीजगन्नाथ मंदिर में इस वर्ष का कार्तिक उत्सव कुछ अलग और विशेष है। हर वर्ष यहां कार्तिक माह में दीपदान का आयोजन किया जाता है। लेकिन इस बार सैकड़ों स्थानीय भक्तों के साथ कजाकिस्तान के भक्त भी शामिल होने पहुंचे हैं। जिनकी सुबह प्रातः 4 बजे से मंदिर पहुंचकर कार्तिक स्नान, मंगला आरती और नगर कीर्तन के साथ शुरु हो जाती है।

सत्य और प्रेम की खोज में भटक रहे कजाकिस्तान के लगभग 25 श्रीकृष्ण के अनुयायी भारत पहुंचे हैं। आगरा के बाद वृन्दावन और जयपुर जाकर भी श्रीकृष्ण के मंदिरों में भक्ति के कुछ रंग समेटेंगे तो कुछ बिखेरेंगे।

श्रीजगन्नाथ मंदिर (इस्कॉन) के अध्यक्ष अरविन्द प्रभु ने बताया कि लगभग 25 लोग कजाकिस्तान से आए हैं। जो प्रातः शहर व संध्या काल में ग्रामीण क्षेत्र में नगर कीर्तन कर श्रीकृष्ण की भक्ति के रंग बिखेर रहे हैं। आज बाह क्षेत्र में नगर कीर्तन किया गया। प्रातः व संध्या में तुलसी माता का पूजन व परिक्रमा की जाती है। कुछ कजाकिस्तानी कार्तिक माह में कार्तिक स्नान भी कर रहे हैं, जो प्रातः 4 बजे मंदिर पहुंच जाते हैं। उद्देश्य विश्व में प्रेम, सत्य और आपसी सद्भाव को बिखरना है।

संध्या काल में आरती के उपरान्त मंदिर परिसर में प्रतिदिन 28 अक्टूबर से 28 नवम्बर तक दीपदान का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें 501 दीपक प्रज्ज्वलित किए जाते हैं। कजाकिस्तानी अनुयायी भी इसमें भक्ति भाव से हिस्सा लेते हैं और संकीर्तन करते हैं।

Tags :

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन