Sun 03 May 2026
Breaking News Exclusive
अग्रवाल महासभा ने महाराजा अग्रसेन की प्रतिमा की पूजन कर मनाया स्थापना दिवस शमसाबाद में भव्यता से निकली भगवान परशुराम शोभायात्रा, ढोल-नगाड़ों व जयकारों से गूंजा नगर सरकार की योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाएगा प्रचार रथ, भाजपा ध्वज फहराकर किया आगरा लोकसभा के विभिन्न क्षेत्रों के लिए रवाना शब्द स्वर वंदन में उठा आत्ममंथन का स्वर, युवा पीढ़ी को धर्म से जोड़ने पर जोर झूलेलाल मेले में सिंधी कला, संस्कृति और खान-पान के संगम संग बिखरे कला और संस्कृति के रंग नितेश अग्रवाल बने अग्रवाल महासभा के अध्यक्ष और महामंत्री बने सतेन्द्र अग्रवाल गौ माता को राष्ट्र माता' बनाने के संकल्प के साथ तहसील पर उमड़ा आस्था का जन-सैलाब! एमएसएमई उद्यमियों को सशक्त बनाने की दिशा में पीएनबी का मेगा आउटरीच कार्यक्रम आमंत्रण और ध्वज यात्रा के साथ हुआ मां पीतांबरा महोत्सव का हुआ भव्य शुभारंभ प्रेलुडिएस्टा सिल्वर जुबली जिला स्कूल शतरंज टूर्नामेंट 2026 का भव्य आगाज

सूचना

Pragya News 24 is News Blog to Providing all over News of World.

: भैया दूज पर ताजगंज क्षेत्र में हुआ पहलवानों का दंगल, देखने पहुंची भीड़

Pragya News 24

Wed, Mar 27, 2024
Post views : 27

Agra. भैया दूज की पावन पर्व पर ताजगंज क्षेत्र में पहलवानों ने दंगल करने की परंपरा को जारी रखा। इस दंगल में आगरा के अलावा दूर दराज से हर उम्र के पहलवान अपना दमखम दिखाने के लिए पहुंचे थे। दंगल करने वाली कमेटी ने नियमों के अनुसार इस दंगल को कराया। इस दंगल में 1000 से लेकर 31000 रुपए तक की कुश्ती कराई गई। दंगल को देखने के लिए भारी संख्या में लोग पहुंचे।

आपको बताते चले कि ताजगंज क्षेत्र में दंगल कराये जाने की परंपरा सैकड़ो वर्ष पुरानी है। ताजगंज क्षेत्र से ही बड़े-बड़े पहलवान निकले थे जिन्होंने दंगल और कुश्ती में आगरा का नाम रोशन किया था। उन्हीं की याद में इस दंगल व कुश्ती कराई जाने की परंपरा को राठौर समाज ने बरकरार रखा है। दंगल व कुश्ती आयोजन समिति में शामिल प्रमोद कुमार राठौर ने बताया कि यह कुश्ती व दंगल उनके बुजुर्गों के समय से होता चला रहा है। जब वह छोटे थे तभी से कुश्ती और दंगल देखते हुए आए हैं। उनके बुजुर्गों के गुजर जाने के बाद अब इस परंपरा को हम सभी लोग निभा रहे हैं। दंगल व कुश्ती भी नियम के अनुसार ही कराई जाती है साथ ही कुश्ती के दौरान जो लोग नियमों को तोड़ते हैं उन्हें दंगल से बाहर कर दिया जाता है। दंगल व कुश्ती शुरू होने से पहले ही सभी लोगों को समझा दिया जाता है कि यह एक खेल है जिसमें हाजीत लगी रहती है, इसे प्रतिष्ठा न बनाये।

अमरनाथ पहलवान बताते हैं कि यह एक भारतीय खेल है। वह आज भी अखाड़ा चलते हैं और जिन्हें पहलवान व कुश्ती का शौक है ऐसे लोगों को पहलवान ही व कुश्ती के गुण भी सिखाते हैं। उन्होंने बताया कि बुजुर्गों की परंपरा को आज भी वह निभा रहे हैं। इस दंगल में पहलवान अपना दमखम व खेल दिखाने के लिए आते हैं। ताजगंज क्षेत्र में जो कुश्ती व दंगल होता है पूरे आगरा में कहीं नहीं होता है। यहाँ पर एक हजार से लेकर 31 हजार तक की कुश्ती कराई जाती है।

Tags :

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन