: देव दीपावली पर दीपों की श्रंखला से जगमगाया श्रीजगन्नाथ मंदिर
Wed, Nov 5, 2025
21 हजार दीप प्रज्जवलित कर मनाई बैकुण्ड चतुर्दशी (देव दीपावली)
लक्ष्मी-नरसिंह रूप में दिए भगवान जगन्नाथ ने दर्शन
हरे रामा, हरे कृष्णा… संकीर्तन पर झूमें भक्तजन
आगरा। श्रीजगन्नाथ मंदिर के साथ आस-पास का हर घर दीपों से श्रंखला से जगमगा रहा था। देव दीपावली पर 21 हजार दीपों से श्रद्धा और भक्ति की ज्योति हर ओर जगमगा रही थी। भगवान जगन्नाथ के जयकारों संग हर ओर झिलमिलाते दीपों की अलौकिक आभा बिखरी थी। कमला नगर स्थित श्रीजगन्नाथ मंदिर में आज उत्साह व उमंग के साथ देव दीपावली (बैकुण्ठ चतुर्दशी) मनाई गई। कहीं सतरंगी रंगों से रंगोली सजी थी तो कहीं गेरू और खड़िया से परम्परागत अल्पना सजी थी। मंदिर परिसर ही नहीं मंदिर के आस-पास का भी पूरा क्षेत्र दीपों की झिलमिल रोशनी से जगमगा रहा था।
इस्कॉन मंदिर, आगरा के अध्यक्ष अरविन्द स्वरूप ने बताया कि आज के दिन ही गज-ग्राह लीला (हाथी और मगर की लीला) में श्रीहरि के परम भक्त गज (हाथी) का बैकुण्ड गमन हुआ था। इसलिए आज दीपदान का विशेष महत्व है। बताया कि श्रीजगन्नाथ जी वर्ष में एक बार ही आज के दिन लक्ष्मी नरसिंह रूप में दर्शन देते हैं। श्रीहरि का यह रूप भक्तों को आशीर्वाद प्रदान करने वाला है। नीले रंग की पोशाक में भगवान जगन्नाथ, बहन सुभद्रा व भाई बलराम संग अलौकिक छवि के दर्शन को हर भक्त उत्साहित था। हर (भगवान शिव) हरि (भगवान विष्णु) की रात्रि भी आज ही के दिन मानी जाती है। संध्या आरती के बाद हरे राम, हरे कृष्णा… का मृदंग और मंजीरों पर कीर्तन किया, जिसमें सैकड़ों भक्त श्रीहरि की भक्ति में झूमते रहे। इसके उपरान्त भक्तों द्वारा 21 हजार दीपदान किए गए।
इस अवसर पर मुख्य रूप से इस्कॉन मंदिर आगरा के अध्यक्ष अरविन्द स्वरूप दास, शैलेन्द्र अग्रवाल, कामता प्रसाद अग्रवाल, आशु मित्तल, सुशील अग्रवाल, सुनील मनचंदा, संजीव मित्तल, संजीव बंसल, ओमप्रकाश अग्रवाल, हरिदास, अदिति गौरांगी, शाश्वत नन्दलाल,विकास बंसल (लड्डू भाई) ज्योति बंसल, राजेश उपाध्याय, संजय कुकरेजा आदि उपस्थित थे।
: रथ पर सवार प्रियतम, रुक्मणी हरण लीला ने मोहा मन
Wed, Nov 5, 2025
आगरा। बल्केश्वर स्थित गौशाला प्रांगण में चल रहे भव्य श्री कृष्ण लीला महोत्सव में बुधवार की रात्रि भक्तिरस का अलौकिक प्रवाह देखने को मिला। श्रीकृष्ण-रुक्मणी मंगल लीला के मंचन के दौरान जब रथ पर सवार श्रीकृष्ण पधारे और रुक्मणी हरण का दिव्य दृश्य प्रस्तुत हुआ, तो पूरा परिसर ‘जय कन्हैया लाल की’ के जयकारों से गूँज उठा। पुष्प-वर्षा, शंखनाद और हरिनाम संकीर्तन ने वातावरण को आध्यात्मिक उल्लास से भर दिया। कार्यक्रम का आकर्षण रथ पर सवार भगवान श्रीकृष्ण का आगमन और रुक्मणी हरण प्रसंग रहा, जिसे दर्शकों ने मंत्रमुग्ध होकर निहारा।
रुक्मिणी, विदर्भ देश के राजा भीष्म की पुत्री और साक्षात लक्ष्मी जी का अवतार थीं। देवर्षि नारद से श्रीकृष्ण के तेज, सौंदर्य और गुणों का वर्णन सुनकर उन्होंने मन ही मन कृष्ण को पति रूप में वरण किया। भाई रुक्मी ने उनका विवाह शिशुपाल से निश्चित किया। रुक्मणी ने ब्राह्मण दूत द्वारा श्रीकृष्ण को संदेश भेजा। कृष्ण कुंडिनपुर पहुँचे, युद्ध में शिशुपाल और उसके समर्थक राजाओं को परास्त किया तथा रुक्मणी का हरण किया। लौटते समय रुक्मी का भी संहार किया। तत्पश्चात द्वारिका में भव्य वैवाहिक उत्सव सम्पन्न हुआ।
मुख्य अतिथि तिलकायत श्रीमहंत योगेश पुरी ने स्वरूपों की आरती उतारी और कहा कि भगवान श्रीकृष्ण और रुक्मणी की यह दिव्य लीला हमें प्रेम, समर्पण, धर्म और सत्य पर अडिग रहने की प्रेरणा देती है। श्रीकृष्ण लीला न केवल मनोरंजन है, बल्कि अध्यात्म का साक्षात् प्रवाह है, जो जन-जन के हृदय में भक्ति का दीप प्रज्वलित करता है। इस दिव्य आयोजन के लिए समिति साधुवाद की पात्र है।
गुरुवार को होगी भजन संध्या
समिति अध्यक्ष मनीष अग्रवाल ने बताया कि लीला महोत्सव अब अंतिम सोपान पर है। गुरुवार को श्री खाटू श्याम जी की भजन संध्या सजेगी और शुक्रवार को हवन के साथ पूर्णाहुति होगी।
ये रहे उपस्थित
मुकेश गोयल, संजय चेली, संजय गर्ग, केके अग्रवाल, रेनू गोयल, अशोक गोयल, मनोज बंसल, शेखर गोयल, आयुष बंसल, तानुराग गोयल, विजय रोहतगी आदि उपस्थित रहे।
: सीताराम मंदिर में बजी मंगल धुनें, श्री कृष्ण रुक्मणि का मेहंदी उत्सव सम्पन्न
Wed, Nov 5, 2025
रुक्मणि-मिलन से पहले सजे श्याम, मेहंदी रस में डूबा ब्रज धाम
रथ पर विराजित श्री कृष्ण रुक्मणि, शगुनगीतों और शंखध्वनि से गूंजा प्राचीन सीताराम मंदिर परिसर
आगरा। श्री कृष्ण लीला महोत्सव के अंतर्गत वजीरपुरा स्थित प्राचीन सीताराम मंदिर में बुधवार को रुक्मणि विवाह से पूर्व मेहंदी समारोह भक्ति और उत्साह के साथ सम्पन्न हुआ। जब बैंड-बाजे और शहनाई की पावन धुनों के बीच रथ पर सजे श्री कृष्ण रुक्मणि स्वरूप मंदिर पहुंचे, तो वातावरण “जयश्रीातपेीद” के जयकारों से गुंजायमान हो उठा।
मुख्य अतिथि डॉली बंसल और पूर्व पार्षद नेहा गर्ग गुप्ता ने स्वरूपों की आरती उतारकर भक्तिभाव से मेहंदी अर्पित की। मंदिर महंत अनंत उपाध्याय और पंडित मुकेश शर्मा द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजा-अर्चना की गई। मेहंदी रस्म के दौरान शगुनगीत और भक्ति संगीत पर भक्त झूम उठे। सुहागिनों ने मंगल गीत गाए व स्वरूपों की नजर उतारी। श्री कृष्ण रुक्मणि के दिव्य स्वरूपों का श्रृंगार देख भक्त भावविभोर हो उठे। कार्यक्रम के पश्चात स्वरूपों को विविध व्यंजनों का भोग परोसा गया।
मुख्य अतिथि डॉली बंसल ने कहा कि श्री कृष्ण रुक्मणि का यह पावन मिलन प्रेम, पवित्रता और सुंदर जीवन मूल्यों का संदेश देता है। परंपराओं और भक्ति की यह अनूठी साधना समाज को संस्कारों की ओर प्रेरित करती है। इस अवसर पर वंदना उपाध्याय, राधिका, ममता उपाध्याय, लता उपाध्याय, अरुण उपाध्याय, आयुष उपाध्याय, हनी, रिंकिता अग्रवाल, रेनू गर्ग, नीलिमा गर्ग, निशि नेहरू, सुजाता अग्रवाल, रोहिणी, शिल्पी रस्तोगी, नीरू रोहतगी, शिप्रा, प्रभा गर्ग, पार्षद पूजा बंसल आदि महिलाओं ने भाग लिया और मेहंदी रस्म निभाई।
कार्यक्रम में श्री कृष्ण लीला महोत्सव समिति अध्यक्ष मनीष अग्रवाल, लीला संयोजक शेखर गोयल, महामंत्री विजय रोहतगी, बृजेश अग्रवाल, आयुष बंसल, तनुराग गोयल, गिर्राज बंसल, विनीत, डॉ. संजीव नेहरू, लक्ष्मण शर्मा, विक्रम, विष्णु अग्रवाल, मनोज अग्रवाल, अनूप गोयल, हनी, आयुष आदि उपस्थित रहे।