Wed 24 Jun 2026
Breaking News Exclusive
ऑटिज्म ग्रसित बच्चों के लिए योग है वरदान, दैनिक जीवन में अपनाने का आह्वान ‘कफन’ फिल्म ने दिया मानवता, एकता और सामाजिक समरसता का सशक्त संदेश कमला नगर में वरिष्ठ नागरिकों को मिली बड़ी सौगात, बहुद्देश्यीय हॉल और ई-लाइब्रेरी का हुआ शिलान्यास ग्रीष्मकालीन अवकाश में भी नहीं थमा योग का उत्साह, प्रिल्यूड पब्लिक स्कूल में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर रिकॉर्ड सहभागिता भारत विकास परिषद् नवज्योति शाखा ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर आयोजित किया विशाल योग शिविर डॉ. हेडगेवार महानाट्य में जीवंत हुआ संघ स्थापना का इतिहास, राष्ट्रभक्ति से ओत-प्रोत रहा सूरसदन क्षत्रिय समाज की एकता का संकल्प, राजपुर चुंगी शाखा के पदाधिकारियों ने ली शपथ पिता के समर्पण को मिला सम्मान: बेस्ट फादर अवार्ड-2026 में आठ प्रेरणादायी पिताओं का अभिनंदन खाटू श्यामजी ग्लोबल सोसाइटी के रक्तदान एवं स्वास्थ्य शिविर में 62 यूनिट रक्तदान जूता मार्केट में एनओसी की अंतिम तिथि बढ़कर 10 जुलाई, दलालों से सावधान रहने की अपील

सूचना

Pragya News 24 is News Blog to Providing all over News of World.

: सड़क किनारे जंजीर में जकड़े बच्चे को देखकर ठिठके कदम, माँ ने बताई दुखभरी दास्ताँ

Pragya News 24

Sun, Jun 2, 2024
Post views : 27

Agra. जो उम्र बच्चों की खेलने की है मां के दुलार करने की है। उस उम्र में अपने इकलौते जिगर के टुकड़े को जंजीरों में कैद करने को एक माँ मजबूर हो गई है। यह नजारा मानसिक चिकित्सालय की रोड पर देखने को मिला। जिसने भी यह दृश्य देखा वो हैरान रह गया और फिर उसके उसके बारे में पूछने लगा कि आखिर का बच्चों को जंजीरों में कैद क्यों रख कर रखा है।

48 डिग्री सेल्सियस तापमान में जहां हर कोई इस भीषण गर्मी से बचने के लिए एसी और कूलर का सहारा ले रहा है। ऐसे में एक मासूम बच्चा जंजीरों में जकड़ा हुआ सड़कों पर दिखाई दिया। जब बच्चे की मां से वार्ता हुई तो उसका दर्द छलक आया।
गोरखपुर के अलीनाबाद के रहने वाले अमित पांडे और उनकी पत्नी दीप शिखा ने बताया कि 12 वर्ष का इकलौता पुत्र वंश मानसिक रूप से बीमार है। वो किसी पर भी हमला कर देता है। कई बार खुद को नुकसान पहुंचा लेता है। मजबूरन उसे जंजीरों में जकड़ कर रखना पड़ता है।

पीड़िता ने बताया कि बेटे के इलाज के लिए वो शनिवार को आगरा के मानसिक चिकित्सालय इलाज के लिए लाए थे। यहां चिकित्सकों ने उसे भर्ती नहीं किया और मंगलवार को बुलाया है। उनके पास इतना धन नहीं है कि वो किसी होटल में रूक सके इसलिए मजबूरन उन्हें एमजी रोड पर आगरा कालेज के पास फुटपाथ पर रहकर समय गुजारना पड़ रहा है। इतनी गर्मी के बीच पानी के लिए भी जद्दोजहद करना पड़ रहा है। कोई खाने के लिए दे जाता है तो खा लेते हैं। वरना भूखे रहने को मजबूर हैं।

वहीं इस घटना की जानकारी होने पर समाजसेवी नरेश पारस ने मानसिक रूप से बीमार बच्चे को लेकर मानसिक चिकित्सालय प्रशासन से बात की, जिसके बाद बच्चे को भर्ती कर लिया गया है।

Tags :

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन