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: वायु प्रदूषण ने बढ़ा दी नेत्र, स्किन और सांस के मरीजों की संख्या, चिकित्सक दे रहे ये परामर्श

Pragya News 24

Thu, Nov 9, 2023
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Agra. ताजनगरी में प्रदूषण बढ़ने के कारण लोगों के चेहरे की रंगत उड़ने लगी है। सांस, अस्थमा और एलर्जी रोगियों की परेशानियां बढ़ गई हैं। लोगों की आंखों में जलन और थकान की समस्याएं भी ज्यादा हो गई हैं। इसके अलावा स्किन के रोगी भी विभिन्न समस्याओं को लेकर पहुँच रहे है। लोगों की सेहत के लिए वायु प्रदूषण लोगों के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है।

आगरा जिला अस्पताल में इस समय नेत्र रोग स्किन रोग और टीबी विभाग की ओपीडी में मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है। नेत्र और स्किन की ओपीडी में प्रतिदिन 300 से 400 मरीज आ रहे है। उनमें से 30 से 35 प्रतिशत मरीज प्रदूषण की मार झेल रहे है। नेत्र रोग विशेषज्ञ का कहना है कि इस समय आंखों में जलन व खुजली की समस्या सामने आ रही है। ऐसे में मरीजों की संख्या बढ़ गयी है। यह समस्या वायु प्रदूषण के चलते आ रही है। मरीजों को बाहर निकलते वक्त चश्मा लगाने और आंखों को धोते रहने की सलाह दे रहे हैं।

स्किन विभाग के चिकित्सकों का कहना है कि इस समय वायु प्रदूषण के चलते जिन लोगों की स्किन तैलीय (ऑयली) है उनकों मुंहासे, चेहरे पर धब्बे पड़ रहे हैं। जिनका ऑयली नहीं है, उनके चेहरे में रूखापन है। इसकी वजह है कि प्रदूषण, धूल के कण चेहरे के रोम छिद्र बंद कर देते हैं। त्वचा की नमी खत्म हो जाती है। ऐसे मरीजों को चेहरा ढक कर बाहर निकलने और चेहरे को फेसवॉश से धोने की सलाह दे रहे हैं।

जिला अस्पताल में सांस के मरीजों की संख्या भी बढ़ रही है जिन्हें टीबी की बीमारी है उनके लिए यह दिक्कत है और ज्यादा बढ़ गई है। जो दमा के मरीज है उनसे मास्क लगाकर घर से निकलने की सलाह दी गयी है, साथ ही अपनी दवाइयों को साथ लेकर चलने की सलाह दी जा रही है।

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