: किन्नर के दो गुटों में खूनी संघर्ष, चाकू-ब्लेड से किया हमला
Fri, Oct 27, 2023
Agra. किन्नरों के बीच इलाके को लेकर चल रही लड़ाई खूनी संघर्ष में बदल गयी है। ताजा मामला देवरी रोड स्थित कोटली बगीची का है। कोटली बगीची में इलाके के लेकर किन्नरों के दो गुटों में खूनी संघर्ष हो गया। घायल अवस्था में तीन किन्नरों को जिला अस्पताल इलाज व मेडिकल के लिए लाया गया। घायल हुए किन्नरों के आरोप है कि गुड़िया किन्नर, चेला भूरी सिंह और उसके साथ लगभग एक दर्जन लोगों ने पीछे से आकर हमला बोला दिया। उनकी जान लेने के इरादे से चाकू और ब्लेड से उन पर हमला किया।
मामला ताजगंज थाना क्षेत्र के कोटली बगीची का है। घायल किन्नरों ने बताया कि वो अपने क्षेत्र में लोगों से बधाई लेने के बाद नाश्ता कर रहे थे, तभी पीछे से किन्नर गुड़िया चेला भूरी और उसके साथ एक दर्जन लड़के आये और उनके साथ मारपीट करने लगे। सड़क पर लिटा लिटाकर उनके साथ मारपीट की। मारपीट करने के बाद उन्होंने चाकू और ब्लेड निकाल लिए और जान लेने के नीयत से हमला किया। हमले में उनके चेहरे और हाथ पैरों के साथ शरीर के अन्य जगहों पर चोट आई है।
पीड़ित किन्नरों ने बताया कि इस घटना की सूचना तुरंत उन्होंने पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर आई लेकिन तब तक हमलावर किन्नर गुड़िया और उसके समर्थक फरार हो गए। घायल अवस्था में उन्हें इलाज और मेडिकल के लिए जिला अस्पताल लाया गया। घायलों ने पुलिस से हमलावरों के खिलाफ उचित कार्यवाही की मांग की, साथ ही सीएम योगी से भी सुरक्षा की गुहार लगाई।
इलाके की है लड़ाई
किन्नरों ने बताया कि गुड़िया किन्नर जबरन उनके इलाके पर कब्जा करना चाहती है। वह उनका इलाका है और उसी इलाके में बधाई लेते हैं लेकिन गुड़िया किन्नर अपनी गुंडागर्दी के चलते उनका इलाका छीनना चाहती है। इसलिए उनके इलाके में आकर उनपर और उनके साथियों पर हमला कर रही है जिससें खौफ में आकर वो अपना इलाका छोड़ दे। फिलहाल पुलिस को तहरीर देकर कानूनी कार्यवाही की मांग की है।
: आगरा जिला अस्पताल के पेट्रोल-डीजल का बजट ख़त्म, सभी एम्बुलेंस-वाहनों के थमे पहिये
Fri, Oct 27, 2023
Agra. अगर आप अपने मरीज के साथ जिला अस्पताल जा रहे हैं और मरीज की स्थिति गंभीर है। खुदा ना खास्ता अगर जिला अस्पताल के चिकित्सकों ने उसे रेफर कर दिया तो आपको जिला अस्पताल में सरकारी एंबुलेंस नहीं मिलेगी। इस समय सरकारी एंबुलेंस, ब्लड बैंक की एंबुलेंस और यहां तक कि सीएमएस अनीता शर्मा की गाड़ी के भी पहिए थम गए हैं। जिला अस्पताल के चिकित्सा अधिकारी सरकारी गाड़ी को छोड़ अपने वाहनों से ड्यूटी के लिए पहुंच रहे हैं तो वहीँ मरीज के तीमारदार रेफर हुए अपने मरीजों को ले जाने के लिए अपने वाहनों का इंतजाम कर रहे हैं। यह सब स्वास्थ्य विभाग की अव्यवस्थाओं के कारण है। जानकारी के मुताबिक पेट्रोल और डीजल के लिए शासन से मिलने वाला बजट अभी जिला अस्पताल को नहीं मिल पाया है जिसके चलते गाड़ियों के पहिए थम गए हैं।
जिला अस्पताल में तीमारदारों को अपने मरीजों को ले जाने के लिए एम्बुलेंस नहीं मिल रही है। उन्हें एम्बुलेंस के लिए इधर उधर भटकना पड़ रहा है। यहाँ तक कि आजकल ब्लड बैंक वाली एम्बुलेंस भी नहीं दौड़ रही है। तीमारदार भी रेफर मरीजों को अपने वाहनों से ले जा रहे है।
जानकारी के मुताबिक पिछले एक हफ्ते से बजट के अभाव में जिला अस्पताल की एंबुलेंस और सीएमएस की गाड़ी के पहिए थम गए हैं। एम्बुलेंस और ब्लड बैंक वाहन को जिला अस्पताल प्रशासन ने पीछे खड़ा कर दिया है तो वहीँ सीएमएस अनीता शर्मा की सरकारी गाड़ी को गैरेज में खड़ा करवा दिया है। जिला अस्पताल की सीएमएस अनीता शर्मा का कहना है कि पेट्रोल और डीजल के बजट को लेकर दिक्कत आ रही हैं। उन्होंने शासन को बजट के लिए लिखा है लेकिन अभी तक कोई हल नहीं हो पाया है।
: दहेज का मुकदमा खारिज होते ही किलर पत्नी हुई फरार, पुलिस दबिश में जुटी
Fri, Oct 27, 2023
Agra. थाना ताजगंज के रामरघु एग्जॉटिका में बैंक कर्मचारी सचिन उपाध्याय की हत्या की गुत्थी सुलझाने में लगी पुलिस ने मृतका की पत्नी प्रियंका की ओर से महिला थाने में दर्ज कराए गए दहेज उत्पीड़न के मुकदमे को खारिज कर दिया है। पुलिस का कहना है कि यह मुकदमा सचिन की मौत से एक दिन पहले लिखवाया गया जो एक सोची समझी साजिश के तहत दर्ज कराया है। इसके बाद पुलिस मृतक की नामजद पत्नी प्रियंका की धरपकड़ में जुटी हुई है लेकिन किलर पत्नी फरार हो गयी है।
इस हत्याकांड में कलक्ट्रेट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मृतक के ससुर बृजेंद्र सिंह रावत, साले कृष्णा रावत और मृतक की पत्नी प्रियंका को नामजद किया गया। पुलिस ने कृष्णा रावत को जेल भेजा दिया। उधर, पत्नी प्रियंका पुलिस के सामने नहीं आई है। परिजन ने यही बताया था कि उसकी तबीयत खराब है। पति की मौत के बाद से वह सदमे में हैं। उसका हॉस्पिटल में उपचार चल रहा है।
बैंक प्रबंधक सचिन उपाध्याय हत्याकांड की जांच पड़ताल में जुटी पुलिस फूंक फूंक कर कदम रख रही है। मामला हाई प्रोफाइल है इसलिए साक्ष्य जुटाने में पुलिस कोई गलती दोहराना नहीं चाहती है। पुलिस क्राइम सीन को दोहराने की तैयारी कर रही है। मृतक की पत्नी को भी पूछताछ के लिए नोटिस जारी किए है लेकिन मृतका की पत्नी सामने नहीं आई है।
डीसीपी सिटी ने बताया कि मृतका की पत्नी की ओर से दहेज उत्पीड़न का मुकदमा अपने ससुरालियों पर दर्ज कराया गया था उसे खारिज कर दिया गया है। यह मुकदमा सचिन की हत्या से एक दिन पहले दर्ज कराया था जो साजिशन था। केस खारिज होने के बाद आरोपी प्रियंका फरार है उसकी धरपकड़ में पुलिस जुट गई है।