: पानी ठहरेगा जहां, मच्छर पनपेंगे वहां
Sat, Jun 1, 2024
एंटी मलेरिया माह का आज से होगा शुभारंभ, सीएमओ ने टीमें गठित की
मलेरिया का रोगी मिलने पर आसपास के 50 घरों के लोगों की होगी जांच
आगरा। जनसमुदाय को मलेरिया रोग से बचाने के लिए एक से 30 जून तक जिले में एंटी मलेरिया माह का शुभारंभ होगा। अभियान के तहत मलेरिया से बचाव को लोगों को जागरूक किया जाएगा।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ.अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि एंटी मलेरिया माह को तीस जून तक चलाने के लिए निर्देशित किया है। इसमें आशा, एएनएम घर-घर जाकर बुखार के रोगियों की जांच कराएंगी। इसके साथ विभिन्न गतिविधियों को अयोजित करके मच्छरों से बचाव करने के लिए जागरूक किया जाएगा। इन कार्यक्रमों में जनसहभागिता का भी ध्यान रखा जाएगा। सीएमओ ने बताया कि जांच में मलेरिया की पुष्टि होने पर रोगी के परिवार व आसपास के कम से कम 50 घरों में सर्वेक्षण कर बुखार से पीड़ित व्यक्तियों की खोज व जांच की जाएगी, साथ ही मच्छरों के पनपने के स्रोत की खोज करेंगे। उन्होंने बताया कि समुदाय के लोगों को मलेरिया से बचाव के बारे में जागरुक करने व रोगियों की तलाश के लिए निर्देशित किया है। रोग नियंत्रण के लिए जनसमुदाय से सहयोग भी लेंगे। जिन इलाकों में अधिक रोगी मिले हैं। वहां दस प्रतिशत व्यक्तियों की जांच अवश्य की जाए। मध्यम प्रभावित लोगों में सात प्रतिशत की जांच कराएं। गर्भवती महिलाओं की मलेरिया की जांच कराई जाएगी। आशा, एएनएम, सीएचओ व अन्य स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण का आयोजन कर लक्ष्य के सापेक्ष एबीईआर प्राप्त किए जाएगा। अंतविर्भागीय समन्वय समिति के अंतर्गत अन्य विभागों का सहयोग लेकर मच्छर रोधी गतिविधियां कराई जाएगी।
मच्छरों के प्रजनन वाले स्रोत भी तलाशेंगे
वेक्टर बोर्न रोगों के नोडल अधिकारी डॉ. सुरेंद्र मोहन प्रजापति ने बताया कि घरों के अंदर व आसपास, कूलर की टंकी, फ्रिज की ट्रे, गमलों के नीचे की प्लेट, अनुपयोगी बर्तन आदि से जल निकालकर साफ कराएंगे और जन सामान्य को मच्छरों के प्रजनन स्थलों के स्रोत को स्वास्थ्य कर्मी तलाश करेंगे।
जिला मलेरिया अधिकारी राजेश गुप्ता ने बताया कि जनसमुदायों को मलेरिया रोग से बचाव व नियंत्रण के संबंध में जागरुकता पैदा की जाए, रोग नियंत्रण के लिए गतिविधियों को कराया जाएगा। डीएमओ ने बताया कि मच्छरों को पनपने से रोकने के लिए अपने घरों के आसपास कहीं पानी इकट्ठा न होने दें। यदि जमा पानी खाली नहीं होता है तो इकट्ठे पानी में मच्छरों के लारवा पैदा हो जाते हैं जो बीमारियों का कारण बनते हैं.जहां मच्छरों के पैदा होने की आशंका है वहां कीटनाशक दवा का छिड़काव करें.जमे हुए पानी पर नीम का तेल एवं अन्य तेल डालकर पानी पर तेल की परत बना दें। रात में पूरी आस्तीन के कपड़े पहने.मच्छरों से बचाव के लिए उपयोग में लाई जाने वाली क्रीम को भी लगाया जा सकता है.सोते समय दरवाजे खिड़कियां इस प्रकार बंद करें कि मच्छर ना आ पाएं। मच्छरों से बचने के लिए मच्छरदानी सबसे आसान उपाय है.
इन बातों का रखें ध्यान
दरवाजों व खिड़कियों पर जाली लगवाएं
मच्छरदानी का नियमित प्रयोग करें
अनुपयोगी वस्तुओं में पानी एकत्र न होने दें
पानी की टंकी पूरी तरह से ढक कर रख दें
पूरी बांह वाली कमीज और पैंट पहनें
घर और कार्य स्थल के आस-पास पानी जमा न होने दें
कूलर, गमले आदि को सप्ताह में एक बार खाली कर सुखाएं
गड्ढों में जहां पानी एकत्र हो, उसे मिट्टी से भर दें
: छीपीटोला में सम्पन्न हुुआ दस दिवसीय ग्रीष्मकालीन शिविर
Sat, Jun 1, 2024
आगरा। 21 मई से श्री क्षमासागर मैत्रीय महिला संगठन एवं सकल दिगम्बर जैन समाज छीपीटोला के तत्वावधान में आगरा के छीपीटोला स्थित श्री पाश्र्वनाथ दिगम्बर जैन मन्दिर के जैन भवन में आयोजित हुए दस दिवसीय ग्रीष्मकालीन शिविर का समापन 30 मई को हुआ। इस शिविर का सम्मान एवं पुरस्कार वितरण समारोह आगरा के छीपीटोला स्थित निर्मल सेवा सदन में आयोजित किया गया। जिसका शुभारंभ रूपेश जैन एलआईसी वाले एवं मनोज जैन बल्लो द्वारा समाधिस्थ आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज एवं समाधिस्थ मुनिश्री क्षमासागर जी महाराज के चित्र का अनावरण एवं दीप प्रज्जवलन के साथ किया। अनिल जैन रंगकर्मी के कलाकारों द्वारा नुक्कड़ लघु नाटिका का मंचन किया। इसके बाद मुख्य अतिथि राज्यसभा सांसद नवीन जैन द्वारा सभी प्रतिभागी बच्चें एवं बालक, बालिकाएं एवं महिलाओं को प्रतीक चिन्ह एवं पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। तत्पश्चात आयोजक समिति द्वारा शिक्षकों को भी सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर छीपीटोला मंदिर कमेटी एवं समस्त महिलाओं मंडलों द्वारा राज्यसभा सांसद नवीन जैन जी को दुपट्टा एवं पगड़ी, माला पहनकर स्वागत सम्मान किया। इस दौरान महिलाओं ने फैशन शो किया और बच्चों और बालिकाओं ने नृत्य की प्रस्तुति दी। इस दस दिवसीय ग्रीष्मकालीन शिविर में मेहंदी,डांस, क्राफ्टिंग, ढोलक, जूडो कराटे, पेंटिंग की क्लास लगाई गई। शिविर में करीब तीन सौ से अधिक बच्चों बालकों बालिकाओं एवं महिलाओं ने बढ़ चढ़कर भाग लिया। कार्यक्रम का संचालन भुवनेश जैन द्वारा किया गया। भगवान पाश्र्वनाथ एवं समाधिस्थ आचार्य श्री विद्यासागरजी एवं मुनिश्री क्षमासागर जी महाराज के जयकारों से शिविर का समापन किया गया।
इस अवसर पर श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मन्दिर के कार्यकारिणी मनोज जैन, प्रदीप जैन, मुरारीलाल जैन, प्रवेश जैन, दीपक जैन, अक्षय जैन, प्रवीन जैन, सत्येंद्र जैन, दीनाबाबू जैन एवं श्री क्षमासागर मैत्रीय महिला संगठन की अध्यक्ष मंजू जैन, मंत्री सरिता जैन, दीपाली जैन मुख्य संयोजिका स्मिता जैन,शैलवी जैन, सुषमा जैन, जोली जैन, मीना जैन, इंदु जैन, राखी जैन, प्रेमलता जैन, शालु जैन सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।
: नवोदित लेखक रुद्रा रघुवंशी की नई पुस्तक 'फिफ्टी शेड्स ऑफ लव' का हुआ विमोचन
Sat, Jun 1, 2024
आगरा। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के कन्हैयालाल माणिकलाल मुंशी हिंदी तथा भाषाविज्ञान विद्यापीठ में शुक्रवार को सृजनात्मक लेखन व आज के युवा विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें युवा लेखकों को सृजनात्मक लेखन के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही नवोदित लेखक रुद्रा रघुवंशी की नई पुस्तक 'फिफ्टी शेड्स ऑफ लव' का विमोचन केंद्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल ने किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यापीठ के निदेशक प्रो. प्रदीप श्रीधर ने की। मुख्य अतिथि साहित्यकार शैलबाला अग्रवाल और विशिष्ट अतिथि डॉ. रूचि चतुर्वेदी थीं। सेंट कानरेड्स इंटर कालेज की 10वीं की छात्रा रुद्रा रघुवंशी की पुस्तक के विमोचन के बाद केंद्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल का कहना था कि सृजन प्रकृति का नियम है। नि:संदेह नई पीढ़ी की सोच स्वतंत्र है और वह नियम में नहीं बंधते और अच्छा लिखते हैं। वरिष्ठ साहित्यकार युवा लेखकों को और बेहतर लिखने के लिए प्रेरित करें, उन्हें समझाएं कि मात्राओं और नियमों के टूटने के डर से अपनी सोच पर लगाम न लगने दें।
कार्यक्रम अध्यक्ष प्रो. प्रदीप श्रीधर का कहना था कि रुद्रा के दादा ने संस्थान में सालों अपनी सेवाएं दीं। उन्हीं के पदचिह्नों पर चलते हुए वह अपने परिवार की साहित्यसेवा की परंपरा को आगे बढ़ा रही हैं। उन्होंने छोटी उम्र में ही अपनी कविताओं के माध्यम से भावनाओं की अभिव्यक्ति का प्रयास कर सभी के मन को झकझोरा है। उन्होंने जहां मां के लिए कविता लिखी है, तो नारी सशक्तिकरण और निर्बाध रूप से स्वतंत्र सोच आदि विषयों पर हिंदी और अंग्रेजी में समान अधिकार से कविताएं लिखी हैं। उनका भविष्य उज्जवल है।
डा. रूचि चतुर्वेदी ने अपनी कविताओं के माध्यम से सृजनात्मक लेखन और युवाओं के अंतरसंबंधों को परिलक्षित किया। उनका कहना था कि युवा तकनीक और ऊर्जा का शानदार मिश्रण है। इसे सकारात्मक दिशा में लगाकर राष्ट्र हिंत के लिए अच्छा काम किया जा सकता है। युवा अपने कौशल से प्राचीन विधाओं को नई तकनीकों से जोड़कर अभूतपूर्व प्रयास कर रहे हैं।
मुख्य अतिथि शैलबाला अग्रवाल का कहना था कि इतनी छोटी सी उम्र में रुद्रा ने पुस्तक लाकर मुझे मेरी याद दिला दी। मैंने उनके दादा से प्रेरित होकर साहित्य सृजन प्रारंभ किया था। युवाओं की क्षमताओं और कौशल को देख तसल्ली होती है कि हमारे देश की डोर सही हाथों में है। कार्यक्रम के
संयोजक डा. अमित कुमार सिंह थे। संचालन डा. रमा ने किया। प्रो. लवकुश मिश्रा, प्रो. उमेश चंद्रा, निर्मला दीक्षित, डा. जेएन टंडन, डा. पार्थसारथी शर्मा, रविंद्र रघुवंशी, आशा रघुवंशी, मितेन रघुवंशी, सुखवीर कौर, जसवीर सिंह, दिगंबर सिंह धाकरे, गौरव शर्मा, बृजेश शर्मा, अंकुश गौतम, तन्मय गुप्ता, रचना गौतम, पवन गुप्ता, डा. पल्लवी आर्या, डा. राजेंद्र दवे, डा. केशव शर्मा, डा. संदीप कुमार, डा. मोहिनी दयाल, डा. वर्षा रानी, डा. चारू अग्रवाल, कंचन कुशवाहा, डा. संदीप सिंह, विशाल शर्मा मौजूद रहे।