: राजस्व फाइलों का सही से रखरखाव न करने पर मण्डलायुक्त हुईं नाराज़
Thu, May 30, 2024
आगरा. 29 मई 2024. आज बुधवार को मण्डलायुक्त रितु माहेश्वरी द्वारा मण्डल आयुक्त/अपर आयुक्त कार्यालय के न्यायिक कार्यों की समीक्षा बैठक ली गयी। सर्वप्रथम गार्ड फाइल का अवलोकन किया। गार्ड फाइल ठीक से बनाने के निर्देश दिए। तत्पश्चात 5 साल से भी अधिक लंबित पत्रावलियों, पुर्नस्थापना वाद एवं जारी किए समस्त आदेशों के पोर्टल पर होने वाले अपडेट इत्यादि की समीक्षा की गयी। अपर आयुक्त न्यायिक (द्वितीय) की समीक्षा में अवगत कराया गया कि विगत दो माह में लगभग 120 वादों का निस्तारण किया गया है। सभी आदेशों को पोर्टल पर अपडेट कर दिया गया है। अवर न्यायालय की 49 पत्रावलियां प्राप्त करना अवशेष है।
मिसिलबंद रजिस्टर के निरीक्षण में सामने आया कि कई पत्रावलियों से संबंधित प्रविष्टि अपडेट नहीं की गयी थीं। वहीं पुर्नस्थापना वादों से संबंधित पत्रावलियां मंगाए जाने पर सिर्फ एक पत्रावली ही प्रस्तुत कर सके। पत्रावलियों का सही से रखरखाव न करने एवं मिसिलबंद रजिस्टर अपडेट न करने पर मंडलायुक्त ने नाराजगी व्यक्त की एवं संबंधित पेशकार एवं अहलमद के खिलाफ जिम्मेदारी तय करने हेतु निर्देश दिए।
अपर आयुक्त प्रशासन न्यायिक कार्यों की समीक्षा में देखा गया कि विगत दो माह में लगभग 469 वादों का निस्तारण किया गया है जबकि जनपद मथुरा और अलीगढ़ के लंबित वादों की सख्यां ज्यादा है। पोर्टल पर सभी आदेश अपलोड कर दिए गये हैं। पुर्नस्थापना वादों के 10 मामले विचाराधीन हैं। मिसिलबंद रजिस्टर को अपडेट नहीं किया गया। निर्देश दिए कि मिसिलबंद रजिस्टर में वाद निस्तारण की प्रविष्टि अपडेट करें। जनपद मथुरा और अलीगढ़ से अवर न्यायालय से संबंधित लगभग 1100 से अधिक पत्रावलियां मंगाया जाना अवशेष है। वहीं अपर आयुक्त न्यायिक (प्रथम) कार्यों की समीक्षा में भी सामने आया कि जनपद मैनपुरी और आगरा में ही लगभग 1600 से अधिक पत्रावलियां अभी तक प्राप्त नहीं हुई हैं। मंडलायुक्त महोदया ने सभी अपर आयुक्तों को निर्देश दिए कि पत्रावलियां प्राप्त न होने के संबंध में संबंधित प्रभारी अधिकारी राजस्व अभिलेखागार एवं अवर न्यायालयों के पीठासीन अधिकारियों के साथ जिलेवार बैठक की जाए। पत्रावलियों को मंगाये जाने हेतु मांग पत्र भेजे जाएं। इसके उपरांत भी पत्रावलियां प्राप्त न होने पर संबंधित अवर न्यायालय के पीठासीन अधिकारी के विरूद्ध कार्यवाही हेतु राजस्व परिषद को पत्र प्रेषित किया जाए।
आयुक्त मण्डल आगरा के न्यायायिक कार्यों की समीक्षा में निर्देश दिए गये कि मिसिलबंद में सभी प्रविष्टि अपडेट की जाए। आगामी जून माह में ही राजस्व, पुर्नस्थापना और विकास प्राधिकरण से संबंधित लगभग 100 वादों की सुनवाई हेतु न्यायालय में तिथि निर्धारित की जाए। बैठक के अंत में मण्डलायुक्त ने सभी अपर आयुक्तों को निर्देश दिए कि 5 वर्ष से भी अधिक लंबित तथा पुर्नस्थापना से जुड़े समस्त वादों का प्रमुखता से निस्तारण किया जाए। प्रतिमाह संयुक्त रूप से कम से कम एक हजार वादों का निस्तारण करने का लक्ष्य निर्धारित करते हुए प्रत्येक सप्ताह में दो दिन सुनवाई की जाए। समीक्षा बैठक में अपर आयुक्त प्रशासन राजेश कुमार, अपर आयुक्त न्यायिक (प्रथम) मंजूलता, अपर आयुक्त न्यायिक (द्वितीय) गरिमा सिंह एवं प्रशासनिक अधिकारी गोविंद वर्मा मौजूद रहे।
: अर्जुन नगर में दो वृद्ध महिलाओं के शव मिलने से मचा हड़कंप
Thu, May 30, 2024
आगरा। अर्जुन नगर इलाके में एक मकान के अंदर दो वृद्ध महिलाओं के शव मिलने से हड़कंप मच गया। बताते चलें कि शाहगंज थाना क्षेत्र के अर्जुन नगर इलाके में एक मकान में दो वृद्ध महिलाएं रह रही थी। पुलिस उपायुक्त नगर सूरज राय ने बताया कि दोनों महिलाएं जिस कमरे में रह रही थी उसका दरवाजा अंदर से बंद था। आसपास के लोगों ने दुर्गंध आने पर पुलिस को सूचना दी। जब पुलिस मौके पर पहुंची तो पाया कि दोनों महिलाओं की मौत हो चुकी थी। दोनों के शवों को पोस्टमार्टम गृह भेजा गया है। पुलिस उपायुक्त नगर सूरज राय के मुताबिक प्रथमदृष्टया यह मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है।
पुलिस पीएम रिपोर्ट आने का इंतजार कर रही है। मगर हैरान करने वाली बात यह है कि आखिरकार ऐसा क्या कारण रहा कि दोनों वृद्ध महिलाओं ने एक साथ आत्महत्या की। फिलहाल पुलिस आसपास के लोगों से बातचीत कर रही है। लोगों के बयान दर्ज किया जा रहे हैं। फोरेंसिक एक्सपर्ट टीम को भी मौके के लिए बुलाया गया है।
: दाल में कीड़े निकलने की घटना के बाद गठित कमेटी ने लिए सैंपल, एसआईसी ने लगाए ये आरोप
Thu, May 30, 2024
Agra. आगरा में भी स्वास्थ्य विभाग के हालात अच्छे नहीं हैं। जनपद का जिला अस्पताल और विवाद अब एक दूसरे के पूरक हो चले हैं। शायद ही कोई ऐसा दिन बीतता हो जब अस्पताल में कोई न कोई घटना न घटती हो। एसआईसी डॉक्टर राजेंद्र अरोड़ा जिला अस्पताल के कूलर में पानी भरते हुए दिखाई देते हैं तो कभी शौचालय की सफाई की बात करते हैं। इस बार मामला अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों को मिलने वाला भोजन है। बीते मंगलवार को जिला अस्पताल में वितरण होने वाले भोजन में कीड़े निकलने से आगरा से लेकर लखनऊ तक हड़कंप मच गया है।
जिला अस्पताल के मरीज को वितरित की गई दाल में कीड़े निकले थे। खबर चलने के बाद आगरा से लेकर लखनऊ तक स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया। आनन फानन में एसआईसी डॉक्टर राजेंद्र अरोड़ा ने तीन सदस्यों की कमेटी गठित की है, जो जल्द ही अपनी रिपोर्ट एसआई सी को सौंपेगी। वहीं दूसरी तरफ आगरा के जिलाधिकारी भानु चंद्र गोस्वामी ने भी इस मामले का संज्ञान लेकर जिला अस्पताल में एक कमेटी भेजी, जिसने बुधवार को पहुंचकर अस्पताल की किचन से सैंपल लिए हैं। अब सवाल या उठना है कि मंगलवार की घटना थी, तो बुधवार को सैंपल लेने का क्या औचित्य है। आख़िर मंगलवार को ही दाल के सैंपल क्यों नहीं लिए गए।
वहीं इस पूरे प्रकरण में एसआईसी डॉ. राजेंद्र अरोड़ा का कहना है कि दाल में कीड़े मिलने के मामले में तीन सदस्यों की एक कमेटी गठित की है। जिसमें डॉक्टर सीपी वर्मा के साथ-साथ डॉक्टर एसके वर्मा और रामनिवास मित्तल शामिल हैं। डॉ. राजेंद्र अरोड़ा ने आरोप लगाया है कि मेरे खिलाफ षड्यंत्र के तहत साजिश रची जा रही है। मुझे बदनाम करने की नीयत से यह सब किया गया है। उन्होंने कहा कि मेरे अनुसार यह सारा मामला किचन का नहीं है, जिला अस्पताल की किचन में कोई गड़बड़ नहीं है, यह गड़बड़ी सिर्फ NRC में हुई है।
अब देखना होगा कि स्वास्थ्य महकमा मामले में क्या रुख अपनाते हैं, यह मामला सीधे मरीजों के स्वास्थ्य से जुड़ा हुआ है। जिला अस्पताल में जो मरीज अपनी मर्ज का उपचार करने की पहुंचते हैं, वही मरीज यहां पर दूषित दाल का सेवन कर बीमार हो सकते हैं, उन्हें फूड प्वाइजनिंग भी हो सकती है।