: मण्डलायुक्त ने की आगरा मंडल के पर्यटन विकाय कार्यों की समीक्षा
Fri, Apr 26, 2024
आगरा । आज गुरूवार को मण्डलायुक्त रितु माहेश्वरी की अध्यक्षता में आगरा मंडल के पर्यटन विकाय कार्यों की समीक्षा बैठक संपन्न हुई। सर्वप्रथम यूपी प्रोजेक्ट्स कारपोरेशन लिमिटेड निर्माण ईकाई द्वारा जनपद आगरा, फिरोजाबाद और मैनपुरी में प्रमुख धार्मिक स्थलों, घाटों पर कराये जा रहे पर्यटन विकाय कार्यों की समीक्षा की गयी। फतेहपुर सीकरी में 25.63 लाख की लागत से महाराजा सूरजमल पार्क, मैनपुरी में लगभग 76 लाख की लागत से रामलीला मैदान, फिरोजाबाद में 1.55 करोड़ की लागत से बाबा आश्रम जाटव मंदिर पर पर्यटन की दृष्टि से विकास कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा संबंधित विभाग को हैण्डओवर की प्रक्रिया की जा चुकी है जबकि शेष स्थलों पर विकास कार्य प्रगति पर हैं जिसमें कैलाश मंदिर, बटेश्वर में जैन तीर्थ स्थल शौरीपुर, बटेश्वर नाथ मंदिर काॅम्पलेक्स, बाबा बनखंडी महादेव मंदिर, मैनपुरी में मारकण्डेय मंदिर विधुना, औंछा स्थित च्वयन आश्रम, बाबा बालकनाथ प्राचीन मंदिर, फिरोजाबाद में करहरा स्थित सामौर बाबा मंदिर, वनखण्डी मंदिर, नादेश्वर मंदिर सिरसा खास, सैनावली में प्राचीन पंचवटी हनुमान मंदिर इत्यादि प्रमुख स्थलों पर पर्यटन विकास कार्य किया जा रहा है। मंडलायुक्त ने प्रगति पर सभी विकाय कार्यों को आगामी 2-3 माह में अंदर ही पूर्ण करने के निर्देश दिए।
उप वन संरक्षक राष्ट्रीय चम्बल सेंक्चुरी द्वारा फतेहाबाद किरावली के ग्राम अरसेना, रूनकता स्थित सूर सरोवर पक्षी विहार, कीठम को ईको टूरिज्म के रूप में विकसित किए जा रहे कार्य की समीक्षा की। 1.67 करोड़ की लागत से रेलिंग चेन लिंक फेसिंग, पार्किंग, पाथवे नेचर टेवल, स्टोन बेंच, गोल हट, सोविनियर शाॅप, बर्ड वाॅच टाॅवर, साईनेज, बायो टाॅयलेट, आर ओ वाॅटर सप्लाई इत्यादि कार्य लगभग पूर्ण कराये जा चुके हैं। शेष कार्य को जल्द पूर्ण करने के निर्देश दिए। जनपद फिरोजाबाद में विकसित किए गये रपड़ी ईको टूरिज्म सेंटर की समीक्षा की गयी। लगभग 354 हेक्टे. में बसे इस टूरिज्म सेंटर पर वाॅच टाॅवर, तितली पार्क, मोटर बोट, नेचर ट्रेल/ट्रैक, वुडेन काॅटेज, गोल हट एवं रहस्यमयी गुफा इत्यादि मनोरंजक सुविधाएं विकसित की गयी हैं। मंडलायुक्त महोदया ने इस टूरिज्म सेंटर को बटेश्वर पर्यटक स्थल से जोड़ने, और पर्यटन गतिविधियां जोड़ने, एप्रोच मार्ग पर जगह-जगह साईनेज लगाने तथा ज्यादा से ज्यादा रपड़ी ईको टूरिज्म सेंटर का प्रचार प्रसार करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री पर्यटन विकास सहभागिता योजना के अंतर्गत आगरा विकास प्राधिकरण द्वारा किये जा रहे पर्यटन विकास कार्यों की समीक्षा की। फतेहपुर सीकरी में लाईट एंड साउंड शो की स्क्रिप्ट व थीम का अगले सप्ताह फाइनल प्रजेंटेशन दिखाने को कहा। शहीद स्मारक में फांउटेन एवं सौन्दर्यीकरण के कार्य को मई माह पहले सप्ताह तक पूर्ण कराने के निर्देश दिए। इसके अलावा इनर रिंग रोड़ पर बन रहे एंट्री गेट, रमाड़ा फ्लाईओवर सौन्दर्यीकरण तथा हिल्टन माॅडल रोड़ का कार्य जून माह तक हर हाल में पूर्ण करने को निर्देशित किया। मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण द्वारा पूर्ण हो चुके एवं प्रगति पर चल रहे कार्यों की समीक्षा की। छटीकरा मार्ग पर डिवाइडर मरम्मत व नवनिर्माण, पेड़ों पर फसाड़ लाईटिंग का कार्य, जनपद मथुरा में विभिन्न मार्गों पर प्रकाश व्यवस्था और सोलर लाईट लगाने का कार्य प्रगति पर है। कार्य जल्द पूर्ण कराने के निर्देश दिए।
सीएलडीएफ कार्यदायी संस्था द्वारा आंवलखेड़ा में गुरूदेव श्रीराम शर्मा आचार्य जी की जन्मस्थली में लगभग 2 करोड़ एवं टूंडला के कदमखण्डी बनखण्डेश्वर मंदिर में लगभग 1 करोड़ की लागत से विकास कार्य कराया जा रहा है, 80 प्रतिशत कार्य हो चुका है। उक्त दोनों कार्य अप्रैल माह के अन्त तक पूर्ण करने के निर्देश दिए। इसके अलावा यूपी राजकीय निर्माण निगम, प्रो-पुअर पर्यटन विकास परियोजना की भी समीक्षा की। अवगत कराया गया कि लगभग सभी प्रोजेक्ट कार्य अंतिम चरण में हैं। सभी कार्य जल्द पूर्ण कराने के निर्देश दिए।
गाइडों को स्मार्ट आईडी और जैकेट वितरण किए जाने की समीक्षा की गयी। मंडलायुक्त महोदया ने निर्देश दिए कि जिन गाईडों को स्मार्ट आईडी प्रदान की जा चुकी है, उन्हें और स्थानीय स्तर पर एएसआई द्वारा एंडोर्स किए गये 111 गाईडों को भी शामिल करते हुए सभी को आवश्यक रूप से जैकेट वितरित की जाए। आगरा हेरिटेज फंड की विगत बैठक में लिए गये निर्णयों के अनुपालन की समीक्षा की गयी। अवगत कराया गया कि एडीए द्वारा ताजमहल और आगरा फोर्ट हेतु दो एंबुलेंस क्रय कर ली गयी है। तीसरी एंबुलेंस के क्रय करने के संबंध में निर्देश दिए गये। पर्यटकों की सुविधा हेतु पर्यटन सूचनाओं पर आधारित बुकलेट (काॅफी बुक), लीफलेट छपवाने के निर्देश दिए गये।
बैठक में नगरायुक्त अंकित खंडेलवाल, फिरोजाबाद नगरायुक्त घनश्याम मीणा, मुख्य विकास अधिकारी प्रतिभा सिंह, एडीए उपाध्यक्ष अनिता यादव, क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी दीप्ति वत्स, अपर नगर आयुक्त सुरेंद्र कुमार आदि मुख्य रूप से मौजूद रहे।
: नियमित टीकाकरण कार्यक्रम में शहर की झुग्गी-झोपड़ी, मलिन बस्तियों, घुमंतू परिवार पर होगा ज़ोर
Thu, Apr 25, 2024
नगर में नियमित टीकाकरण कार्यक्रम को सफल बनाने को लेकर हुई कार्यशाला
जागरूकता के लिए धर्मगुरु व प्रभावशाली व्यक्तियों का लिया जाएगा सहयोग
टीकाकरण के लिए आवश्यक है मातृ एवं शिशु सुरक्षा कार्ड, साथ में जरूर लाएं
आगरा। जनपद आगरा में नियमित टीकाकरण कार्यक्रम के सफलतापूर्वक संचालन के उद्देश्य से नियमित टीकाकरण माइक्रोप्लान को लेकर दो दिवसीय जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन एक निजी होटल में हुआ । अपर निदेशक चिकित्सा एवं परिवार कल्याण आगरा मंडल (एडी) डॉ.चंद्रशेखर और मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरूण श्रीवास्तव के निर्देशन में कार्यशाला का आयोजन डब्ल्यूएचओ के सहयोग से किया गया। कार्यशाला में नगर के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी, इम्यूनाइजेशन ऑफिसर (आईओ), ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर (बीपीएम), स्टाफ नर्स और फार्मासिस्ट ने प्रतिभाग किया। इस मौके पर संयुक्त निदेशक (जेडी) डॉ. ज्योत्सना ने कार्यशाला के प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि सभी अपने कार्य क्षेत्र में छूटे हुए बच्चों व गर्भवती का शत प्रतिशत टीकाकरण कराना सुनिश्चित करें।
कार्यशाला में सीएमओ ने कहा कि गांवों की तुलना में नगरीय इलाके में व्यवस्थित व बेहतर रणनीति बनाने की बेहद आवश्यकता है। नगर की सभी पीएचसी, वार्ड व मोहल्ला के अनुसार एएनएम का क्षेत्र तय किया जाएगा। घर-घर जाकर हेड काउंट सर्वेक्षण होगा। उसके बाद प्रत्येक गांव, मजरा, टोला, शहरी क्षेत्र के प्रत्येक वार्ड और मोहल्लों का माइक्रोप्लान तैयार किया जाएगा । इसके बाद बच्चों व गर्भवती की ड्यू लिस्ट तैयार की जाएगी। टीकाकरण से छूटे बच्चे व गर्भवती ट्रैक किए जाएंगे। बुधवार व शनिवार को होने वाले नियमित टीकाकरण सत्र व छाया नगरीय स्वास्थ्य स्वच्छता पोषण दिवस (यूएचएनडी) और ग्राम स्वास्थ्य पोषण दिवस (वीएचएनडी) सत्रों तक बच्चों व गर्भवती को लाने के लिए आशा कार्यकर्ताओं की ओर से घर-घर भ्रमण कर एवं पारस्परिक संपर्क कर सूचना दी जाएगी। हाई रिस्क वाले क्षेत्र जैसे मलिन बस्तियों, झुग्गी झोपड़ी, घुमंतू परिवार, निर्माण क्षेत्र, प्रवासियों आदि स्थलों पर विशेष ज़ोर दिया जाएगा। बाल सुधार गृह, बाल मठ, विधवा गृह, मदरसा आदि स्थानों की सोशल मैपिंग कर टीकाकरण किया जाएगा।
शहरी स्वास्थ्य कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. धर्मेश्वर श्रीवास्तव ने बताया कि ग्रामीण से नगर में आए क्षेत्रों का घर-घर सर्वेक्षण कर ड्यू लिस्ट तैयार की जाएगी। टीकाकरण के लिए रोटरी इंटरनेशनल , सिविल डिफेंस और डूडा का भी सहयोग लिया जाएगा। साथ ही समुदाय को जागरूक करने के लिए धर्मगुरु, प्रभावशाली व्यक्तियों, जन प्रतिनिधियों, महिला आरोग्य समिति के सदस्यों का भी सहयोग लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जनपद व ब्लॉक स्तर पर स्थापित कोल्ड चेन प्वोइंट की क्रियाशीलता सुनिश्चित कर ली जाए। कोल्ड चैन प्वाइंट वैक्सीन के भंडारण तथा तापमान का प्रभारी चिकित्सा अधिकारी स्वयं निरीक्षण करें और इसकी जानकारी लॉग बुक में पंजीकृत करें।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. संजीव वर्मन (डीआईओ) ने बताया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अकोला, पिनाहट, नगरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जीवनी मंडी और नगरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लोहामंडी द्वितीय नियमित टीकाकरण में आइडियल की तरह कार्य कर रहे । नगरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जीवनी मंडी में सबसे अच्छा आरआई माइक्रोप्लान, कार्य क्षेत्र से संबंधित मैपिंग बहुत अच्छे से की गई है, पूर्ण प्रतिरक्षित बच्चे की संख्या 94% है। नगरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लोहामंडी द्वितीय 90% से अधिक है । इसी क्रम में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खंदौली का आरआई माइक्रोप्लान बहुत अच्छा है । सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जगनेर वीपीडी सर्विलांस में बहुत अच्छा कार्य किया जा रहा है। सभी को इनसे से प्रेरणा लेनी चाहिए ।
डब्ल्यूएचओ एसएमओ डॉ. महिमा चतुर्वेदी ने प्रतिभागियों को राष्ट्रीय नियमित टीकाकरण कार्यक्रम के अंतर्गत ‘पाँच साल सात बार, छूटे न टीका एक भी बार’ पर विस्तृत जानकारी दी। इसके साथ ही माइक्रोप्लान किस तरह तैयार करें, किन बिन्दुओं पर विशेष ज़ोर दिया जाए आदि के बारे में विस्तार से जानकारी दी। आउटब्रेक व प्रतिकूल प्रभाव के प्रबंधन के बारे में भी जानकारी दी। मिजल्स-रूबेला (एमआर), वैक्सीन से रोके जा सकने वाले रोग (वीपीडी) निगरानी, डिप्थीरिया और जीरो डोजर वैक्सीनेशन के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त कराई गई । यूनीसेफ के जिला यूनिट कोऑर्डिनेटर राहुल कुलश्रेष्ठ ने सामुदायिक संचार गतिविधियों को बेहतर बनाने के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने टीकाकरण सत्र पर हर एक लाभार्थी को दिये जाने वाले चार प्रमुख संदेश के बारे में चर्चा की। इसमे पहला कौन सा टीका दिया गया और वह किस बीमारी से बचाता है। दूसरा अगले टीकाकरण के लिए कब और कहाँ आना है। तीसरा मामूली प्रतिकूल प्रभाव क्या है और उन्हें कैसे दूर करें। चौथा मातृ एवं शिशु सुरक्षा (एमसीपी) कार्ड को सुरक्षित रखें और अगले टीकाकरण पर जरूर लेकर आयें।
यूएनडीपी के वीसीसीएस शिव तिवारी द्वारा कार्यशाला में वैक्सीन से संबंधित ई-विन और यू-विन ऑनलाइन ऐप के बारे में प्रतिभागियों को विस्तार से जानकारी प्राप्त कराई । इस मौके पर डीपीएम कुलदीप भारद्वाज अपर शोध अधिकारी एस.पी सत्संगी सहित विश्व स्वास्थ्य संगठन के फील्ड मॉनिटर उपस्थित रहे
: समय से पहचान और इलाज से ठीक हो जाता है मलेरिया
Wed, Apr 24, 2024
पाँच वर्षों में 7.3 लाख लोगों की जांच में मिले 184 मलेरिया रोगी हुए स्वस्थ
एकत्रित हुए पानी की साफ सफाई और मच्छरों से बचाव के उपाय में सामुदायिक सहयोग जरूरी
आगरा, 24 अप्रैल 2024 । मलेरिया के लक्षण दिखने पर शीघ्र जांच और इलाज से यह पूरी तरह से ठीक हो जाता है । जिले में वर्ष 2019 से लेकर 23 अप्रैल 2024 तक की अवधि में करीब 7.3 लाख लोगों की मलेरिया की जांच करवायी गयी, जिनमें से 184 लोग मलेरिया की बीमारी से पीड़ित मिले। सभी का इलाज किया गया और सभी ठीक भी हो गये। शीघ्र हस्तक्षेप के कारण इस अवधि में इस बीमारी के कारण कोई मौत रिपोर्ट नहीं हुई । यह जानकारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने दी। उन्होंने बताया कि घर के बाहर और भीतर एकत्रित हुए पानी की साफ सफाई और मच्छरों से बचाव के उपाय में विभागीय प्रयासों के साथ साथ सामुदायिक सहयोग आवश्यक है। इसे बढ़ाने के उद्देश्य से ही प्रति वर्ष 25 अप्रैल को विश्व मलेरिया दिवस मनाया जाता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इस वर्ष के दिवस की थीम रखी है-‘‘अधिक न्यायोचित विश्व के लिए मलेरिया के खिलाफ लड़ाई में तेजी लाना ।’’
वेक्टर बोर्न डिजीज के नोडल अधिकारी डॉ. सुरेंद्र मोहन प्रजापति ने बताया कि वर्ष 2027 तक प्रदेश में भी मलेरिया का उन्मूलन करना है और इस कार्य के लिए समुदाय की भागीदारी बढ़ाने पर जोर है । लोगों को ‘‘हर रविवार, मच्छर पर वार’’ के नारे को साकार करना होगा और इस दिन घर के आसपास एकत्रित पानी को साफ करना पड़ेगा। कूलर और अन्य पात्रों के पानी की भी साफ सफाई जरूरी है। इस बीमारी का मच्छर साफ पानी में एकत्रित होता है और सुबह शाम काटता है । बारिश का मौसम शुरू होने से पहले पानी के टैंक, गमले, पशु पक्षियों के पीने के पानी के पात्र, नारियल के खोल और बोतल जैसी सामग्री में पानी को इकट्ठा होने से रोकने के लिए उपाय करने हैं या फिर निष्प्रयोज्य सामग्री को नष्ट कर देना है ।
जिला मलेरिया अधिकारी राजेश गुप्ता ने बताया कि संक्रमित मादा एनाफिलिज मच्छर के काटने से यह बीमारी होती है । मच्छर के काटने के तेरहवें से चौदहवें दिन में इसके लक्षण आते हैं। नियमित अंतराल पर तेज बुखार के साथ ठंड लगना, कमजोरी, पसीना होना, बार बार उल्टी होना, पेशाब में जलन, मूत्र का कम आना, लाल मूत्र आना और खाना खाने में असमर्थता इस बीमारी के प्रमुख लक्षण हैं। इसके रैपिड डॉयग्नोस्टिक टेस्ट (आरडीटी) की सुविधा आशा कार्यकर्ता से लेकर उच्च चिकित्सा संस्थानों तक में उपलब्ध है । स्लाइड से जांच की व्यवस्था सभी सरकारी अस्पतालों में मौजूद है और इसकी सभी दवाएं भी वहां उपलब्ध है।
तीन दिन में ठीक हो जाता है जानलेवा मलेरिया
सहायक मलेरिया अधिकारी नीरज कुमार ने बताया कि मलेरिया के दो प्रकार प्लाजमोडियम वाईबैक्स (पीबी) और प्लाजमोडियम फैल्सीफोरम (पीएफ) प्रमुख तौर पर हमारे अंचल में पाए जाते हैं। पीएफ मलेरिया का समय से इलाज न करने पर जटिलताएं अधिक बढ़ सकती हैं और इसके कई मामलों में रक्तस्राव का भी होने लगता है। अगर इसकी समय से पहचान कर इलाज हो तो महज तीन दिन की दवा से ठीक हो जाता है । वर्ष 2024 में अभी तक मलेरिया का एक मरीज मिला है, वह भी उपचार के उपरांत पूरी तरह स्वस्थ है।
किट से पहचान होने पर बनती है स्लाइड
मलेरिया इंस्पेक्टर योगेश चौधरी ने बताया कि जब कोई आशा कार्यकर्ता किसी संभावित मरीज का किट से जांच करती है और उसमें मलेरिया की पुष्टि होती है तो लैब टेक्निशियन की मदद से स्लाइड जांच भी करायी जाती है। समय समय पर एलटी, सीएचओ और आशा का इस संबंध में संवेदीकरण भी किया जाता है ।