: डेंगू से करें बचाव, डेंगू होने पर समय से उपचार
Wed, May 15, 2024
सही समय पर उपचार न होने पर जानलेवा हो सकता है डेंगू
मच्छरों से करें बचाव
राष्ट्रीय डेंगू दिवस (16 मई 2024) पर विशेष
आगरा, 15 मई 2024। डेंगू जानलेवा हो सकता है, इस बात का अहसास मुझे तब हुआ जब डेंगू होने के कारण मैं अस्पताल तक पहुंच गया और मुझे वहां दस दिन तक एडमिट होना पड़ा। सही उपचार लेने के बाद मेरी जान बच सकी। यह कहना है दयालबाग निवासी 20 वर्षीय छात्र सौरव का। उन्होंने बताया कि डेंगू को आम बीमारी की तरह बिल्कुल न लें। डेंगू के मच्छर से बचाव करें। डेंगू होने पर सही उपचार न मिले तो व्यक्ति की मौत भी हो सकती है ।
सौरव ने बताया कि पहले मैं डेंगू और मच्छरों को ज्यादा गंभीरता से नहीं लेता था और लापरवाही बरतता था। वर्ष 2023 में मुझे अचानक से तेज बुखार आया। मैंने बुखार की दवा खा ली। पहले दिन आराम हुआ, लेकिन दूसरे दिन और तेज बुखार आया। साथ में उल्टी होने लगी। खाने में कुछ अच्छा नहीं लग रहा था। तीसरे दिन कमजोरी महसूस होने लगी और डॉक्टर के पास गया तो डॉक्टर ने डेंगू की जांच कराई। रिपोर्ट में डेंगू की पुष्टि हो गई। शरीर में काफी कमजोरी आ गई। ऐसे में डॉक्टर ने मुझे एडमिट होने की सलाह दी। मुझे आगरा के निजी अस्पताल में एडमिट होने के बाद उपचार दिया गया । तब जाकर मेरी तबियत में सुधार हो सका। उपचार के दौरान मेरे पिता का एक लाख रुपए खर्च हुए, अभी मैं पूरी तरह स्वस्थ हूं । सौरव ने कहा कि डेंगू से बचाव के लिए हमें सबसे पहले डेंगू के मच्छरों से बचाव करना चाहिए। अपने आस-पास मच्छरों को पनपने से रोकना चाहिए। जिससे कि डेंगू की रोकथाम हो सके। अब मैं सभी को मच्छरों से बचाव करने के लिए प्रेरित करता हूं।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि हर वर्ष 16 मई को नेशनल डेंगू दिवस मनाया जाता है। जिसका उद्देश्य डेंगू जैसी बीमारी के प्रति लोगों को जागरूक करना है । इस साल 2024 के लिए राष्ट्रीय डेंगू दिवस की थीम “डेंगू रोकथाम: एक सुरक्षित कल के लिए हमारी जिम्मेदारी” है । सीएमओ ने बताया कि डेंगू एक मच्छर जनित वायरल रोग है जो एडीज मच्छर के काटने से फैलता है। डेंगू या डेंगी डेंगू वायरस से संक्रमित मच्छरों के काटने से होती है। यह मादा एडीज मच्छर के काटने से फैलता है। यह साफ पानी में पनपता है। इस साल राष्ट्रीय डेंगू दिवस की थीम है-’’कनेक्ट विद कम्युनिटी, कंट्रोल डेंगू’’ । यह थीम इस तथ्य का समर्थन करती है कि सभी के प्रयासों से ही डेंगू से बचाव, नियंत्रण और इसके प्रसार पर जटिलताओं को रोका जा सकता है।
वेक्टर बोर्न रोगों के नोडल अधिकारी डॉ. सुरेंद्र मोहन प्रजापति ने बताया कि डेंगू के लक्षणों के बावजूद समय से जांच न होने की स्थिति में जब इसका बुखार छठवें से आठवें दिन में पहुंचता है तो खतरा भी ज्यादा बढ़ जाता है, लेकिन ऐसे मरीज भी समय से अस्पताल आएं तो भर्ती कर ठीक हो जाते हैं । शरीर में चकत्ते आना या नाक, मुंह व मसूड़ों से खून आना डेंगू के खतरनाक लक्षण हैं और ऐसी स्थिति में मरीज को भर्ती करना अनिवार्य है । प्लेटलेट उन्हीं मरीजों को चढ़ाने की जरूरत पड़ती है जिनके शरीर से ब्लीडिंग होने लगती है। अगर ब्लीडिंग नहीं हो रही है तो बीस हजार प्लेटलेट होने पर भी इसे चढ़ाने की आवश्यकता नहीं है, जबकि अगर ब्लीडिंग हो रही है तो अस्सी हजार प्लेटलेट रहने पर भी इसे चढ़ाना पड़ता है।
जिला मलेरिया अधिकारी राजेश गुप्ता ने बताया कि राष्ट्रीय डेंगू दिवस पर गुरूवार को सभी ब्लॉक क्षेत्रों में जागरूकता संबंधी गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। लोगों के बीच यह संदेश दिया जाएगा कि डेंगू का वाहक एडीज मच्छर साफ पानी में पैदा होता है। ऐसे में छत एवं घर के आसपास अनुपयोगी सामग्री इकट्ठा न होने दें। हफ्ते में एक बार टीन, डब्बा, बाल्टी का पानी खाली कर दें और दोबारा उपयोग के लिए उनको सुखाएं। प्रत्येक सप्ताह कूलर का पानी खाली कर दें और सूखा कर ही पानी भरें। पानी के बर्तन और टंकी आदि को ढंग कर रखें। हैंडपम्प के आसपास पानी इकट्ठा न होने दें। घर के आसपास के गड्ढों को मिट्टी से ढक दें। साफ जमा पानी में मिट्टी का तेल या जला हुआ इंजन का तेल डालें। दिन में भी पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें।
सहायक मलेरिया अधिकारी नीरज कुमार ने बताया कि डेंगू से बचाव के लिए मच्छरों से बचाव करना जरूरी है। इसके लिए अपने आस-पास मच्छरों को न पनपने दें। अपने घर में या घऱ के आसपास गमलों में, टायरों में, गड्ढों में पानी को जमा न होने दें। कूलर के पानी को सप्ताह में एक बार जरूर बदलें । इन्हीं में डेंगू का लार्वा पनपता है। उन्होंने ने बताया कि एंबेड परियोजना के प्रतिनिधियों के द्वारा डेंगू बचाव और जागरूकता गतिविधियों में सहयोग किया जा रहा है ।
बुखार होने पर यह करें:
• प्रशिक्षित चिकित्सक को दिखाएं
• चिकित्सक की निगरानी में दवा के साथ पर्याप्त बेड रेस्ट लें
• तरल भोज्य पदार्थों का सेवन करें और खूब पानी पिएं
• तीव्र बुखार की स्थिति में 108 एंबुलेंस की सहायता से अस्पताल पहुंचें
• बुखार हो तो यह न करें
• अपने मन से दवा न लें
• शारीरिक श्रम न करें
• बुखार उतरने लगे तो निश्चिंत न हों और सावधानी जारी रखें
• बुखार ठीक होने के बाद भी बेड रेस्ट लें
डेंगू के लक्षण
• तेज बुखार
• त्वचा पर चकत्ते
• तेज सिर दर्द
• पीठ दर्द
• आंखों में दर्द
• मसूड़ों से खून बहना
• नाक से खून बहना
• जोड़ों में दर्द
• उल्टी
• डायरिया
डेंगू की स्थिति जिले में
वर्ष कुल केस
2021 1161
2022 35
2023 173
2024 0
: विवि कर्मचारी को नहीं मिला न्याय तो सपा-कांग्रेस करेगी उग्र आंदोलन
Wed, May 15, 2024
आगरा। डॉ भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय एक बार फिर सुर्खियों में है। आपको बता दें एक पीड़ित कर्मचारी ने सुसाइड नोट लिखकर कैबिनेट मंत्री के बेटे पर गंभीर आरोप लगाए हैं। विश्वविद्यालय कर्मचारी दिनेश कुशवाहा ने जहर खाकर जान देने की कोशिश की।
पीड़ित कर्मचारी ने बताया कि वह पिछले 2 साल से दक्षिण विधानसभा के विधायक एवं शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय के यहां माली का कार्य करता था। डेढ़ महीने पहले पीड़ित ने विश्वविद्यालय के अधिकारियों को अपनी पीड़ा से अवगत कराया लेकिन अधिकारियों ने कोई संज्ञान नहीं लिया। पीड़ित दिनेश कुशवाहा ने शिक्षा मंत्री और उनके बेटे के द्वारा पीड़ित किए जाने से विषैला पदार्थ खाकर अपनी जान देने की कोशिश की। पीड़ित को आगरा के जीजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया जहां डॉक्टरों के इलाज के बाद उसकी जान बचाई जा सकी।
पीड़ित की पत्नी ने शिक्षा मंत्री व उनके बेटे पर आरोप लगाया। वहीं विश्वविद्यालय के कुलपति ने किसी भी तरह की जानकारी होने से किया मना किया है। अब सवाल यह उठता है कि विश्वविद्यालय में कार्यरत कर्मचारी क्यों 2 साल से शिक्षा मंत्री के यहां कार्य कर रहा था।
पीड़ित दिनेश कुशवाहा को न्याय दिलाने के लिए छात्र संगठन सपा और कांग्रेस पार्टी के पदाधिकारियों ने एक संयुक्त प्रेस वार्ता का आयोजन किया। प्रेस वार्ता में विश्वविद्यालय के कुलपति के ऊपर लगाए गंभीर आरोप लगाए गए कि आखिर किसके आदेश से विश्वविद्यालय में कार्यरत कर्मचारी को शिक्षा मंत्री के यहां कार्य करने के लिए भेजा गया। उन्होंने कहा कि अगर पीड़ित को न्याय नहीं मिलता है तो समाजवादी पार्टी व कांग्रेस के पदाधिकारी उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
: 5 हजार से अधिक आहुतियों के साथ संपन्न हुआ मां पीताम्बरा देवी का प्राकट्य उत्सव, बैंड के साथ हुई भव्य आरती
Wed, May 15, 2024
वजीरपुरा स्थित प्राचीन सीताराम मंदिर में आयोजित हुआ भव्य− दिव्य समारोह
पंचामृत− पंचगव्य अभिषेक, श्रंगार− फूल बंगला के भक्तों ने किये दर्शन, उमड़ा आस्था का ज्वार
आयुर्वेदिक जड़ी− बूटियों की हवन में दी गई आहुतियां, सत्ता की अधिष्ठात्री देवी हैं मां पीताम्बरा
आगरा। पीताम्बा पीतपुष्पा च पीतवस्त्रप्रिया शुभा, पीतगन्धप्रिया रामा पीरत्नार्चिता शिवा… प्रार्थना के ये शब्द गूंज रहे थे और गूंज रहे थे वैदिक आहुतियों के मंत्र। हवन की सुगंध से वातावरण दिव्य हो रहा था वजीरपुरा स्थित प्राचीन सीता राम मंदिर का परिसर।
बुधवार को मंदिर परिसर में स्थित मां पीताम्बरा देवी का प्राकट्य उत्सव एवं स्थापना दिवस मां पीताम्बरा सेवा समिति द्वारा समारोह बड़ी ही धूम धाम के साथ मनाया गया।
भोर के साथ मंदिर महंत अनंत उपाध्याय सहित अशोक उपाध्याय, अजय उपाध्याय, अरुण उपाध्याय, मुकेश शर्मा, कृष्णा मिठास, पंकज शास्त्री ने माता का पंचगव्य, पंचामृत, फलामृत आदि से अभिषेक किया। फूलबंगला में पीत वस्त्र धारण कर मां पीताम्बरा ने भक्तों को फिर दिव्य दर्शन दिए। मंदिर परिसर में ही वैदिक मंत्रों के साथ मां बगलामुखी का हवन हुआ। जिसमें करीब 5000 से अधिक आहुतियां भक्तों द्वारा अर्पित की गयीं। माता की प्रसादी का रसपान करने के लिए भक्तों का ज्वार देर रात तक उमड़ता रहा।
सायंकाल श्रीजी बैंड द्वारा संगीतमय आरती जब हुई तो जो भक्त जहां था वहीं से माता को अपलक निहारता ही रहा। उत्सव के समापन पर आतिशबाजी की गयी।
आयोजन की व्यवस्थाएं मनीष अग्रवाल, मनोज अग्रवाल, आयुष, हनी, बॉबी, प्रदीप सैनी, विकास शर्मा, कमल शास्त्री, अमरनाथ शर्मा, वंदना, ममता, लता, दुर्गा, नीतू, अनुराग गुप्ता, राधिका, आदिशक्ति परिवार द्वारा संभालीं गयीं।
ये रहे उपस्थित
राज्य महिला आयोग सदस्य निर्मला दीक्षित, नेशनल चैंबर अध्यक्ष अतुल गुप्ता, मनोज गुप्ता, नीतेश अग्रवाल, संजय गर्ग, संजय गोयल, संजीव गुप्ता, मनोज नागा, धर्मेंद्र गर्ग, शेखर गोयल, ब्रजेश अग्रवाल, राकेश गुप्ता, डॉ घनश्याम अग्रवाल, सुजाता, प्रीति आदि मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
उत्तराखंड से मंगाई गई हवन के लिए सामग्री
मंदिर प्रबंधन समिति के कृष्णा मिठास ने बताया कि मां बगलामुखी का हवन कई प्रकार की सिद्धियों को देने वाला है। सनातन धर्म में माता के हवन का विशेष महत्व है। जगत कल्याण हेतु हवन में आहुतियों अर्पित करने के लिए सामग्री के रूप में उत्तराखंड, कन्नौज आदि से विशेष जड़ी बूटियां मंगाई गईं थीं।
दतिया का रूप है आगरा में
मां पीताम्बरा सेवा समिति के मनीष अग्रवाल ने बताया कि माता सत्ता की देवी मानी जाती हैं। मध्यप्रदेश के दतिया जिले में मां पीताम्बरा का शक्तिपीठ विश्व प्रसिद्ध है। आगरा के सीताराम मंदिर में विराजित मां का विग्रह बिल्कुल दतिया के विग्रह का ही आभास देता है। आगरा प्रतिमा स्थापना में रोहित गर्ग का विशेष सहयोग रहा। यहां हर शनिवार को मां के विशेष दर्शन होते हैं। साथ ही विगत दस वर्षों से मां का हवन यहां निरंतर किया जा रहा है।