: मिथिलावासियों ने लगाई इंद्रदेव से गुहार, माता जानकी के विवाह में मत बरसो मूसलाधार
Mon, Sep 8, 2025
आगरा। 148 वर्ष से आयोजित हो रही रामलीला और 66 वर्ष से सजाई जा रही जनकपुरी के इतिहास में कमला नगर में पाँच बार जनकपुरी सजाई जा चुकी है। हर बार इंद्रदेव ने कहर ढाया है। इस बार भी इंद्रदेव लगातार मूसलाधार वर्षा कर रहे हैं। यमुना भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। ऐसी स्थिति में मिथिलावासियों ने सोमवार को शिवम पार्क में निर्माणाधीन मिथिला महल के समक्ष इंद्रदेव को मनाने के लिए वैदिक मंत्रों के साथ विधि विधान से हवन पूजन किया।
श्री जनकपुरी महोत्सव आयोजन समिति के बैनर तले सभी लोगों ने इंद्रदेव से हाथ जोड़कर गुहार लगाई कि इस बार मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम और जगत जननी माता जानकी के विवाह में कृपा करो।
कार्यक्रम में श्री जनकपुरी महोत्सव आयोजन समिति के अध्यक्ष मुरारी प्रसाद अग्रवाल (एकता बिल्डर), वरिष्ठ संरक्षक चौधरी विजेंद्र सिंह, श्री भगवान अग्रवाल (हैप्पी भाई), संरक्षक राकेश मंगल, गोविंद प्रसाद अग्रवाल सीए, राम प्रकाश अग्रवाल, महामंत्री पार्षद प्रदीप अग्रवाल, संयोजक पार्षद पंकज अग्रवाल, नितिन कोहली, सर्व व्यवस्था प्रमुख गौरव पोद्दार, कोषाध्यक्ष राम रतन मित्तल, सहकोषाध्यक्ष अनिल अग्रवाल श्बैंकश्, जितेंद्र तिवारी, नीरज अग्रवाल, अनिल अग्रवाल एड, स्वदेश विकल, प्रांजल मित्तल, भगवती प्रसाद शाक्य, डॉ. संजय गुप्ता, विनय आगरी, रवि अग्रवाल, कशिश अग्रवाल, गौरव परमार, राहुल तिवारी, कार्तिक सेठ, सौरभ पाठक, आकाश गौतम, गोपाल प्रसाद, योगेश अग्रवाल, हरीश शर्मा गुड्डू, केके अग्रवाल, अशोक ट्रांसपोर्ट, संजीव शर्मा, पवन अग्रवाल, विकास मेहरा, आदर्श नंदन गुप्त, पूर्व पार्षद अमित ग्वाला, संदेश शर्मा, गौरव चौहान, तपन अग्रवाल, नवनीत कुलश्रेष्ठ एड. प्रमुख रूप से मौजूद रहे। राष्ट्रीय स्वयं स्वयंसेवक संघ से जुड़े श्री भगवान अग्रवाल, कृष्ण गोपाल अग्रवाल सीए, राजेश सिंघल, राघवेंद्र तिवारी और विदित बंसल भी मौजूद रहे। जनकपुरी महिला समिति की अध्यक्ष सीमा अग्रवाल, संरक्षक मीरा अग्रवाल, संगीता पोद्दार, सोनिया शर्मा, नीलम अग्रवाल, साधना वर्मा और राखी अग्रवाल भी प्रमुख रूप से मौजूद रहीं।
: मिथिला नगरी की हर सँकरी गली का सीवर होगा साफ, बवाग कंपनी ने सफाई के लिए प्रदान की एक नई आधुनिक मशीन
Sun, Sep 7, 2025
आगरा। कमला नगर क्षेत्र में सजाई जा रही जनकपुरी में प्रभु राम, माता सीता और अन्य स्वरूपों के दर्शन के लिए लाखों लोगों की भीड़ उमड़ेगी। इस विशाल और भव्य महोत्सव के लिए नगर निगम के सहयोग से वबाग कंपनी द्वारा रविवार शाम कमला नगर स्थित जनकपुरी कार्यालय पर श्री जनकपुरी महोत्सव आयोजन समिति को एक नई आधुनिक मशीन प्रदान की गई ताकि समूची मिथिला नगरी की हर सँकरी गली, हर क्षेत्र और हर रास्ते में सीवर की समुचित साफ सफाई की जा सके।
समिति के पदाधिकारियों और बवाग कंपनी के प्रतिनिधियों द्वारा संयुक्त रूप से शुभ नारियल फोड़कर और मिष्ठान्न वितरित करके नई मशीन का विधिवत शुभारंभ किया गया।
इस दौरान श्री जनकपुरी महोत्सव आयोजन समिति के अध्यक्ष मुरारी प्रसाद अग्रवाल (एकता बिल्डर), महामंत्री पार्षद प्रदीप अग्रवाल, संयोजक पार्षद पंकज अग्रवाल, सह कोषाध्यक्ष अनिल अग्रवाल बैंक, कार्यालय प्रभारी हरीश शर्मा गुड्डू, मीडिया प्रभारी केके अग्रवाल, सुरक्षा प्रमुख शशांक तिवारी, गौरव परमार, मयंक तिवारी, शोभित शर्मा, मनीष बंसल, अनिल अग्रवाल एडवोकेट, पवन अग्रवाल और रैलेश अग्रवाल प्रमुख रूप से मौजूद रहे। वबाग कंपनी की ओर से भीम कुमार जायसवाल, मोहित बघेल, हरेंद्र राणा और संजीव उपस्थित रहे।
: नटखट कन्हैया साथ गोमाता की सजाई सांझी
Sun, Sep 7, 2025
श्रीजगन्नाथ मंदिर (इस्कॉन) में पित्रपक्ष के प्रथम दिन सजी सांझी
चंद्र ग्रहण के कारण सूतक होने से प्रातःकाल किया पूजन
ग्रहण काल में रात डेढ़ बजे तक चला कीर्तन
आगरा। पित्रपक्ष के प्रथम दिन पूर्णिमा से अमावस्या तक प्रतिदिन श्रीजगन्नाथ मंदिर में सांझी सजेगी। आज प्रथम दिन रंगों व फूलों से नटखट कान्हा संग गोमाता की आकृति से सांझी सजाई गई। चंद्र ग्रहण में सूतक के कारण भगवान के पट बंद होने से प्रथम दिन पूजन प्रातः काल ही कर लिया गया। सोमवार से प्रतिदिन सांझी की आरती संध्या काल में की जाएगी और कान्हा की लालीओं पर आधारित आकर्षक आकृतियों से सांझी सजाई जाएगी।
इस्कॉन आगरा के अध्यक्ष अरविन्द प्रभु ने प्रथम दिन सांझी की आरती करने के उपरान्त बताया कि सनातनी परम्पराओं को हम भूलते जा रहे हैं। कभी समय था जब घर-घर में पित्रपक्ष में सांझी बनाकर उनका पूजन किया जाता था। उसी परम्परा को जीवन्त रखने का प्रयास है। वृन्दावन से श्रीकृष्ण के मथुरा चले जाने पर नित रोज अपनी सखियों के साथ एक लीला (कालिया दमन, माखन चोरी, गिरिराज धरम, महारास, श्रंगार लीला, दान लीला आदि) को आकृति के रूप में बनाती थीं। संध्या काल में बनाए जाने और सखियों के साथ मिलकर बनाती थी, इसलिए इसे सांझी कहा जाता है। सुबह होने पर राधाजी उसे यमुना जी में बहा देती थीं। सांझी को फूल पत्तों और रंगों से सजाती थीं। इस परम्परा को आज भी कुछ लोग निभा रहे हैं। श्रीजगन्नाथ मंदिर में आज बी 15 दिन तक सांझी बनायी जाती है। बताया कि आज चंद्रग्रहण काल में रात्रि 9 बजे से डेढ बजे तक अनवरत कीर्तन किया जा रहा है। ग्रहण काल में कीर्तन का विशेष महत्व है।
इस अवसर पर मुख्य रूप से सुशील अग्रवाल, सुनील मनचंदा, संजीव मित्तल, संजीव बंसल, ओमप्रकाश अग्रवाल, हरिदास, अदिति गौरांगी, शाश्वत नन्दलाल, राजेश उपाध्याय आदि उपस्थित थे।